Sunday, April 26, 2015

FUN-MAZA-MASTI बॉस की बीवी

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बॉस की बीवी 


एक दिन मुझे अपनी बॉस की वाइफ का कॉल आया. मेरे बॉस आज बहार जा रहे थे और उनकी बीवी ने कहा की मैंने कामवाली को भी छुट्टी दे दी हैं तुम आ जाओ घर पर. उसने कहा की आज मेरे घर आ जाओ रातभर के लिए, मैं सेक्स के लिए पागल हुए जा रही हूँ. साथ में उसने यह भी कहा की तुम्हारे लिए एक गिफ्ट भी ले रखी हैं जल्दी आ जाओ.
मैंने कहा ठीक हैं मैं आता हूँ कुछ देर में. मैं तैयार हुआ और उसके घर की और निकल पड़ा. रस्ते में मैंने वोडका की बोतल ले ली. उसने मुझे कहा की डिनर मैं ऑर्डर कर दूंगी.
मैंने डोरबेल बजाई. मेडम ने ही दरवाजा खोला. क्या लग रही थी वो, रेड कलर की नाइटी पहनी थी वो भी एकदम नयीवाली. उसके बूब्स कपड़ो में से मुझे झाँक झाँक के देख रहे थे जैसे.
उसने मुझे वही दरवाजे में खड़े खड़े ही आँख मारी. मैंने घर में झाँका तो उसने कहा, घर कोई नहीं हैं. बंटी और राधा पड़ोस में गए हैं प्रोजेक्ट के लिए.
मैंने कहा, पूरा प्लान बना के रखा हैं तुमने!
उसने हंस के मेरा हाथ पकड़ा और मुझे घर में खींचते हुए कहा, हां आज तो मैं बहुत मजे लुंगी, बहुत दिन से तडपा रहे थे तुम.
मैंने मेडम को वही दबोच लिया, उसके बूब्स मेरी छाती के ऊपर गड रहे थे और उसके निपल्स में अकडन थी. मैंने मेडम की गांड पर हाथ दबाया और अपनी और खिंच लिया. मेडम की साँसे उखड़ी हुई थी और वो मुझे ऊपर हो हो के किस देने की फिराक में थी. मेडम की हाईट कम हैं इसलिए उसे ऊपर हो हो के ही सब कुछ करना पड़ता था!
मैंने मेडम की गांड के ऊपर की लिसी नाइटी को पकड़ा और फिर हाथ आगे कर के उसकी नाइटी को खोलने लगा. नाडा खोलते ही नाइटी जमीन पर गिर पड़ी. मेडम ने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था और उसकी झांट मुझे दिखने लगी. मेडम ने अब अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और उसे दबाने लगी.
मैंने मेडम को दूर किया और उसके मम्मे अपने हाथ में भर लिया. अब वो पूरी नंगी हो गई और उसने मुझे भी नहीं बक्षा. मेरे नंगे होते ही मैंने कहा, वोडका नहीं पीनी हैं.
मेडम ने कहा, पहले तो मैं तेरे लंड का रस पीउंगी डार्लिंग, फिर चुदवाने के बाद हम वोडका पियेंगे.
इतना कह के मेडम ने मेरे लंड की नाली को अपने मुहं में भर ली. वो लंड को पूरा मुह में ले के ऐसे चूस रही थी. मेडम तो लंड की भूखी थी काफी अरसे से. मेरे बॉस को किडनी की तकलीफ थी और उनका सेक्स जीवन तो जैसे मेरे ऊपर ही निर्भर था. बॉस को मेरे ऊपर बाहुत भरोसा था इसलिए उनके घर आनेजाने से उन्हें शक भी नहीं होता था. और कुछ दिनों में ही बॉस की बीवी ने मेरे ऊपर डोरे डाल के अपनी हवास का शिकार मुझे बना लिया था. और उसकी चुदवाने की स्टाइल इतनी मस्त थी की मैं भी उसके पीछे पागल था.
वो मेरे लंड को गले तक ले रही थी और उसके गले से ग्गग्ग्ग ग्गग्ग्ग ह्ह्ह्हह ग्गग्ग्ग की आवाजें अ रही थी. मैंने उसके बाल पकडे हुए थे और मैं अपने लंड को उसके मुह में जोर जोर से ठोक रहा था. मेडम तो लंड को खा जाने की फिराक में थी जैसे. वो मेरे लंड को चूसने के साथ साथ मेरे तत्ते भी दबा रही थी. कसम से बहुत दिनों के बाद मिली थी यह रंडी इसलिए मजे भी चार गुने करवा रही थी. मैं भी उसके मुहं में देते ही जा रहा था लंड को. वो भी आह आह ओह ओह करते हुए लंड से मजे ले रही थी.
५ मिनिट्स तक उसने बिना सांस को रोके लंड से खेला और फिर मेरे लंड ने अपना माल उसके मुहं में ही छोड़ दिया. मेडम ने पूरा मुहं खोला और मैंने वीर्य की एक एक बूंद को उसके मुहं में ही निकाल दिया. मेडम ने सब कुछ पी लिया.
अब मैंने मेडम को खड़ा किया और उसके मम्मो को मुहं में भर लिया. मेडम खुद भी मम्मे दबा के चुसवा रही थी. मैं बारी बारी दोनों निपल्स को चूस रहा था. मेरा लंड टाईट हो गया था फिर से उसके मम्मे चूसते हुए.
मेडम के बूब्स चूसते हुए ही मैंने उसे बिस्तर में फेंका. फिर मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी चूत में ऊँगली डाल दी. चूत बहुत गर्म थी और चिकनी थी. ऊँगली सीधी ही चूत में घुस गई. मैं ऊँगली को जोर जोर से चूत में अन्दर बहार करने लगा था. मेडम ने अपना हाथ लम्बा कर के मेरा लंड पकड लिया और ऐसे खींचने लगी जैसे की उसमे से दूध निकलना हो. मेरा लंड एकदम टाईट हो गया था. मेडम ने कहा, चलो अब चोद भी दो मेरे राजा, मैं अबी बहुत चुदासी हो गई हूँ!
मैंने कहा, हां मेरी रंडी चोदुंगा तुझे ऐसे की चूत फाड़ के उसका पानी निकाल दूंगा!
मेडम ने अपने हाथ से मेरे लंड को चूत की फांको पर रगडा और मैंने एक ही झटके में लंड को अन्दर कर दिया. मेडम की चूत में आधा लंड घुस गया. उसके मुहं से अह्ह्ह्हह उईई निकल गया. मैंने फिर से एक धक्का दिया और अब की लंड पूरा चूत में घुस गया. मेडम ने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और मैं अपनी कमर को हिला के उसकी चूत को जोर जोर से ठोकने लगा. मेडम भी अपनी गांड को उठा उठा के चुदवा रही थी. मेरा लंड फच फच की आवाज से मेडम की प्यासी गीली चुत में अन्दर बहार हो रहा था. और वो किसी हॉट रंडी के जैसे अपने कुल्हे उठा उठा के चुदवाती जा रही थी.
उसके मस्तक पार पसीना था और मेरे भी. हम दोनों को भी गर्मी लग रही थी और बदन भी पुरे भठ्ठी के जैसे हो गए थे. मेडम और जोर जोर से अपनी कमर को हिला रही थी और मैं भी दुगुनी ताकत से उसे चोद रहा था!
अब मैंने अपना लंड चूत से निकाला और मेडम को घोड़ी बना दिया. अब मैं मेडम के पीछे आ गया और अपना लंड चूत में रख दिया. मेडम ने हाथ पीछे किया और मेरे लोडे को छेद पर रख दिया.मेडम की चूत में मेरा लंड घुस गया और मैं फिर से उसकी चूत को फच फच ठोकने लगा. मेडम भी अपनी गांड को आगे पीछे करते हुए लंड के अजे लुटने लगी. मैं अपने लंड को मेडम की चूत में अन्दर बहार होते हुए देख रहा था और उसकी गांड को दबा के उसे और भी तीव्रता से चोद रहा था.
२ मिनिट की डौगी स्टाइल चुदाई में ही मेरे लंड का पानी निकल पड़ा. सारा के सारा पानी मैंने मेडम की चूत में ही निकाल दिया. मेडम ने पीछे हाथ कर के अपनी चूत से बहार निकलती हुई वीर्य की बूंदों को अपनी गांड पर मसला.
मैं बिस्तर पर लेटा और वो बोली, बड़ा मजा आ गया मेरे राजा!
मैंने कहा, चलो वोडका पीते हैं.
वो बोली, हाँ और फिर नशे में भी चुदाई करेंगे!
मैंने हंस पड़ा और इस हॉट भाभी को देखता रहा!

FUN-MAZA-MASTI मौसी की बेटी सेक्सी माल

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मौसी की बेटी सेक्सी माल

एक दिन में और मेरी बहेन मेरी मोसी के यहाँ शादी में गए हुए थे मोसी की तीसरे नंबर की बेटी की शादी हो रही थी. अरे दोस्तों में तो अपना परिचय देना ही भूल गया चलो में अपने बारे में आप को बता दू.. मेरा नाम सतीश हे और में मुंबई में रहता हूँ मेरी एक छोटी बहेन हे सुरेखा मेरे माता पिता को गुजरे हुए ५ साल हो गए तब से मे ही घर की देख रेख रखता हूँ घर में में और मेरी बहेन हे. मैं चुदाई का बड़ा रसिया हूँ. मुझे लडकियों के बूब्स चूसना और चूत को चाटना बड़ा पसंद हैं. आज मैं आप को एक सेक्सी बूब्स वाली लड़की की कहानी बता रहा हूँ जो वैसे तो रिश्ते में मेरी मौसी की बेटी ही हैं.
मेरी मोसी गाऊ में रहती हे उसको ४ बेटियाँ और एक बेटा हे दो बेटियों की शादी हो चुकी हे और हम तीसरी की शादी में गए हुए थे और मोसी का लड़का जो अभी बहोत छोटा था जिसकी उम्र थी १० साल .
चलो दोस्तों अब में अपनी कहानी पे आता हूँ में और मेरी बहेन जब मोसी के यहाँ शादी में एक हफ्ता पहले गए थे यानी की शादी तो अभी ८ दिन बाद होनी थी.लेकिन मोसी की जिद की वजह से हमें जल्दी आना पड़ा. मोसी के यहाँ पहोंचते ही सब ने हमारा स्वागत किया लेकिन एक सख्स देर से आया और वो थी मेरी मोसी की सबसे छोटी बेटी आनंदी जो नहाने गयी हुई थी इस लिए वो देर से आई आहा में तो उसे गीले गिले बालो में देख कर देखता ही रह गया.
नहाकर निकली थी तो आनंदी का रूप और भी खिला था वो यु तो सुन्दर थी ही लेकिन नहाकर निकलने ने की वजह से और भी सुन्दर दिख रही थी उसके कपडे भी गले थे उसकी सुन्दरता को और बढ़ावा दे रहे थे. सबकी हाजरी होने की वजह से में चाहकर भी उसे जी भर के देख नहीं सका लेकिन एसा ही मोका मुझे दुसरे दिन मिल गया जब मोसी और घर के सारे लोग पडोसी की बेटी की गोद भराई में गए हुए थे घर में और कोई नहीं था में और आनंदी जो नहा रही थी में तो उसे नहाने जाते देख कर ही कही नहीं गया था और ऊपर से उसे जी भर के देखने का मोका जो मिला था में केसे जाने देता.
घर वाले अभी तो गए ही थे की दो ही मिनट में आनंदी नाहा कर बात रूम से निकली में तो बाथ रूम के सामने ही बता था जेसे वो अन्दर से निकली मेरी और उसकी नजर टकराई बदन में करंट हम दोनों को लगा वो शर्म के मारे नजर ज़ुकाए रूम की और भागी में भी उसके पीछे पीछे गया देखा तो वो आईने के सामने कड़ी थी में उसके पीछे जा खड़ा हुआ और उसके गले बालो को सूंघने लगा. वो सब देख रही थी और मन ही मन मुस्कुरा रही थी.
मेने बातो बातो में उससे पूछ लिया की घर के सारे लोग अब वापस कब आयेंगे तो उसने बताया की शाम हो जायेगी. में तो मन ही मन खुस हो गया क्यों की आनंदी को एसे गिले कपड़ो में देख कर में तो उसे चोदने का मन बना चूका था अब केसे भी करके उसे तैयार करना था बाथरूम से निकलने के बाद की उसकी ये हारकर मुझे शायद उसके करीब जाने की अनुमति दे रही थी जब मेने उसके बालो को सुंघा तब तो वो कुछ नहीं बोली ऊपर से मन ही मन मुस्कुरा रहि थी ये देख कर मेरी हिम्मत और बढ़ गयी और ऊपर से उसने बताया की सब लोगो को आने में शाम हो जाएगी तो मेरे पास पूरा दिन पड़ा था मज़ा लूट ने के लिए.
मेने एक पल खोये बिना उसेके पास जाके उसे कास के पकड़ लिया वो बोलती रही अरे अरे भैया आप ये क्या कर रहे हो…..??कोई देख लेगा तो मुसीबत टूट पड़ेगी ….अभी तो कोई देखने वाला घर में नहीं हे तो क्या मुसीबत आएगी….वो कुछ नहीं बोली तो में समज गया की मदम युही ना…ना… कर रही हे…
मेने उसे और भी दबोचा उसके मुह से आह्ह… निकल गया जो बड़ा सेक्सी था उसके मुह से और आःह्ह्ह.आह्ह्ह…उह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह्ह सुनना चाहता था में ….एसे ही उसे कसते हुए मेने उसके होठो पर किस किया फिर दूसरी बार भी होठो पर किस किया जो लगभग १० मिनट तक किया वो भी जेसे मेरा ही इन्तेजार कर रही हो एसे उसने भी अब मेरा साथ देना सुरु कर दिया.वो मेरे बालो को खिंच रही थी उसकी एसी हरकत से में और भी जोश में आ गया. मेने बिना कपडे उतारे ही उसको ऊपर से चूमने लगा उसके सारे बदन को मेने ऊपर से चूमा और उसके बूब्स को भी बाईट किया.
जब में उसके बूब्स को बाईट कर रहा था तो वो आह्ह्ह ऊउह्ह्ह्ह कर रही थी जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मेरे जोश में भी बढावा कर रहा था.
में तो उसे पागलो की तरह चूम रहा था वो भी अपने आप पर काबू नहीं रख पाई और खुद ही सारे कपडे उतार दिए उसको कपडे उतारते देख में भी जल्दी में आगया और फटाफट अपने सारे कपडे उतार दिए अब हम दोनों पुरे नंगे थे.मेने थोड़ी देर तक उसे ताका क्या थी वो दोस्तों कितनी खुबसूरत थी उसके बूब्स भी क्या कमाल के थे में तो देख कर पागल हो गया था और अब वही अमृत मुझे पीना था दोस्तों अंदाजा लगाओ क्या हाल होगा मेरा उस वक्त. वो भी तो मुजी को देख रही थी उसकी नजर तो सिर्फ मेरे ६ इंच के लंड पर थी हम दोनों खड़े खड़े पहले एक दुसरे को देखा और फिर अचानक ही एक दुसरे पर टूट पड़े वो आई और सीधे मेरे लंड को अपने मुह में लेके चूसने लगी और में खड़े खड़े अपना लंड चुसवा रहा था और उसके बूब्स को दबा रहा था एसा ३० मिनट तक चलता रहा.
फिर मेने उसे उठने को कहा वो मेरे सामने यानी की मुझे एक दम से चिपक के कड़ी हो गयी मेरे लंड को अपनी चूत के मुख पे लगाए. और अपने बूब्स को मेरे चेस्ट पे लगाए थे मेने उसे दिवार की तरफ घुमाया और दिवार से चिपका कर उसकी गांड को चाटने लगा फिर उसे चिपककर दिवार और मेरे बिच उसे कई देर तक उसे दबोचता रहा.फिर वो मेरी तरफ मोदी और हम एक दुसरे के बदन को चुमते रहे.एसे में ही वो दो बार तो अपना पानी छोड़ चुकी थी. वो मेरा लंड लेने को बहुत ही उतावली थी थोड़ी देर और मे उसे चूमता रहा तो वो पहले की तरह बेकाबू हो गयी और मेरे लंड को खीच कर अपनी चूत में घुसाने लगी अब में भी तो पुर झोश में था मेने उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया उसकी चूत ना टाइट थी और नाही ढीली थी शायद वो ऊँगली करती होगी. अपनी प्यास बजाने के लिए इसी लिए आज इतनी उतावली हो रही थी में तो अंदर लंड करके थोड़ी देर तक युही खड़ा रहा और फिर अन्दर बहार करके उसे चोदने लगा.
वो भी अपनी गांड हिला कर चोद रही थी बहोत मज़ा आ रहा था क्या बताऊ दोस्तों उस दिन मुझे कितनी खुसी मिली मेरे बदन और मेरे दिमाग को कितनी शांति मिली. कई सालो की भूक मेने आनंदी से मिटाई थी. हम दोनों एक दुसरे को चोद रहे थे वो आःह्ह्ह आह्ह्हह्ह ऊऊह्ह्ह्ह कर रही थी और मेरे मुह से भी ऊऊऊफ़्फ़्फ़ ऊऊउह्ह्ह्ह aaahhhhhh जेसे सेक्सी आवाज निकल रही थी जो हमारे मज़ा को और हमारे झोस को भी दुगना कर रही थी.
एसे ही चोदते चोदते में आनंदी की चूत में ही झड गया. थोड़ी देर तक उसकी चूत में ही लंड को रख कर हम लोग खड़े रहे खड़े कहदे चोदने में क्या मज़ा या था दोस्तों फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों ने कपडे पहने और सब ठीक ठाक करके घर वालो के आने के समय तक तो नाहा धोकर रेडी हो गए. अगर आपकी भी कोई सेक्स स्टोरी हो तो हमें जरुर बताना.

FUN-MAZA-MASTI आंटी और उसकी बेटी

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 आंटी और उसकी बेटी 

हेलो फ्रेंड, मेरा नाम राहुल राजपूत एंड मैं २१ साल का हु. मुझे सेक्स की कहनिया पढने का बहुत शौक है और मैं इस वेबसाइट पर बहुत सी कहानिया पढ़ी है और यहीं से कहानिया पढने के बाद मुझे अपनी कहानी यहाँ पर शेयर करने की प्रेरणा मिली. ये कहानी २ साल पहले की है, जब मैं १८ की हुआ था और मुझे मेरे पड़ोस की आंटी ने पहली बार सेक्स करना सिखाया था और मजेदार बाद है, कि मैंने बाद मैं उनकी बेटी को बजाया. तो बात मेरे बर्थडे के बाद वाली सर्दियों की है. मेरे बोर्ड के एग्जाम थे और मैं छत पर धुप में पढाई करता था. मेरे पड़ोस में एक आंटी और उसके दो बच्चे रहते थे. अंकल अक्सर घर से बाहर ही रहते थे. तो वो तीनो अकेले ही रहते थे. आंटी का नाम नीना था और उनकी बेटी काम प्रिया और बेटा पाराश. नीना की उम्र करीब ४० साल की होगी और कमाल की खुबसुरत. उसका फिगर ३६-३२-३६ और दूध की तरह सफ़ेद रंग. उसकी बेटी प्रिया भी बिलकुल उसी की कार्बन कॉपी थी.
प्रिया के बूब्स भी ३४, कमर २८ और गांड ३६ थी. माँ-बेटी खूबसूरती में एक दुसरे को काम्प्लेक्स देते थे. मैं तो उन दोनों पर ही जान छिडकता था. ना- जाने, कितनी ही बार मैंने उन दोनों के ना पर मुठ मारी होगी. प्रिया और मैं दोनों एक ही क्लास में थे, तो हम दोनों का एक दुसरे के घर आना जाना लगा हो रहता था और नीना आंटी भी मुझे पसंद करती थी. मेरा बदन भी कसरती था. जब भी मैं छत पर कसरत करता और नीना छत पर होती, तो मेरे मस्त बदन की काफी तारीफ करती. कभी-कभी तो मुझे लगता, कि वो मुझपर लाइन मारती है. उनके मस्त बातो पर मैं स्माइल कर देता या हंस देता था. मम्मी तो मुझे उनसे बचकर रहने को कहती थी. लेकिन, मैं भी कहता था. क्या मम्मी. वो मेरी माँ की उम्र की है. आप भी ना क्या-क्या सोचती हो? लेकिन, मेरी मम्मी का शक जयाज था. वो मुझे अपनी बाहों में लेकर अपनी तड़प बुझाना चाहती थी. अंकल को आये हुए, शायद काफी समय हो गया था और वो किसी के साथ समभंद नहीं बनाना चाहती थी. उन्हें अपनी बेटी का भी ख्याल रखना था, इसलिए शायद उन्होंने मुझे चुना था.
जब मैं छत पर पढता था, आंटी भी छत पर आ जाती थी वो मेरे सामने कपडे सुखाती थी और उनके चुचे ब्लाउज में से अपना पूरा व्यू दिखाते थे. आंटी का पल्लू सारे समय नीचे की गिरा होता था. एक दिन, घर में कोई नहीं था. शायद उनके घर में भी कोई नहीं था. मैं पढ़ रहा था और वो रोज़ की तरह कपड़े सुखा रही थी. अचानक से उनके पैर में मोच आ गयी और वो नीचे बैठ गयी. उन्होंने मुझे आवाज़ दी और मैं भाग कर उनकी छत पर चले गया. हम दोनों के घरो की छत आपस में जुडी हुई थी. तो मैं उनके पास गया. वो छत पर रखे एक पत्थर पर बैठ गयी थी और उनका पैर सूज गया था. वो चल नहीं पा रही थी. मैंने आसपास देखा और उनको गोद में उठा लिया और नीचे ले गया. उनको उनके बिस्तर पर लिटा दिया और उन्होंने मुझे मूव लाने को कहा. मैं उनके पैरो की मालिश कर रहा था. क्या सॉफ्ट स्किन थी उनकी. मेरे साथ लगाते ही, मेरा लंड एकदम तन्न गया. मैंने पैरो को एकदूसरे से सटा लिया और अपने लंड के उभार को अपने दोनों पैरो के बीच में छिपा लिया.
नीना शायद ये देख चुकी थी और उसने अपनी साडी को ऊपर तक खीच लिया और अब साडी उसकी जांघो पर आ चुकी थी. मैंने मूव को अपने हाथो में लिया और उसकी मालिश कर रहा था और धीरे- धीरे मेरा हाथ ऊपर जाता जा रहा था. धीरे-धीरे उसने अपने आप को बेड से लगा लिया और अपनी आँखे बंद कर ली. मैंने उनको आँखे बंद करे हुए देखा, थोडा मौका का फायदा लेना चाह और अपने हाथ को साडी के अन्दर ले गया और उन्होंने मेरे बालो में अपने हाथ डाल दिए और बोली – राहुल, प्लीज. मेरी चूत को चुओ ना. बहुत प्यासी है ये. कब से ये तुम्हारे होठो का इंतज़ार कर रही है. प्लीज आओ ना. नीना की आँखे अभी भी बंद थी, लेकिन वो बार-बार बडबडा रही थी. मैंने एक ही झटके में अपना लोअर उतार दिया और अपने लंड को बाहर निकाल लिया. मैंने उनके ब्लाउज के बटन खोले और बिना रुके उनकी चुचियो को उनकी ब्रा से बाहर निकाल लिया और उनकी साडी को ऊपर तक चढ़ा दिया. उन्होंने अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था. जैसे ही, मेरी नज़र उनकी गुलाबी चूत पर पड़ी, मेरे लंड ने फनफना शुरू कर दिया और उन्होंने मेरे लंड को एकदम पकड़कर अपने मुह में ले लिया और उसको चूस कर गीला कर दिया.
उन्होंने मुझे बोला, राहुल अभी तो बस चोद मुझे. बाद में खेल लेना मेरे बदन से. उन्होंने अपने पैरो को खोल लिया और मैं अपने आप को उनके ऊपर गिरा लिया और अपने लंड को उनकी चूत के मुह पर रखा और एक ही जोरदार झटके में अपने लंड को उनकी चूत में उतार दिया. उनकी चूत काफी खुली थी. शायद बहुत चुदवाई थी उन्होंने. मेरा लंड एकदम अन्दर चले गया था और मैं अपनी गांड को हिलाकर उनकी चुदाई कर रहा था. वो चिला रही थी और बोल रही थी, चोद मादरचोद .. चोद मुझे. भोसदा बना दे मेरी चूत का, बहुत दिनों से प्यासी है. अहहहहः अहहहहः म्मम्मम्म.. उनकी ये आवाज़े मेरा जोश बड़ा रही थी और मैं उनके चूचो को दबाते हुए उनकी चुदाई कर रहा था. हमने पता ही नहीं चला, कि कब प्रिया उनके कमरे के बाहर आकर हम दोनों को देख रही थी. वो कॉलेज से आ गयी थी. उसके पास घर की दूसरी चाभी होती है. उस दिन, शायद लाइट नहीं आ रही थी. जिस वजह से घटी नहीं बजी और वो दूसरी चाभी से दरवाजा खोलकर अन्दर आई और हमें देख रही थी. जब हम दोनों ने देखा, तो वो अपनी टीशर्ट उतर चुकी और अपने बूब्स मसल रही थी.
मैंने उसे भी अपने पास बुला लिया और हम तीनो ने अपने- अपने कपडे उतार दिए और पुरे नंगे हो गये और आपस में लिपट गये. वो दोनों मेरे बदन से खेल रहे और नीना मेरे लंड को पकड़कर चूम रही थी और अब उसने मेरे लंड को अपने मुह में ले लिया और चूस रही थी. हम तीनो ने खूब मस्ती की. मैंने उन दोनों माँ- बेटी को खूब बजाया. अब तो हम तीनो मस्त सेक्स करते.


FUN-MAZA-MASTI फ्रेंड की बड़ी बहन

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 फ्रेंड की बड़ी बहन 


हेलो, फिर से आपके सामने एक नई स्टोरी लेके आया हु. पहले स्टोरी में आप लोगो का अच्छा रिप्लाई आया. टाइम ना बर्बाद करते हुए, स्टोरी पे आता हु. मेरा नाम हर्ष है २४ का हु और दिल्ली में रहता हु. मुझे ये कहते हुए फक्र है, कि आज तक जिस भी भाभी या आंटी या गर्ल को मैंने चोदा है, वो मुझसे बार- बार चुदवाने के लिए लालायित रहती है. ये कहानी मेरे फ्रेंड की बड़ी बहन की है जो मुझसे ६ साल बड़ी थी. उन्होंने ही मुझे चोदना सिखाया. जब मैं १८ साल का था, तो मैं अपने दोस्त के यहाँ अक्सर ग्रुप स्टडी के लिए जाया करता था. जब भी हम लोगो के एग्जाम होने वाले होते थे, तो मैं उसके ही घर पर रात को रुक जाया करता था, क्युकि हम लोग देर रात तक पढ़ते थे और मेरे घर में मेरी पढाई नहीं हो पाती थी. उसकी बड़ी बहन हमें मैथ पढ़ाती थी, उनका नाम प्रिया था और वो २४ साल की गोरी, मस्त फिगर वाली माल थी. बड़े-बड़े चुचे, मोटी गांड और क्या मस्त फिगर था उनका. बट उस समय मुझे इन सब बातो के बारे में कुछ मालूम नहीं था.
एक दिन, मैं ज्यादा रात होने की वजह से उसके ही घर पर रुक गया था और उसके मम्मी-पापा अलग रूम में सोये थे. मैं, मेरा दोस्त एंड उसकी बड़ी बहन तीनो एक साथ डबल बेड पर सोये थे. अचानक रात में, मेरी नीद खुली तो मैं सुसु करने बाथरूम जाने लगा. जैसे ही मैं बाथरूम में गुसा, तो देखा मेरी नीद एकदम से उड़ गयी. प्रिया दीदी बाथरूम में फर्श पर नंगी लेटी थी और अपनी ऊँगली से अपनी चूत को सहला रही थी और मसल रही थी. मैं नीद में चलते हुए गया था, उन्हें इस तरह देखा तो मैं उन्हें सॉरी बोल कर वापस आ गया. वो भी बाथरूम से बाहर आ गयी और मुझे देखकर कुछ नहीं बोली और बिस्तर पर लेट गयी. मैं सुसु करने चला गया. दुसरे दिन, जब मैं सोकर उठा, तो अपने घर चले गया और घर जाके रात के बारे में सोचने लगा, कि आखिर दीदी कर क्या रही थी? उनके नंगे बदन के बारे में सोचते ही, मेरा लंड खड़ा होने लगा था और कब मेरा हाथ उस तक पहुच गया, मुझे पता ही नहीं चला और मैंने उसे हिलाना शुरू कर दिया. कुछ देर बाद, उसमे से जोरदार पिचकारी के साथ वाइट-वाइट कुछ निकला, थोडा दर्द हुआ, लेकिन मज़ा भी आ गया.
फिर मैं लंच करके सो गया. शाम को मैं फिर से उस दोस्त के यहाँ गया और वहीँ रुक गया. मैं दीदी पर ही नज़र डालकर उन्हें घुर रहा था, वो भी मेरी इस हरकत को नोटिस कर रही थी. कुछ दिन ऐसे ही चले. फिर एकदिन, मेरे दोस्त के घर पर कोई नहीं था. दीदी ने मुझे बुलाया और मैं चले गया. फिर उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और कहाँ बैठ, मैं कुछ खाने को लेकर आती हु. मैंने कहा मेरा पेट फुल है और मैं कुछ नहीं लूँगा. फिर वो मेरे पास आके बैठ गयी और हम टीवी देखने लगे. फिर वो मुझसे बोली – तू मुझे आजकल इतना क्यों घूरता है. मैंने बोला, नहीं तो दीदी; ऐसा तो कुछ भी नहीं है. तो वो बोली, मुझे सब कुछ पता है. चल अच्छा ये बता, उस दिन रात में जो तूने देखा. किसी को बताया तो नहीं? मैं बोला – क्या देखा? वो बोली – जब तू सुसु करने आया था और जो तूने देखा, वो. तो मैं बोला – अच्छा वो. नहीं किसी को नहीं बताया. तो वो बोली – एक बात बोलू. मैंने बोला – हाँ दीदी, बोलो. वो बोली – अगर हम कुछ करे, अच्छा वाला. बहुत मज़ा आएगा, उसमे. लेकिन तू प्रोमिस कर, किसी को कुछ नहीं बोलेगा. मैंने बोला – ठीक है. नहीं बताऊंगा प्रोमिस.
वो मेरे मेरे पास आई और मुझसे बोला – अपने कपडे उतार अच्छा. मैंने कहा – नहीं, मुझे शर्म आती है. तो वो बोली – पागल है तू. देखा इतनी ही देर में वो अपने सारे कपडे उतारके नंगी हो गयी और मैं उसे देखता ही रह गया. फिर वो बोली – चल, अब तू भी कपड़े उतार. मैंने भी जोश में आकर अपने कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया. मेरा लंड देखकर वो बोली, छोटा है तेरा लंड. बट काम करेगा. फिर उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और उसको हिलाने लगी. मुझे मज़ा आने लगा था. फिर, वो नीचे अपने घुटनों पर बैठ गयी और अपने हाथ से मेरे लंड को मसलते हुए, उसने मेरे लंड को अपने मुह में ले लिया. जैसे ही मेरा लंड उसके मुह में गुसा. मैं तो मस्ती में पगला ही गया. वो मस्ती में मेरा लंड चूस रही थी और मेरा शरीर उतेजना में हिलने लगा था.
अब अब तेल ले आई थी. उसने मेरे लंड पर तेल लगाकर मालिश करने लगी. बहुत देर मालिश करने के बाद, वो बोली दूध पिएगा. मैं बोला – हाँ. फिर उन्होंने मुझे अपने पास खीचा और अपने दूध पकड़कर मुझे पिलाने लगी. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. क्या सॉफ्ट थे, एकदम फोम की तरह. मैं उन्हें दबा-दबा कर चूसने लगा. वो अहहहहहः अहहहहः की आवाज़े निकालने लगी और बोली और जोर से चूस और जोर से दबा. मैंने अपनी पूरी ताकत से उनके दूध दबाने शुरू कर दिए. वो पुरे लाल पड़ चुके थे. फिर वो बोली – चल नीचे चाट. मैंने बोला – किसे? उन्होंने अपनी टांग फैला ली और चूत खोल दी. क्या चूत थी, एकदम पिंक. लगा रहा था, कि खून टपक रहा हो. फिर वो बोली – चल चूस. मैं चूसने लगा. मुझे टेस्ट अच्छा नहीं लगा बट मैं चूसता रहा. थोड़ी देर बाद, मुझे नमकीन स्वाद मिला. तब मुझे मज़ा आने लगा चूसने में अहहहः हहहः .. क्या मज़ा आ रहा था. अब दीदी भी आवाज़े निकाल रही थी अहहहः आआआ ह्ह्हह्ह्ह्ह आहाहहहहः और तेज और तेज …. अब हम दोनों थकने लगे थे. फिर वो बोली, अब ये जो तेरा लंड है, इसे इस छेद में डाल दे. मैं बोला – ठीक है. फिर मेरा लंड पकड़कर उसने अपने छेद में लगाया और मुझे जोर से अपनी तरफ खीचा. मेरा लंड तेल की मालिश के बाद पूरा चिकना हो चूका था, तो एक ही बार में पूरा अन्दर चले गया. आआआआआआआ वो बोली – आहाहहहः …मज़ा आ गया मुझे तो. मानो मैं तो जन्नत में पहुच गया हु. मेरे लंड पर गरम- गरम लगा रहा था. कितना अच्छा लग रहा था, आपको बता नहीं सकता. क्या मस्त सीन था और फिर वो धीरे-धीरे आगे पीछे करने लगी मुझे. मुझे और भी ज्यादा मज़ा आने लगा था.
फिर थोड़ी देर बाद, वो बोली – तू लेट जा और मैं तेरे ऊपर आती हु. वो मेरा लंड अपनी चूत में डालकर मेरे ऊपर बैठ गयी और खूब तेजी से कूदते हुए, अपनी चूत को मेरे लंड पर ऊपर नीचे करने लगी. बड़ा मज़ा आ रहा था मुझे. पुरे कमरे में फच फच फच की आवाज़े गूंज रही थी. फिर कुछ देर बाद, मज़ा ख़तम हो गया और मेरा वाइट- वाइट निकल गया. आपको बता नहीं सकता, जब वो निकला कितना गरम था. फिर वो थोड़ी देर तो ऊपर नीचे करने लगी, तो मेरी सुसु निकल गयी उनके अन्दर. वो बोली – ये क्या कर रहे हो? मैं बोला – सुसु आ गयी. तो वो बोली – झड़ गये क्या? मैंने कहा – हाँ, वाइट – वाइट निकल गया. वो बोली – बता नहीं सकते थे. तो मैंने कहा – पता ही नहीं चला. वो बोली – मुठ नहीं मारते क्या? मैं बोला – नहीं. वो बोली – तभी छोटा है तेरा. कोई नहीं, मैं बड़ा कर दूंगी तेरा लंड. फिर वो मेरे लंड को मुह में लेके चूसने लगी. उस दिन उनकी दो बाद और चुदाई की और फिर क्या था. अब तो अक्सर मैं उनकी चुदाई करता और उन्होंने भी अपनी चुदाई से मेरे लंड को हथोडा बना दिया.






FUN-MAZA-MASTI दोस्त की वाइफ को प्रेग्नेंट किया

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दोस्त की वाइफ को प्रेग्नेंट किया


हेलो फ्रेंड, मेरा नाम नाम रवि है. मेरी एज २५ साल है. मेरा कास्टिंग एंड बिज़नस है, जिसमे मेरा बचपन का दोस्त राकेश मेरा पार्टनर है. हम दोनों २० साल से एक दुसरे के साथ है. हमने अपनी पढाई भी एक ही साथ एक स्कूल से करी. हम लोग बिलकुल जय-वीरू की तरह है. हम दोनों अपनी सभी ख़ुशी और परेशानिया एक दुसरे से शेयर करते है और सगे भाइयो से भी ज्यादा एक दुसरे को चाहते है.
राकेश की शादी पिछले ही साल हुई और हम सबने शादी में बहुत एन्जॉय किया. उसकी वाइफ यानि हमारी भाभी बहुत सुंदर है, एकदम करीना जैसे. साथ ही बहुत समझदार भी और संस्कारी भी. पर उनकी मेरिड लाइफ में कोई ख़ुशी नहीं थी, वजह जो सिर्फ मुझे, राकेश और उसकी बीवी मीना को मालूम थी. वो थी राकेश की नामर्दी. ये बात मुझे राकेश ने मुझे ही बताई थी, कि वो कभी बाप नहीं बन सकता. मैंने उसको समझा दिया, कि तू किसी डॉक्टर को दिखा. उसने कहा, कि मैंने पहले ही डॉक्टर को दिखा दिया है और कुछ भी नहीं हो सकता है. इस वजह से मीना और राकेश खुश नहीं थे. मीना एक समझदार लड़की थी और वो अपने पति के हर सुख और दुःख में बराबर का साथ देती थी. वो उसे धोखा भी नहीं दे सकती थी. मेरे लिए सब कुछ नार्मल चल रहा था. मैं अपने दोस्त के लिए अपसेट था, लेकिन कुछ कर भी तो नहीं सकता था. एकदिन, राकेश ने मुझसे ऐसी बात कहीं; जो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था. राकेश मेरे पास आया और मुझसे बोला.
राकेश – रवि यार, मुझे तेरी हेल्प चाहिए.
मैं – बोल, इसमें मैं तेरी क्या हेल्प करू?
राकेश – बात बहुत सीरियस है.
मैं – अबे तू सही से बोल, क्या चाहिए?
राकेश – तुझे तो पता ही है, कि मैं बाप नहीं बन सकता और उसके लिए मीना को शर्मिंदा होना पड़ता है. लोग उसे ही बाँझ कहकर बुलाते है और मेरी माँ भी लताडती है.
मैं – इसमें, मैं तेरी क्या हेल्प कर सकता हु?
राकेश – तू मेरे भाई से बढ़कर है. तू मेरी बीवी को प्रेग्नेंट कर दे. मैं तेरा उपकार कभी नहीं भूलूंगा.
मैं – तेरा दिमाग ख़राब हो गया है, ये क्या बक रहा है तू. भाभी को पता चलेगा, तो.
राकेश – मैंने उसे मना लिया है और वो मान गयी है.
मैं – लेकिन, ये सब होगा कैसे?
राकेश – मैं मीना को ३-४ दिन के लिए तेरे साथ भेज दूंगा और घर में कह दूंगा, कि वो अपने मायके गयी है.
मैं – ठीक है.
उसके बाद, मैं और मीना ३-४ दिनों के लिए शिमला के लिए निकल गये. शिमला पहुचकर हमने एक रूम बुक किया. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि क्या करू? मीना चुपचाप बेड पर बैठी थी. उसने अपनी आँखे नीचे की हुई थी. वो सिमटी हुई बैठी थी और शायद घबरा रही थी. मैंने सोचा – कुछ बातें करके इसकी घबराहट निकालनी होगी.
मैं – सर्दी बहुत है. कुछ पियोगी चाय और कॉफ़ी?
मीना – ज …. जी. मैं क … कुछ भी नहीं.
मैं – चलो, मैं कॉफ़ी ले आता हु.
मीना – जी अच्छा, कॉफ़ी पीने के बाद, मैं उस से इधर-उधर की बात करने लगा. फिर हम ने डिनर किया और सोने की तैयारी करने लगे. मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था, क्युकी इससे पहले मैंने कभी सेक्स नहीं किया था और यहाँ सिचुएशन भी कुछ अलग ही थी. वो खुबसूरत और सेक्सी भी बहुत थी. चेहरा गोरा और बदन जिसपर पर दो आकर्षित स्तन(बूब्स) और भरे और सुडोल नितंभ(गांड).
वो भी डरी-डरी सहमी सी बेड के साइड में लेट गयी. हम दोनों एक ही कम्बल में थे. मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी, कि शुरुवात कहा से और कैसे शुरू करू. अभी मैने करवट बदली और मेरा हाथ उसकी गांड को टच हुआ और वो एकदम से उछल पड़ी. वो बुरी तरह काँप रही थी. मेरा मुह उसकी कमर की तरफ था और मेरे घुटने उसकी जांघो को टच करने वाले थे. मेरा लंड धीरे-धीरे तन रहा था. अब मैंने अपनी तरफ से पहल की और उसकी कमर पर अपना हाथ रख दिया. वो जोर-जोर से कांपने लगी. मैंने धीरे-धीरे उसके पेट की तरफ बढाया, उसने जोर से सांस खिची और अपना पेट अन्दर सुकोड़ लिया. उसकी साँसे जोर-जोर से चलने लगी.
मैं धीरे-धीरे उससे सटने लगा, जिस से मेरा तना हुआ लंड उसकी गांड में गड रहा था. वो पूरी तरह से सिमटी हुई मेरे आगोश में थी और काँपे जा रही थी. शायद पराये मर्द के स्पर्श से. अब मैं अपने हाथ से उसके पेट को सहला रहा था और उसे अपनी तरफ खीच रहा था. मेरा लंड जोर-जोर से फड़क रहा था और लोअर से बाहर को मचल रहा था. फिर मैंने अपना हाथ बढ़ाते हुए उसका हाथ पकड़ा और उसको सीधा किया और उसके कान में पूछा – क्या तुम तैयार हो? उसने धीरे से हामी भर ली.
फिर मैंने अपने हाथ उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके बूब्स पर फेरा और उनको धीरे से दबाने लगा. अब वो सिसकिया लेने लगी. अब कम्बल के अन्दर गरमी बढती जा रही थी. मैं उठा और उसको भी बैठाया और उसके रस भरे होठो को चूमने लगा और चूसने लगा. वो बिलकुल ढीली मेरी बाहों में मेरे से चिपकी हुई थी. मैंने एक-एक करके उसके कपडे उतारने शुरू कर दिए और कुछ ही देर में वो मेरे सामने नंगी हो गयी. वो एक हाथ से अपने बूब्स और दुसरे हाथ से अपनी चूत छुपा रही थी. उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी. मैंने भी अपने सारे कपडे उतार दिए और मेरा लंड भी बाहर आकर झूलने लगा.
मैंने उससे आँख खोलने को कहा और जब उसने आँख खोली, तो मेरा लंड देखकर घबरा गयी और उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी. मैंने उसके हाथ उसके बूब्स और चूत पर से हटाये. मेरा लंड उछलने लगा, ये पहली बार था, जब मैंने किसी लड़की को बिलकुल नंगा देख रहा था. अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था. मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके बूब्स चूसने लगा. मेरा लंड उसकी दोनों जांघो के बीच में घुसा हुआ था. मीना सिसकारी ले रही थी, उसके दोनों हाथ मेरे सिर पर दबाव डाल रहे थे और मैं जोर-जोर से उसके निप्पल चूस रहा था. फिर मेरा एक हाथ धीरे-धीरे उसके शरीर को सहलाते हुए उसकी चूत तक पहुच गया. उसकी चूत पर छोटे-छोटे मुलायम रोहेदार बाल थे, जिनसे होती हुई मेरी उंगलिया उसकी मुलायम चूत की तरफ बढ़ी. उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और बहुत ही चिकनी हो रही थी. जैसे ही मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत के छेद में डाली, वो अन्दर तक फिसल गयी और चूत के अन्दर घुस गयी. मीना बुरी तरह से सिहर उठी और मेरे सिर को पकड़कर मेरे बाल खीचने लगी. मेरा जोश और भी ज्यादा बढ़ गया और मैं उसकी चूत में जोर से फिन्गेरिंग करने लगा, वो जोर-जोर से सिस्कारिया मारने लगी.
अब मैं उसके ऊपर से हटा और उसकी टांगो को फैला दिया. अपना लंड उसकी चूत पे रखा और धीरे-धीरे हिलाते हुए उसकी चूत में घुसाने लगा. वो बुरी तरह से चिल्ला उठी. वो मुझसे बाहर निकालने के लिए रिक्वेस्ट करने लगी. मैं थोड़ी देर रुका और फिर एक झटके में पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और झटके मारने लगा. उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे. पर मेरी स्पीड बढती जा रही थी. २५ मिनट बाद, जब में झड़ा, तब तक वो ३ बार झड़ चुकी थी. फिर हमने अपनी पोजीशन बदली और मैंने उससे बेड से नीचे खड़ा किया और उसको झुका कर हाथ बेड पर टेकने को कहा. अब उसकी गांड मेरी तरफ थी. मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसाया और डौगी स्टाइल में चोदने लगा. सारे कमरे में छप-छप की आवाज़ गूंज रही थी. जो हम दोनों को और एक्साइट कर रही थी. मेरे दोनों हाथ उसकी हिलती हुई गांड को थामे हुए थे. और हर झटके के प्रेशर को बढ़ा रहे थे. तो बुरी तरह से मोअन कर रही थी. अहहहः हाहहहः ऊऊऊ म्मम्मम्म उफुफुफुफ्फुफुफ़ … मर ग्यीईईईईइ. १५ मिनट बाद, हमने फिर पोज चेंज किया और अपने ऊपर बैठने को कहा. उस तरह हमने कई टाइप की पोजीशन में पूरी रात चुदाई की और फिर अगले दिन दिनों तक, मैं उसे लगातार चोदता रहा.
अब वो २ बच्चो को माँ है और मेरा दोस्त भी मेरा उपकार मानता है और मेरा जब मन करता है, मैं और मीना मजेदार चुदाई करते है.



FUN-MAZA-MASTI चैट वाली भाभी

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 चैट वाली भाभी

हेलो दोस्तों, मैं राज. आज आपको अपना एक एक्सपीरियंस सुनाता हु. ऑनलाइन चैट फ्रेंड के साथ सेक्स अनुभव जिसमे कई लडकियों या भाभियों की कहानी है. ये चैट फ्रेंड जो होती है, मैंने देखा है इनसे रिश्ता कुछ ही दिनों का होता है. फिर कुछ दिनों बाद ये चैट फ्रेंड रिप्लाई करना बंद कर देती है. कभी-कभी गुस्सा भी आता है और फिर सोचता हु कि कोई बात नहीं, जितने दिन भी चैट की; जितना भी बात की. उसके लिए थैंक्स ही बोल देता हु. क्युकि आजकल की बिजी लाइफ में कोई किसी से कहाँ लम्बे समय तक बात करता है. एनीवे, अब मैं अपनी स्टोरी पर आता हु. हुआ यूकि, मेरे पास एक मेल आई; किसी भाभी जी की. उसने “हेलो” लिखा था. मैंने भी रिप्लाई कर दिया और लिख दिया “हेलो”. क्या हम एक दुसरे को जानते है? और कुछ दूसरी बातें. उनका फिर से रिप्लाई आया, कि मैं सेक्स चैट करना चाहती हु. क्या आप मेरे साथ चैट करेंगे? हम लोगो की बातें स्टार्ट हो गयी और हम लोगो ने काफी सेक्स चैट की. वो सेक्स चैट मैं आपको में डिटेल में बताता हु. वो बोली – मेरे पति से मेरा सेक्स पूरा नहीं होता है और मैं चाहती हु, कि आप ऑनलाइन मेरे साथ सेक्स करे.
फिर, मैंने उसको उसकी पिक सेंड करने को बोला. उसने बहुत मस्त पिक भेजी. अब चैट की बातें- मैंने पहले उनको किस किया फॉरहेड पर, फिर लिप्स पर और फिर समुच किया. फिर पीठ पर और बूब्स को दोनों हाथो से दबाने लगा और पीछे से किस करने लगा. फिर, मैंने उनका टॉप उतार दिया और ब्रा के अन्दर हाथ हाथ डाल दिया और उसके बूब्स को अच्छे से मसाज करने लगा. उसने बोला – ब्रा भी उतार दो ना. फिर मैंने उसकी ब्रा उतार दी और पीछे से पुरे पीठ और आर्म में चुमते हुए चुचियो को दबा रहा हु. अब मैं गले में कान के पास चूम रहा हु और चाट रहा हु. उसके आँखे बंद होती जा रही है और मेरा लंड खड़ा हो गया है. मैं उसकी गांड को टच कर रहा हु, बहुत ही मजेदार फीलिंग थी. वो अब मैंने उसे पलट दिया और चुचियो को मुह में ले लिया और पहले तो बारी-बारी फिर दोनों चुचियो को एकसाथ जोड़कर दोनों निप्पल को एकसाथ मुह में लेकर जमकर चूसा. वो अहहहः अहहहः ऊऊऊ की आवाज़ निकालने लगी और बोलने लगी – और चुसो ना इन चुचियो को. बहुत परेशान करती है अहहहः अहहहः जोर से चुसो ना.
और मैं चूसता रहा, हलके-हलके दांतों से भी काटता रहा. फिर मैंने लोअर भी उतार दी उसकी और पेंटी मैं हाथ डालकर चूत को भी सहलाने लगा. चूत बिलकुल गीली हो चुकी थी. मैं चूत भी सहला रहा था और बूब्स भी चूस रहा था हहहहः अहहहहः म्मम्मम की आवाज़े से मजा और भी डबल आ रहा था. अब बारी थी चूत की सेवा की. मैंने अपने कपडे और उसकी पेंटी भी उतार दी और चूत को जीभ से चाटने लगा. नीचे से ऊपर चूत का दाना तो खिलकर बड़ा हो चूका था और उसे जीभ से सहलाने लगा और चूसने लगा. वो चीखने लगी अहहः अहहहः हहहः खा जाओ मेरी चूत को. अब डाल भी दो. मैं मर जाउंगी. अहहहः हहहः ऊऊऊऊ उम्म्म्मम्म्म्म करने लगी. और उठकर मेरे लंड को मुह में ले लिया और मस्त चूसने लगी. वो कहने लगी, आज मैं ये लंड को खा जाउंगी. ये लंड सिर्फ मेरा है हहहः उम्म्मम्म्म्म म्मम्मम और जोर जोर से चूसने लगी. मेरा पूरा लंड उसके मुह में नहीं जा पा रहा था, लेकिन वो कोशिश करने में लगी हुई थी, कि वो मेरा पूरा लंड अपने मुह में ले ले. कभी वो अपने मुह को मेरे लंड की जड़ तक ले जाने की कोशिश करती और कभी मेरे लंड को अपने हाथो से सहलाते हुए, मुठ मारती.
अब उसने मेरे लंड को नीचे से ऊपर तक अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया और गोलियों को भी मुह में लेकर चूसने और चाटने लगी. पागल हो रही थी, वो मेरे लंड को हाथ में लेकर. मेरा पूरा लंड उसके थूक से भर गया था. जैसे कोई छोटा बच्चा लोलीपोप चूसता है. वो उसे जल्दी से जल्दी खाना चाहता है, कि कोई उससे ले ना ले. बिलकुल वैसे ही वो मेरे लंड के साथ कर रही थी. फिर, मैंने उसे बोला – अब आप लेट जाओ. फिर, मैंने उसकी चूत की चुसाई शुरू कर दी. वो थोड़ी ही देर में, मेरे मुह में झड़ गयी. मुझे लगता था, कि वो दूसरी बार झड़ी थी. फिर मैंने उसकी चूत में लंड को रखा और लंड से चूत को रगड़ने लगा. वो डालो ना.. डालो ना प्लीज मेरे राजा ..बोले जा रही थी और हहहहहः अहह्ह्ह्ह म्मम्मम की आवाज़े निकाल रही थी और अपनी गांड को ऊपर उठा रही थी बार – बार. अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए लंड को उसकी चूत के हवाले कर दिया. मेरा लंड एक ही बार में आधा उसकी चूत में घुस गया और मैंने उसकी चुदाई शुरू कर दी, और जोर-जोर से बोल रही थी – अह्हहः ह्ह्ह्हह्ह फक मी, फक मी हार्डर फक फक करने लगी.
फिर मैंने एक जोरदार स्ट्रोक मारा और मेरा पूरा लंड अन्दर चले गया. वो चीखी अहहहहः ahhhhhhhhhhhh लगता है, उसके पति का लंड मेरे से छोटा होगा. इस बार मेरा पूरा लंड अन्दर चले गया था और अब रेल गाड़ी चल पड़ी थी. छुक छुक छुक छुक छुक अहहहहः हाहाहा,,,,, म्मम्मम की सिटी बज रही थी. मैं उनकी चुदाई किये जा रहा था और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी गांड उठा – उठाकर. मैं भी कभी उनकी चुचिया चूसता और कभी लिप्स को चूमता. फिर, मैं उनको कसकर पकड़कर धक्के लगा रहा था. मैंने उनको डौगी स्टाइल में भी चोदा. गांड को देखकर चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था. मैं उनकी गांड को मसल रहा था और चुदाई किये जा रहा था. लंड को पूरा बाहर निकाल लेता और फिर जोर से अन्दर पेल देता था. उसकी चूत और भी भर जाती थी और एक आवाज़ सी आती थी. फिर २० मिनट तक चली हमारी चुदाई और हम दोनों झड़ गये. ऐसा कई दिनों तक चला. लेकिन आब उसका कोई मेसेज नहीं आता.
और अब वो भी कोई रिप्लाई नहीं करती. होगी कोई उसकी अपनी परेशानी. तो फिर कोई और मिल गया होगा, मुझसे भी बढ़िया चुदाई करने वाला.






FUN-MAZA-MASTI स्कुलवाली गर्लफ्रेंड

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 स्कुलवाली गर्लफ्रेंड 

ये बात ११थ क्लास की है, जब मैं १८ साल का हुआ ही था. मेरी क्लास में एक लड़की थी, किसका नाम उर्वी (उम्र १८ साल) था. वैसे तो उर्वी मेरे सेक्शन में नहीं थी. वो बी सेक्शन में थी. लेकिन मैं अपनी क्लास का टोपर था और आप सब को पता ही होगा, कि अगर आप पढाई में अच्छे है. तो सारी आपको पसंद करती है और किसी ना किसी बहाने से आप से बात करती है. उर्वी स्कूल में ११वि और १२वि क्लास की सबसे हॉट एंड सेक्सी लड़की थी. एक दिन, वो मेरे पास आई, मैथ में कुछ दौब्ट्स लेके. जब मैं उस के दौब्ट्स क्लियर कर रहा था, तो मेरे हाथ पैर बिलकुल ठन्डे पड़ गये थे और कॉप रहे थे. वैसे तो वो जून का महीने था, लेकिन मुहे दिसम्बर जैसे महीने की ठण्ड लग रही थी. कभी-कभी उसको पढ़ाते हुए, मेरा माइंड उसके बूब्स पर चले जाता था. क्या मस्त ३६ के बूब्स थे उसके. मेरा लंड भयंकर रूप से खड़ा होकर बैचेन था और मैं उसे बड़े मुश्किल से कण्ट्रोल किये हुए था. उर्वी भी समझ रही थी, कि मैं उसके साथ ऐसा क्यों बिहेव कर रहा हु.
अब वो भी मुझसे ज्यादा दौब्ट्स पूछने लगी और थोड़ी देर बाद बेल बज गयी और मैंने कण्ट्रोल किया अपने आप को और उससे बोला, कि शाम को मिलते है बेडमिन्टन कोर्ट में. मैं घर गया तो सोच भी नहीं पा रहा था, कि स्कूल की सबसे ब्यूटीफुल लड़की मुझे भाव दे रही है. मैंने बहुत बार सुना था, कि उसे बहुत सारे लडको ने पप्रोपोज किया था, लेकिन उसने सबको एक थप्पड़ मारकर मना कर दिया. मैंने सोचा, कि मुझे कोई थप्पड़ नहीं खाना है और इसलिए उस बात को भूल गया. शाम को, मैं बेडमिन्टन खेलने आता था और वो भी शाम को कोर्ट में बेडमिन्टन खेलने आती थी. वो वहां मिक्स्ड डबल खेलती थी और हमेशा ही हार जाती थी, आल्दो, हम दोनों एक ही जगहऔर एक ही वक्त पर खेलते थे, पर हम दोनों के बीच कभी बातचीत नहीं हुई. उस शाम को वो मेरे पास आई और मुझे उसके साथ टीम अप करने का ऑफर दिया. मैंने भी हाँ कर दी. और उस दिन हम दोने मैच जीत गये. वो बहुत खुश थी और उसलिये उसने मुझे सेलिब्रेट करने के लिए साथ में चलने के लिए कहा. हम दोनों ने साथ में डिनर किया.
और फिर मैं उसे उसके घर छोड़कर जा रहा था, कि उसने कहा कि क्या हम क्लोज फ्रेंड बन सकते है? मैंने बोला ये भी कोई पूछने वाली बात है और स्माइल करके चला गया. फिर स्कूल में में हमारी बातें होने लगी. अब जुलाई आ गयी और मेरा बर्थडे आया. उस दिन मैंने स्कूल में बोला, कि मेरा गिफ्ट क्या है? पहले तो वो शर्मा गयी और बोली नहीं लायी. मैंने बोला, अभी लेके दो. पहले तो वो थोडा इधर-उधर देखते रही और फिर मेरे चिक पर एक किस करके धीरे से कान के पास आकर कहा “आई लव यू”. मैं तो जैसे कोमा में था. थोड़ी देर के लिए वहीँ खड़ा रहा और फिर उसने मुझे जोर से हिलाया और पूछा – क्या हुआ? गिफ्ट अच्छा नहीं लगा? मैं कुछ नहीं बोला और फिर हम दोनों की बात नहीं हो पायी स्कूल में उस दिन. फिर घर पंहुचा, तो उसका मेसेज भी आया, कि सॉरी बुरा मात मानों. वी कैन भी फ्रेंड आल्सो अत्लिस्ट. मैंने भी रिप्लाई किया, “आई लव यू टू” और फिर तो जैसे हम दोनों के लिए दुनिया स्वर्ग बन गयी थी और रोज़ बात करना, सेयिंग “आई लव यू” एंड किसिंग एवेरीडे वाज कॉमन.
बट अब नवम्बर आ गया था और ना जाने क्यों मेरे अन्दर सेक्स की भूख बहुत बढ़ गयी थी और उसे भी सेक्स करना था और वो कहती भी थी, कि लेते है. बट मैं मना कर देता था. कि सेक्स बहुत बड़ी चीज़ होती है और उसे करने के बाद लड़की की पूरी जिम्मेदारी हम पर आ जाती है. पर अब मुझे लगने लगा था, कि मैं उससे शादी कर सकता हु और सब कुछ संभाल सकता हु. इसलिए सेक्स कर सकता हु. वो हर ४ दिन में बोलती थी, कि कर लेते है. इस बार, मैंने हाँ कर दी और फिर प्लान बना मेरे घर का. मेरे घर वाले शादी में चले गये थे. मुझे कुछ काम था, तो मैं नहीं जा पाया और घर पर रुका था. जैसे ही मेरा काम ख़तम हुआ, मैंने उसे कॉल कर दिया और वो मेरे घर आ गयी. जैसे ही वो अन्दर आई, मैंने उसे उठाया और सोफे ले जाकर बिठाया और पूछने लगा, पानी पियोगी? वो कुछ नहीं बोली और जैसे ही मैं पानी लेने के लिए टर्न हुआ. उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और इशारा किआ, कि नहीं लेगी पानी. वो उठी और मेरे पास आई. मैंने फिर से पूछा – क्या लोगी?
तो उसने मेरा लंड को पकड़ कर बोला, कि ये लुंगी. हर बार वोही किस करती थी. इसलिए इस बार मैंने उसके हाथो को कसके पकड़ा और वाल से उसे चिपका दिया और जोर-जोर से उसे किस करने लगा. मैं जितना डीप अपनी टंग डाल सकता था उसके मुह में, गुसा दी थी. उसके हाथो को वाल से चिपका के उसे डीप किस करने लगा. उसको अपनी बॉडी से प्रेस करने लगा. उसके बूब्स को अपनी चेस्ट से प्रेस करने लगा. साथ में अपने लंड से उसकी चूत भी प्रेस करने लगा. मैं ऐसा करके उससे चिपक गया, कि मानो उसके अन्दर ही घुस जाना चाहता हु. वो मुझे रेजिस्ट कर रही थी और मुझे पुश करने लगी. वो झेल नहीं पा रही थी इतना हार्ड किस और प्रेस्सिंग. पर मैं भी कहाँ मानने वाला था. लगा रहा अच्छे से. देन कंटिन्यू ७ मिनट के किस के बाद, हम लोग अलग हुए. उसके बाद मैंने उससे पूछा – कैसा लगा, मेरा किस. तो वो स्माइल करके बोली – रोज़ ऐसा ही चाहिए और फिर मुझे जोर से पकड़कर किस करने लगी. इस बार उसने और डीप किस किया और वो रेडी थी ये सब झेलने के लिए.
इसलिए वो बिलकुल भी रेजिस्ट नहीं कर रही थी. लेकिन मेरा दिमाग चला और इस बार, मैंने उसका बूब पकड़ लिया और उसे इतना जोर से प्रेस किया, वो चिल्ला उठी और वो मुझे दूर हटाने लगी. लेकिन मैंने उसका दूसरा बूब् भी पकड़ लिया और उसको भी जोर से प्रेस कर दिया. अब मैं उन दोनों को ही बड़े जोर-जोर से प्रेस कर रहा था. १० मिनट प्रेस करने के बाद, वो थक गयी और बोली – अब नहीं करना मुझे. मैंने उसे उठाया और अपने रूम में ले गया और अपने बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया और किस करने लगा. अब मेरा इतना ज्यादा खड़ा हो गया था, कि मैं अन्दर उसे नहीं झेल पा रहा था. इसलिए उसने जा ये फील किया, तो मुझे बेड पर रोल करके मेरे ऊपर आ गयी और मेरी टीशर्ट फाड़ दी और मेरी चेस्ट को किस करने लगी. फिर मेरा लोअर भी उतार दिया और मेरे लंड को आजाद कर दिया. मैंने भी देर नहीं की और उसका टॉप उतार दिया, किस करते-करते. उसके सारे कपडे भी. हम दोनों ब्लंकेट के अन्दर थे और एक दुसरे को पागलो की तरह किस कर रहे थे.
मैं उसे बहुत जोर से किस कर रहा था और उसके बूब्स को गलती से भी नही छोड़ रहा था. अब वो पूरी गरम हो गयी और मैंने भी इसलिए उसकी चूत का डोर खोला और अपने लंड को जितनी जोर से अन्दर डाल सकता था, डाल दिया. वो बहुत जोर से चीखी और बोली – निकालो …प्लीज … निकालो इसे अभी. आआआआआअ ऊऊउईईई माँ मर गयीईईईईई. मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए और वो दर्द सहन नहीं कर पा रही थी. मैं वहीँ पर रुक गया और फिर से उसके बूब्स को प्रेस करने लगा. थोड़ी देर बाद, जब वो शांत हुई तो मैंने एक जोर का झटका मारा और मेरा पूरा ८ इच का लंड अन्दर चले गया. वो फिर से चिल्ला उठी, लेकिन इस बार थोडा कम और दर्द को सहन करने लगी थी. मैंने फक करना चालू किया. मैंने बहुत ही ज्यादा जोश में था. इसलिए ५ शॉट्स के बाद ही बहुत फ़ास्ट स्पीड करने लगा और जब भी मैं लंड अन्दर डाल रहा था, तो हर बार पूरा अन्दर डालकर, फिर बाहर निकाल लेता था. मेरा बेड जो आज तक नहीं हिला था, वो जोर-जोर से हिल रहा था, कि मानो टूट जाएगा. मैंने उसके दोनों हाथ पकडे और बेड से चिपका दिए और जोर-जोर से शॉट मारने लगा.
वो भी बोल रही थी कि तेज करो करो और तेज. टिअर माय पुसी टुडे … आई ऍम आल योर्स …जस्ट फक मी एज मच एज यू केन. कॉमन … फक मी हार्ड अहहहहः अहहहहः ऊऊऊऊ म्मम्मम्मम .. एस एस एस फक मी. आई लाइक थिस. गिव इट टू मी… एस ..ऊहोहोहोहो. आई वांट इट डीप.. एस … फक मी. प्लीज डोंट स्टॉप. एस ..फक मी डीप. एस माय डार्लिंग. आई लव यू. एस एस … फक मी हार्डर… मोर हार्ड … एस एस. उसने मेरे हाथ पकडे और अपने बूब्स पर रख लिए और खुद मेरे हाथ दबाकर अपने बूब्स को प्रेस करने लगी. मैं भी उसके बूब्स को दबा रहा था और अब मैंने अपनी स्पीड भी बड़ा दी थी. फिर मैंने उसे हग किया और फक करना जारी रखा. मैं उसे डीप किस कर रहा था और हार्ड फक कर रहा था. अब मैं एकसाथ तीन चीज़े कर रहा था. उसको किस कर रहा था और उसके बूब्स को जोर से दबाते हुए, उसको मस्त फक भी. मेरी स्पीड इतनी तेज थी, कि पूछो ही मत. जितना दम था, सारा लगा दिया था. वो भी मेरे बेक पर अपने नेल्स से स्क्रेच बना रही थी और मेरी पीठ को नोच रही थी. मुझे दर्द हो रहा था.
लेकिन, उस दर्द में एक अलग ही मज़ा था. वो जितना नोचती, तो मैं उतना ही ज्यादा स्पीड बढ़ाता और जोर से किस करता और बूब्स प्रेस करता. वो २० मिनट में ५ बाद झड़ी और अब मेरा भी स्पर्म निकलने वाला था और मैंने पूछा, कहाँ निकालू. तो वो बोली – जहाँ तुम्हारी मर्ज़ी हो. तो मैं उसकी चूत के अन्दर ही झड़ गया और हम दोनों ने एक दुसरे को जोर से हग किया और उसने कहा – आई लव यू. मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा और हम दोनों एक दुसरे को जोर से पकड़कर हग करने लगे. उसने कहा – बेबी आई लव यू वैरी मच. मैं बहुत लकी हु, जो मुझे तुम मिले. आई नो, यू आर परफेक्ट फॉर मी. आई नेवर रेग्र्ट चुजिंग यू और मैंने भी उसे स्माइल दी और फिर हम उठे और वो फ्रेश होके आई और जब वो वाशरूम जा रही थी. तो मैंने देखा, कि उसकी गांड भी बहुत सेक्सी थी.



FUN-MAZA-MASTI दीदी की जेठानी

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दीदी की जेठानी

अपनी एक सच्ची घटना पेश करने जा रहा हु. जोकि मेरी दीदी की जेठानी, जो कि एक विडो है उसके साथ हुई. तो दोस्तों, बात उस वक्त की है, जब मैं १२थ में था. मेरी दादी की डेथ हो गयी थी, तो मैं घर आया हुआ था. घर में बहुत ही सेड सा माहौल था. कुछ रितुँल्स थे जो कि माँ और पापा को मना रहे थे और मुझे मनाने से मना कर दिया. क्युकि वो घर में सबके लिए मुश्किल वक्त होता है.
मम्मी और पापा अलग पका के खाते थे विथआउट अनियन एंड गार्लिक. मेरे खाने का इंतजाम कर देने के लिए दीदी की जेठानी को गाँव से बुला लिया था. अरे, बातों-बातो में मैं तो उनका फिगर बताना ही भूल गया. उनका नाम अंजू है (नाम चेंज्ड) बड़ी सेक्सी फिगर है उनका. ३४-३०-३२, जोकि मुझे बाद में पता चला. हलाकि की वो हमेशा साड़ी पहनी रहती थी, पर यारो बड़ी कट्टो पीस थी. जो भी देख ले, उसका लंड खड़ा हो जाये.
मैं उन्हें दीदी कहके ही पुकारता था. सो अब स्टोरी पर आता हु. मेरी उनके साथ बहुत पटती थी और हम दोनों हमेशा ही आपस में मजाक करते थे. जब भी मैं गाँव जाता था. तो वो मुझसे मेरी गर्ल फ्रेंड के बारे में पूछती थी और मैं उनको मनगडथ कहानी सुना देता था. मेरी कोई गर्ल फ्रेंड तो थी नहीं. फिर भी उनको मेरी कहानी सुनने में मज़ा आता था. एक दिन तो उन्होंने मेरे गाल पर किस कर दिया. मैं शॉक रह गया था. फिर उन्होंने हंसी में बात को टाल दिया. तब से मुझे उनपर शक होने लगा, कि साली रंडी के दिमाग में कुछ चल रहा है.
पर मैं उस वक्त कुछ नहीं कर सकता था. बस समय की प्रतीक्षा में था, जोकी मुझे अब मिलने वाला था. जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी. तो मुझे घर आये ११ दिन के ऊपर हो चुके थे. इस बीच मैंने खूब छेड़ा उन्हें. इधर-उधर हाथ मारता, वो कुछ भी नहीं बोलती थी, उल्टा मुझे चिड़ा देती थी. १२ दिन के बाद, दादी जी का सब क्रियाकर्म ख़तम हुआ और फिर आई वाज अलाउड तो स्लीप ओं बेड, अब तक मैं नीचे जमीन पर ही सो रहा था.
हमारे घर में दो बेडरूम और एक गेस्टरूम है. मैं अपने रूम में सोता था और उसी रात को माँ ने अंजू से कहा की वो मेरे कमरे में सो जाए. बारिश का मौसम था, थोड़ी ठण्ड भी थी. तो माँ ने एक बड़ा मोटा चादर हमको दे दिया और बोला – रात को अगर ठण्ड लगे. मैं तो बहुत ही एक्साइट था. जिस कारण मेरे लंड महाराज ख़ुशी से फुला और खड़ा था. ऐसी फीलिंग मुझे पहले कभी नहीं हुई थी. सभी दरवाजे बंद करके वो कमरे में आई और मेरे साइड लेट गये.
वो मेरे साइड में लेटी थी और सोने की कोशिश कर रही थी. लेकिन मेरे आँखों में नीद नहीं थी. मैं तो बस उनको पेलने की फ़िराक में था. मैं उन्हें जकड़ लिया और मेरी ओर खीच लिया, मानो कामदेव ने कृपा की हो. वो मना करने लगी, कि माँ जाग जायेगी. ये सब ठीक नहीं है, पर ज्यादा फोरस नहीं कर रही थी. मैंने थोड़ा जोर दिया, कि कुछ नहीं होगा, कोई नहीं जानेगा. मैं तो बस तुम्हे पकड़कर सोना चाहता हु. वो मना कर रही थी और मैं उसको पकड़कर सोने की जिद कर रहा था. थोड़ी सी जिद के बाद उसने भी प्रोटेस्ट करना बंद कर दिया.
हाथ के ऊपर हाथ को रखने सोने की एक्टिंग करने लगा. मैंने सोचा, अच्छा मौका है हाथ साफ़ करने का और मैंने अपना हाथ खीच के उसके साड़ी के अन्दर उसके पेट पर रख दिया और कसके जकड़ लिया. वो थोड़ी सी मेरे बदन से चिपक गयी और कहने लगी, कोई जाग जाएगा. माँ उठ जायेगी. तो मैंने थोडा कन्वेंस किया, तो वो मान गयी और मैं अपना हाथ थोडा-थोडा ऊपर लेता गया और फाइनली उसके रसीले आम को मैंने पकड़ लिया. एक अजीब सी करंट मेरे शरीर में दौड़ गयी.
मेरे बदन का रोम-रोम सिहर उठा. शायद फर्स्ट टाइम ऐसा ही होता होगा, ये मैंने मन ही सोच लिया. वो मन करने लगी, पर मैं कहाँ मानने वाला था. मैंने वैसे ही उसके चूची को पकड़ा और थोड़ी देर के बाद एक-एक करके उसकी ब्लाउज के ऊपर के दो हुक खोल दिए. अब मैंने अपना हाथ ब्लाउज के अन्दर घुसा दिया. वह मानो जन्नत की कोई हसीन चीज़ मेरे हाथ लग गयी हो. इसके पहले मैंने बहुत साड़ी ब्लू फिल्म देखी और मुझे पता था, कि इसके आगे क्या करना है. सो मैंने अंजू के दूध को मसलना शुरू कर दिया.
वो अपनी आँखे बंद किये हुए कुछ बडबडा रही थी. शायद वो मोअनिंग कर रही थी. मैं उस तरफ ध्यान ना देते हुए, बाकि के बचे हुक को भी खोलने लगा. मैंने उसके ब्लाउज को उतार फेंका. वो यार क्या नज़ारा था. आज तक मैंने जो चीज़ ब्लू फिल्म में ही देखी थी वो आज मेरे सामने थी. मैं खुद पर कण्ट्रोल नहीं कर सका और टूट पड़ा उन प्यारे कप साइज़ दूध के ब्राउन निप्पल पर. वो एकदम इरेक्ट हो चुके थे. अंजू ने मुझे हटाया और मेरे लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए.
मैं मान ही मान खुश हुआ, कि चलो आखिर में साली माँ की लौड़ी जो इतने दिनों से मुझे परेशान किये हुई थी, आज मेरे सामने अर्ध नंगी हो के लेटी है. खूब जोर से हमारी किस चल रही थी. मैं उसकी जीभ चूस रहा था और वो मेरी. मैंने उसे नीचे बेड पर गिरा दिया और उसको सर से लेकर पेट तक चूमने लगा. अंजू बस मोअन किये जा रही थी. आहाहाहः हहहहः आआआआआआ ऊऊऊ बस करो विराज आहाहाह….मर जाउंगी …. बस करो … और मैं भी कहाँ रुकने वाला था. एक हाथ से उसके दूध को दबाता रहा. मैंने अपनी जीभ से उसकी नाभि चाटे जा रहा था. मुझे उसकी नाभि चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा था, वो मानो मछली की तरह उछल रही थी. फिर मैंने उसके निप्पल को मुह में भरा और जोर से चूसने लगा.
अंजू – खा जा इसे. चबा डाल. बहुत हैरान किये हुए है और तेरे लिए ही बचाकर रखे है. सक इट हार्डर. मोर हार्डर हहहहः ऊऊऊऊऊ म्मम्मम्मम एस बेबी. सक इट.. अहहः हहहः एस मोर मोर एस एस डार्लिंग … एस ..ऊऊऊ … ऊऊऊओ उसकी आवाज़े तेज होने लगी थी. अब मुझे डर लगने लगा था, कि ये आवाज़े माँ ना सुन ले. इसलिए, मैंने उसके मुह में एक कपड़ा ठूस दिया और उसके मुह को बंद कर दिया. लेकिन मैंने अपने काम को जारी रखा और उसके चूचो को चूस-चूसकर लाल कर दिया और अपने दांत भी गडा दिए. उसके चूचो पर मेरे दांत के निशान आ गये.
उसने मेरे पेंट के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ लिया और दबाने लगी. मैंने उसे पेंट उतारने को कहा और उसने झट से मेरी पेंट को नीचे कर दिया. उसने मेरे लंड को मेरे अंडरवियर से बाहर निकाल लिया और उसको देखने लगी. मेरा लंड एवरेज ६” का है और अच्छा मोटा भी है. कोई भी चूत को संतुष्ट करने के लिए ठीक है. तो उसे देखते ही उसके चेहरे पर अजीब सी मुस्कान थी. उसे पता था, कि ये मेरा पहली बार है. इसलिए उसने जल्दी ना करते हुए, धीरे – धीरे लंड को ऊपर नीचे करना शुरू किया. काफू सीखी हुई खिलाडी थी. मैं अपने पर कण्ट्रोल नहीं रख पा रहा था और मैंने उसे जड़ से तेज हिलाने को कहा. तो उसने तेजी से हिलाना शुरू कर दिया और ४-५ मिनट में ही मैं झड़ गया. ये जो लम्हा था, क्या बताऊ स्वर्ग था, बड़ा सुख मिला मुझे. मुझे पता था, कि ये तो शुरुवात थी. फिर उसने सारा माल अपने हाथो से साफ़ किया. इतना सारा कम आज पहले कभी नहीं निकली थी. उसके बाद उसने मुझे फिर से किस करना शुरू किया.
मैं भी धीरे-धीरे मूड में आने लगा था और लंड फिर खड़ा होने लगा. इस बार लंड कुछ ज्यादा बड़ा और फुला हुआ था. अंजू की आँखों में चमक आने लगी थी और वो अपने होठो पर अपनी जीभ फेर रही थी. मेरे चेहरे पर स्माइल आ गयी और मुझे समझ आ गया था, कि मुझे क्या करना है? मैंने उसे झट से सुलाया और उसके सुंदर ब्राउन चुचियो को मसलने लगा. वो मोअन कर रही थी अहहहः हहहः विराज ..कुछ करो ना …अब सहन नहीं हो रहा .. जल्दी करो ना … और नहीं सहा नहीं जा रहा. अब मैं उसे चुमते हुए, धीरे-धीरे उसके पैरो तक पहुच गया और वहां उसको किस करने लगा. फिर धीरे-धीरे उसकी साड़ी को उठाने लगा और किस करता रहा.
देर ना करते हुए, मैंने साड़ी को उसकी कमर तक उठा दिया और पेटीकोट साड़ी को निकाल फेंका. क्या गजब लग रही थी वो. आँखों पर यकीं नहीं हो रहा था. उसकी पेंटी भीगी हुई थी. शायद उसने पानी छोड़ दिया था. वो शर्मा रही थी और अपने हाथो से उसकी पेंटी को छुपा रही थी. मैंने उसके हाथो को चूमा और हटा दिया और फिर साइड से थाई को खूब चाटा और चूमा. फिर उसकी पेंटी को भी निकाल फेंका.
चूत पर हलके ब्राउन बाल थे, शायद १-२ दिन पहले ही काटे होंगे. मैंने उसके ऊपर लगे हुए जूस को साफ़ किया. मैं उसकी चूत के ऊपर किस कर रहा था. उसने मुझे कहा, कि ये गन्दा है. पर मैंने कहा – कि मैं इसे टेस्ट करना चाहता हु. वो मना कर रही थी और मेरी बड़ी जिद करने पर मुश्किल से मानी. फिर क्या था, मैं तो टूट ही पड़ा उसकी चूत पर. मैंने उसकी चूत पर किस कर रहा था और धीरे से मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में डाल दी. क्या गरम थी उसकी चूत ….अहहहः … म्मम्मम्मम … हहहहहः ….. आआआआ …भट्टी जैसी …. चूत को मैं चूमता गया और फिंगर से फक करता रहा. मर गयी …ओगोगोगो …मर गयी.
अंजू – धीरे करो अहहहः हहहहः हहहहः … प्लीज धीरे करो ना …ऊऊऊओ .. म्मम्मम और मेरे सिर को उसकी चूत पर दबा रही थी. शायद उसे मज़ा आने लगा था. मुझे भी उसके जूस का टेस्ट एकदम मलाई के जैसा लग रहा था, लकिन थोडा नमकीन था. उसके बाद मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के अन्दर डाल दिया. तो वो सिस्कार उठी और अपना अपनी मेरे मुह पर छोड़ दिया. फिर मुझे खीच के मेरे मुह पर लगा जूस चाटने लगी और देर ना करते हुए, उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपने चूत के पास ले आई.
और धक्का लगाने को कहा. मैंने एक ही बार में आधे से ज्यादा लंड घुसा दिया. तो वो चिल्ला उठी .. ऊऊऊऊउईईईईईइ माँआआआआआअ … मार डाला. आहाहहहः आहाहहहः ऊऊऊओ. मार डाला कमीने, बहनचोद …. बहुत टाइट पुसी थी उसकी. बहुत दिनों से चूत में शायद कोई लंड नहीं डलवाया था उसने, इसलिए उसकी चूत बहुत टाइट थी. फिर, मैंने एक और जोर का धक्का मारा और मेरा पूरा लंड का पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया.
अंजू – चोद साले … चोद … जान. चोदो ना अहहः हहहः हहहहः म्मम्मम
मैं – हाँ जान ये लो मेरा लंड .. और मैं और भी जोर से धक्के लगाने लगा.
अंजू – फाड़ डाल, इसे फाड़ डाल. हहहः म्मम्मम अहहहहः. … बहुत दिनों से परेशान किया हुआ था इसने. इऐऐऐअ इसिसिसिसिस म्मम्मम्मम आज इसे फाड़ डाल.
मैं – अपनी जितनी ताकत थी. सभी को मिला के उसे चोदने पर तुला हुआ था. दोनों का शरीर पसीने में मानो डूबा हुआ था. उसके बाद मैंने उसको पैरो को अपने कंधे पर लेके चोदना शुरू किया. अंजू भी अच्छा कोआपरेट कर रही थी. करीबन आधे घंटे की चुदाई के बाद, मेरा निकलने वाला था. इस बीच उसने जाने कितनी बार अपना पानी मुझपर छोड़ दिया होगा. मैंने उसे पूछा, कि कहाँ छोडू? तो उसने अन्दर ही छोड़ने को कहा. तो १ मं के बाद, मैंने अपना सारा माल उसकी चूत के अन्दर डाल दिया.
अंजू – अहहहहः म्मम्मम्म मरे राजा. मुझे बना ले अपनी रंडी. मुझे आज से अपनी बना ले. अब से तू जब भी चाहे, तब मुझे चोदना. ये कहकर उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया. १ घंटे बाद हम उठे और बाथरूम में साफ़ होने के लिए चले गये. बाथरूम से आकर हम दोनों नंगे ही एकदूसरे से चिपक कर सो गये. उसने मेरा लंड पकड़ा हुआ था और मैंने उसकी चुचियो को पकड़ा हुआ था. अगले तीन-चार दिन तक मैंने उसे काफी चोदा. दिन और रात में, जब भी मौका मिला

FUN-MAZA-MASTI पहला पति

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पहला पति
 
ये इंसिडेंट अप्प्रोक्स ८ साल पुराना है. जब मैं लखनऊ में क्लास १२थ की स्टडी कर रहा था. वैसे तो मैं लखनऊ को बिलोंग करता हु, बट दिस टाइम आई ऍम गवर्नमेंट सर्वेंट एंड माय पोस्टिंग इस इन बंगलोर. तो बात तब की है, जब मैं अपनी स्टडी के बीच में वीकेंड पे अपने गाँव को जाया करता था.
मेरा घर ३ फ्लोर वाला एक बड़ा सा हाउस था, तो मैं इवनिंग में अक्सर घर की टेरेस पे वाक करने के लिए चले जाता था. एकदिन मैं अपना म्यूजिक सिस्टम अपने इअर्स में लगाये हुए था और घर के एक किनारे से दुसरे किनारे तक चक्कर लगा रहा था, कि मेरी नज़र मेरे गाँव में घर से थोड़ी दूर के एक घर पर पड़ी. वहां पर एक लड़की मेरी तरफ देख के खड़ी हुई थी. जब मैंने उसे अपनी तरफ देखते हुए देखा, तो मैं थोडा सा शॉक हुआ, क्यों वो मेरी तरफ देख रही है?
थोड़ी देर बाद, मैं नीचे आ गया; क्युकि डिनर का टाइम हो गया था और मेरी माँ मुझे आवाज़ दे रही थी. अगले दिन अर्ली मोर्निंग में, मैं वापस लखनऊ चला गया. लखनऊ पहुचकर भी, मेरे दिमाग में सिर्फ उस लड़की का ख्याल बार-बार आ रहा था कि कौन लड़की थी वो और वो मुझे इस तरह से क्यों देख रही थी. फिर तो मैं आने वाले वीकेंड का वेट बड़ी ही बेसब्री से करने लगा. जब वीकेंड आया, तो मैं तुरंत ही घर चले गया और फिर घर पहुचकर शाम को अपनी छत पर.
मैं उसका वेट ही कर रहा था. कि थोड़ी देर बाद वो भी अपनी टेरेस पर आ गयी. हम दोनों ने एक दुसरे को देखा और स्माइल दी. अगले कुछ दिनों तक, ऐसे ही चला. फिर मेरे एग्जाम आ गये और मैं १ मंथ के लिए घर नहीं जा पाया. फाइनली, मेरे एग्जाम ख़तम गुए और मैं अपनी समर की छुट्टियों के लिए एक लम्बी छुट्टी पे अपने गाँव आ गया.
फिर, हम दोनों डेली इवनिंग में घर की टेरेस पर आने लगे और देर शाम टेक एक दुसरे को देखकर स्माइल करते थे और साथ में हाथ हिलाना और हाथ हिलाकर एक दुसरे को बुलाने की कोशिश करते थे. फिर एक दिन, इशारो में उस से उसका मोबाइल नंबर माँगा. तो उसने अपने हाथ की फिंगर से इशारा करके बताया. फिर हम दोनों के बीच मेसेज और मोबाइल पर बातो का सिलसिला चालू हो गया. तब मुझे पता चला, कि उसका नाम पिंकी था.
बड़ी सेक्स बम थी वो. क्या मस्त फिगर था ३४-२८-३४. उसके बूब्स देख के तो मन करता था कि बस उसको पकड़कर डायरेक्ट मुह से स्क़ुईज़ कर दू. बात करते-करते एक दिन मैंने उसको थोडा सा सेक्सी मेसेज सेंड कर दिया. पहले तो वो थोडा नाराज हुई, बट बाद मैं वो भी सेक्सी मेसेज में चैट करने लगी. एक दिन बात करते हुए, मैं उससे मोबाइल पर बात कर रहा था तो मैंने उससे कहा, मैं तुमसे मिलना चाहता हु. तो वो बोली – मिलके क्या करना है?
मैं तुमसे डेली बात करती हु ना, मुझे नहीं मिलना है. ये सुनकर मैं थोडा उदास हो गया. क्युकि, मैं उसकी सेक्सी बॉडी का जूस पीना चाहता था. मैंने भी हार नहीं मानी और कोशिश करता रहा. फाइनली, एकदिन मुझे सक्सेस मिल ही गयी. क्युकी समर में मंगो का सीजन होता है, तो मैंने एकदिन उससे कहा, कि मुझे तुम्हारे साथ मंगो के गार्डन में जा के मंगो खाने का दिल कर रहा है, तो वो बोली, कि इसमें क्या प्रॉब्लम है.
और कहा, कि अभी मेरे पास टाइम नहीं है. इसलिए इवनिंग में चलूंगी. ये सुनने के बाद मैं अपनी प्लानिंग बनाने लगा, कि कैसे उसकी चुदाई करनी है. क्युकि मैं ये चांस अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहता था. जिस शाम का मुझे इंतज़ार था, वो आ गयी और मैं उसके साथ गाँव के बाहर थोड़ी दूर पर उसके मंगो के गार्डन में पहुच गया. चुकी शाम का टाइम था, इसलिए बाग़ में कोई नहीं था सिवाए मेरे और पिंकी के.
थोड़ी देर इधर-उधर की बातें करने के बाद, उसने कहा की जल्दी से बताओ, कि कौन सा वाला मंगो खाना है. तो मैंने कहा, जो तुम्हारे पास है. पहले तो वो समझ नहीं पायी; बट समझी तो थोडा सा शर्मा गयी और बोली – बहुत बदमाश हो. मैंने कहा, कि तुम्ही ने तो मुझे बदमाश बनाया है. तो वो बोली, कि मैंने क्या किया है? मैंने तो कुछ भी नहीं किया इस बारे में.
उसके पास गया और कहा, कि अगर कुछ नहीं किया है. तो आज कर लो ना. मैं तो तुम्हारे पास हु और मैंने उसकी गर्दन पर और गालो पर किस किया. वो थोड़ी सी नाराज़गी दिखाने लगी और बोली, कि ये क्या कर रहे हो. तो मैंने कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हु. “आई लव यू”, तो उसने भी हाँ में उत्तर दिया. फिर क्या था. मैंने तुरंत ही उसे अपनी बाहों में भर किया और पागलो की तरह किस करने लगा.
पहलों तो उसने कोई रेस्पोंस नहीं दिया. लेकिन, थोड़ी देर के बाद वो भी मेरा साथ देने लगी. किस करते-करते कब मेरे हाथ उसके बूब्स पर पहुच गये, मुझे पता भी नहीं चला. थोड़ी देर बाद, वो भी एक्साइट हो गयी और तब मैंने अपना एक हाथ उसके सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर रख दिया. क्या बताऊ दोस्तों, कि उसकी चूत कितनी ज्यादा गरम थी. कुछ देर तक मैं ऐसे ही सहलाता रहा.
फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और गार्डन के दुसरे किनारे पर ले गया, जहाँ पर थोड़ी सी डार्कनेस थी. मैंने उसको वहां पर लिटा दिया और उसकी सलवार को खोल दिया. मैं उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसको और उसकी चूत को किस कर रहा था. उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने उसकी पेंटी को निकाला और अपने पेनिस को उसकी चूत पर टच करते हुए एंटर करवाने लगा. बट मुझे सक्सेस नहीं मिल पा रही थी.
ये मेरा फर्स्ट सेक्स एक्सपीरियंस था. तो मैंने पिंकी से कहा, कि मेरे पेनिस को सही रास्ता दिखाओ. तो उसने अपने हाथ से मेरे पेनिस को पकड़ा और उसे अपनी चूत के निशाने पर रखा. धीरे से जोर लगाया, तो वो दर्द के मारे आवाज़ करने लगी. तो मैंने अपने हाथ से उसके मुह को बंद किया और एक बार फिर से जोर से धक्का मारा. जिससे मेरा आधा पेनिस उसकी चूत की गहराई में उतर चूका था. मैंने कुछ गरम-गरम सा अपने पेनिस पे महसूस किया.
मैंने अपने पेनिस को बाहर निकाला और उसे मोबाइल की लाइट में देखा, तो पता चला कि वो ब्लड था. तो मैं जान गया, कि पिंकी पूरी तरह से अनछुई वर्जिन थी. थोड़ी देर बाद, मैंने फिर से अपने पेनिस को अन्दर धकेला और उसकी चूत को पेलता रहा. पिंकी भी मस्त होके चुदाई का मजा ले रही थी. थोड़ी देर के बाद, हम दोनों एक साथ फुल ओर्ग्सम में पहुचे और अपना-अपना माल निकाल दिया.
फिर, जल्दी से हम दोनों ने अपने कपडे पहने और कुछ मंगो तोड़कर अपने साथ रखे और घर की ओर निकल पड़े. हम दोनों ही इस चुदाई से खुश थे और उसने मुझसे कहा, कि मैं अब जब भी गाँव आऊंगा, तब वो मुझसे मिलने जरुर आएगी. फिर उस दिन के बाद मैंने बहुत बार पिंकी की चुदाई की. बट अब उसकी शादी हो गयी है और वो अपने पति के साथ रहने लगी है. लेकिन जब भी वो गाँव आती है, तो मुझसे मिले बिना नहीं जाती है और वो मुझे अपना पहला पति कहती है.



FUN-MAZA-MASTI सेक्स अनुभव मिला शादी में

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 सेक्स अनुभव मिला  शादी में

हेलो फ्रेंड्स,आई ऍम अंकुर. कमिंग टू स्टोरी, जैसा कि आप सब ने जरुर एक्सपीरियंस किया होगा, कि हमारे यहाँ शादी में बहुत जोड़ियाँ बन जाती है. एक बार मेरे एक फ्रेंड राहुल की सिस्टर की शादी थी. राहुल मेरे काफी क्लोज था, तो उसकी फॅमिली ने मुझे भी इनवीटेशन दिया था और राहुल का घर बक्सर (बिहार) में था. शादी भी वहीँ थी. सब कुछ पहले से ही तय था और सब सही चल रहा था, कि मुझे राहुल की माँ ने बताया, कि उनकी एक फ्रेंड की बेटी स्टेशन पर है और उसको लेके आना है. मैं राहुल की माँ की पूरी बात सुने बिना ही जल्दी लाने के चक्कर में वहां से निकल पड़ा और स्टेशन पहुच गया. कुछ देर ढूंढने के बाद, मुझे एक लड़की दिखाई दी, जो किसी को खोज रही थी. चुकि, मुझे सिर्फ लड़की को लाना है, ये बताया था और उसका हुलिया नहीं बताया, तो मैंने उसको इग्नोर कर दिया. तभी उसकी लड़की ने मुझे आवाज़ दी और मुझे पीछे से थपथपाया. मैंने पीछे मुड़कर देखा, तो एक कयामत लड़की खड़ी हुई मुस्कुरा रही थी. वो मुझे डाटते हुए बोली – मिस्टर, जिससे देख रहे हो, वो मैं ही हु. चलो जल्दी चलो, पहले ही काफी देर हो चुकी है.
बाइक पे नोर्मल्ली हम घर आ गये और रात में खाना खाने के बाद, सब छत पर बैठे और बात करने लगे. वो भी बैठी थी. दोस्तों, मैं दिल्ली से हु और मुझे बिलकुल भी आईडिया नहीं था, कि मैं किसी लड़की से मिलूँगा, किसी शादी में और वो मुझे अच्छी लगने लगेगी. वैसे तो देखने में काफी पतली थी, लेकिन उसके हिप्स बहुत ब्रोड थे और चलने पर वो ओसम दिखती थी. गोरी इतनी, जैसे की मलाई, हाइट अराउंड ५.७ इंच, टोटल पैकेज थी वो किसी भी लड़के को सिडयूज करने के लिए. बातो के टाइम पर पता की उसका नाम मौसम है. मैंने उसे देखना शुरू किया. फिर मैंने नोटिस किया, कि वो भी मुझे ही देख रही थी. मैंने उसे इशारो में हाई कहा और उसने भी इशारो में ही हाई कहकर रेस्पोंस किया. फिर मैंने उसे नीचे चलने का इशारा किया और वो बिना कुछ पुछे नीचे के कमरे में चली गयी. थोड़ी ही देर में, मैं भी वहां से खिसक लिया. नीचे पंहुचा, तो वो फाटक से बोली – अक्सर लडकिया इतना इंतज़ार करवाती है. तो मैंने कहा, फरक क्या पड़ता है. इंतज़ार ख़तम हुआ, लो हम आ गये और हम दोनों हंसने लगे.
फिर, मैंने कहा, तुम बहुत खुबसूरत हो, तो वो मुस्कुरायी और बोली अच्छा वैसे तुम भी टक्कर देने लायक हो. तुम जिम जाते हो क्या? मैंने कहा – नहीं. मैं फुटबॉल खेलता हु. फिर मैंने कहा, कि मेरा मन कुछ कह रहा है. उसने कहा – म्मम्मम्म… क्या? मैंने कहा – आई लव यू? जबसे देखा है तुम्हे, बस गयी हो तुम मेरे दिल में यार. उसने कहा – रियली. मैंने कहा – रियली … और उसने रिप्लाई किया – मी टू. हम दोनों ने एक दुसरे को देखकर स्माइल किया और बस फिर क्या था. हम धीरे से पास आये. फिर मैंने कहा – ब्रश किया था? उसने कहा – नहीं, क्यों बिना ब्रश किये हुए किस नहीं करते क्या? मैंने कहा, कि सोचा नहीं था किस के बारे में. लेकिन आईडिया बहुत ही अच्छा लगा. वो हसने लगी. उसके बाद हमने किस करना शुरू किया. ३-४ मिनट तक किस किया और फिर मैं अपने हाथ उसके ब्रैस्ट तक ले गया. तो उसने मेरी तरफ देखा और स्माइल किया. मुझे सिग्नल मिल चूका था. मैं सेक्स अनुभवी था, तो जल्दबाजी ना करते हु, उसके बूब्स हलके-हलके प्रेस करने लगा था और वो उम्म्मम्म ह्म्म्मम्म अहहः करके मोअन करने लगी थी.
मैं अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो रहा था और उसकी भी साँसे तेज होने लगी थी. मैंने उसका टॉप उतार दिया और फिर ब्रा भी. फिर उसके निप्पल सक करने लगा. उसने अब मेरी पेंट शर्ट निकाल दी और फिर अंडरवियर भी. उसने मेरे पेनिस को देखकर कहा – इट इज ऐ बिग डील, आई थिंक. फिर से किस किया और फिर सक करने लगी. ऐसा लग रहा था, जैसे पहली बार हो. फिर जब मेरा पेनिस रियल साइज़ में आया, तो उसके मुह से निकला, कुछ ज्यादा ही बड़ा है यार. फिर मैंने उसे उठाया और बेड पर लिटा दिया और उसकी फुल स्कर्ट उतार दी. फिर उसकी पेंटी के ऊपर हाथ फेरने लगा और किस कर रहा था और फिर उसकी पेंटी भी उतार दी. मैं शॉक रह गया, ये देखकर कि उसकी चूत बिलकुल शेव थी और अनटच थी. मैंने पूछा – अरे यू वर्जिन. तो उसने कहा – हां. मुझे थोडा सरप्राइज हुआ, क्युकि इस उम्र की लडकियों के बॉयफ्रेंड होते है और वो उनके सेक्स करके अपनी सील तुडवा चुकी होती है. मैंने ज्यादा कुछ ना पूछते हुए, किस करना जारी रखा. फिर, मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत पर रखा और लिक करना शुरू किया, वो अब बौखला सी गयी और कहने लगी, प्लीज अब मत तड़पाओ, प्लीज फक करो ना…
मुझे इसी का इंतज़ार था, मैंने उसके पैर फैलाये और अपने कंधे पर रखे और अपने पेनिस को उसकी वेग पर रखा और एक ट्राई मारा. लेकिन, मेरा लंड फिसल गया. फिर मैंने हल्का सा थूक लगाया और पेनिस को फिर से निशाने पर रखा और जोर का शॉट मारा. इस बार वो इस्टेचु सी हो गयी और बोलने लगी – प्लीज इसे बाहर निकालो, मैं मर जाउंगी.
मैं उसके बूब्स प्रेस करने लगा और उस किस करना शुरू कर दिया. फिर विथ इन अ मिनट वो नार्मल हुई और मैंने हलके-हलके शॉट लगाने शुरू कर दिए. अब वो रोने लगी. मैंने देखा, कि उसका खून निकल रहा है. मैंने उसकी चूत को किस करना शुरू किया और धीरे-धीरे उसका दर्द कम होने लगा, तो वो शांत हो गयी. अब मैंने पूरा पेनिस डाल दिया और जोर से शॉट मारने लगा. वो भी अहहहः आआआआआआअ यययय य्ह्यह्य्ह्यह्य्य्ह कम ओन, कम ओन .. चोदो मुझे .. चोदो मुझे …मेरी चूत को फाड़ दो…इसका भोसड़ा बना दो आज…अहहहहः …वो मोअन किये जा रही थी और उसकी सिसकिया मुझे जोश दिला रही थी. तभी उसकी बॉडी अकड़ने लगी.
मैं समझ गया, कि वो झड़ने वाली है. मैंने शॉट्स जारी रखे. उसने मुझे पकड़ लिया और उसका पानी निकल गया. अब मेरा पेनिस आसानी से अन्दर-बाहर होने लगा था. फिर मैंने उसे डौगी स्टाइल में किया और चोदने लगा और कुछ २५ मिनट बाद, वो फिर से झड़ गयी. अब मेरा निशाना उसकी गांड थी. मैंने उसकी गांड पर अपने लंड को रखा और धक्का मारा. मेरा लंड तो अन्दर चले गया, पर रिएक्शन सुनकर डर सा गया. वो चिल्ला उठी आआआआआआअ आआआआ ऊऊऊकोकोकोको ह्ह्ह्हह्ह मर गयी, मेरी माँ. यार तुम कितने क्रुयल हो. तुमने मेरी गांड फाड़ डाली. लेकिन, मैंने उसकी बातो को इग्नोर करके अपने धक्के जारी रखे और फुल स्पीड कर दी. अब मैं झड़ने वाला था.
करीब २० शॉट के बाद, मैंने उसकी गांड से अपने लंड को निकाला और उसकी चूत में डाल दिया और अन्दर ही अपना सारा स्पर्म छोड़ दिया. मैंने लंड को अन्दर ही डाले रखा और उसके ऊपर ही लेते रहा. कुछ देर बाद, उसने मुझे उठाया और खुद भी उठी. वो ठीक से चल नहीं पा रही थी. मैंने अपने कपडे पहने और उसे बाथरूम तक छोड़ा और फिर उसने अपनी चूत को और अपने बदन को और वापस आकर कपडे पहन लिए.
फिर मेरे पास आई और बोली – आई लव यू और मुझे गाल पर किस किया और तब तक सब छत से वापस आने लगे थे. उसने मेरा नंबर लिया. इस इंसिडेंट को ३ साल हो गये है और मैंने उससे दुबारा नहीं मिला. बट आई मिस डेट नाईट एंड मौसम.





FUN-MAZA-MASTI चस्का लगाया चाची ने

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चस्का लगाया चाची ने

वैसे तो मैं और मेरी चाची ज्यादा बात नहीं करते. एक बार जब मेरे माँ डैड कुछ समय के लिए पापा के साथ किसी काम से बाहर गये थे. तो मुझे मेरी चाची के घर रुकना पड़ा. मेरी चाची है तो बड़ी सेक्सी, उनके बड़े-बड़े बूब्स देखकर मेरा सेक्स करने को मन हो जाता है. वो हमेशा बड़ी नैक वाली लूज स्लीव का ब्लाउज पहनती है. जिससे मुझे बार-बार उनके बूब्स दिख जाते है.
उनकी गांड भी बहुत बड़ी है. मैं हमेशा से ही उनको चोदना चाहता था और मेरे पास उनकी एक फोटो थी, जो मैंने नहाते टाइम ली थी. उसमे वो पूरी नंगी थी और मैं उसे हमेशा देखा रहता और मुठ मारता.
एकबार घर पर कोई नहीं था. बस हम दोनों और उनकी २ साल की बेटी थी. जब तो किचन में थी. तो मैंने उनसे कहा.
मैं – चाची, मेरे लिए खाना ले आओ.
चाची – अभी ले, थोड़ी देर में.
मैं बहुत देर तक वेट करता रहा. फिर मैं बाहर गया, तो मुझे अहहः आहाहा जैसे कुछ आवाज़ आई. तो मैंने देखा, कि वो बाथरूम में बैठी थी और डोर बंद था. मैंने कीहोल से देखा, कि वो अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी.
मैं वहां से अपने रूम में वापस चले आया.
जब उनकी बेटी सोकर उठ गयी और रोने लगी. चाची अन्दर आ गयी और उसे गोद में लिया और अपने ब्लाउज को थोड़ा उठाया. उनके बूब्स बाहर आ गये और वो बेबी को दूध पिलाने लगी. मैं कैसे भी करके बाहर आ गया और उनके बूब्स को घूरने लगा. उनको पता चला, तो वो बोली –
चाची – क्या देख रहे हो?
मैं – कुछ नहीं.
चाची – अभी तुम्हारी ये सब देखने की उम्र नहीं है.
रात को जब सब सो गये, तो वो मेरे बेड के पास आकर मेरे ब्लंकेट को ओढ़ कर लेट गयी. उस टाइम, मैं जागा हुआ था और बोला कुछ नहीं. उस टाइम, उन्होंने रेड कलर की लिंगरी पहनी हुई थी. वो मुझसे चिपक गयी. उन्होंने मुझे बिलकुल अपने ऊपर दबा लिया, मेरा मुह उनके बूब्स के बीच में था.
वो सोच रही थी, कि मैं सो रहा हु.
सुबह मेरी आँख खुली, तो देखा कि कमरे में कोई नहीं था. सिर्फ चाची वहां खड़ी थी और कपड़े चेंज कर रही थी. मैंने देखा, कि वो पूरी नंगी थी और फिर उन्होंने कपड़े पहन लिए.
दो तीन दिन तक वो मेरे और क्लोज आती रही.
एक सुबह जब घर में कोई नहीं था. तो मैं पोर्न विडियो देख रहा था. अचानक से चाची आ गयी और विडियो देखकर वो बोली –
चाची – ये क्या चल रहा है?
मैं – कुछ नहीं, बस गलती से खुल गया.
चाची – कोई बात नहीं, जवानी में ये सब होता है. ये सब करते है.
मैं – आप माँ-डैड को तो नहीं बतायेंगी?
चाची – नहीं, पर मेरी एक शर्त है.
मैं – क्या, आप जो कहेंगी, मैं वही करूँगा.
चाची – ठीक है, तो मुझे खुश करो.
मैं – कैसे?
चाची – इस पोर्न को देखो और मुझे चोदो. तुम मुझे खुश करो और मैं तुम्हे खुश करुँगी.
रात को मैं बेड पर था और चाचा लेट आने वाले थे.
चाची अन्दर आई और वो पूरी नेकेड थी और उनके हाथ में एक कंडोम था. वो मेरे पास आई और बेड पर बैठ गयी. मैं उन्हें देख रहा था. उन्होंने मेरी टी-शर्ट पकड़ ली और निकाल दी. फिर, उन्होंने मुझे खड़ा किया और मेरी शोर्ट भी निकाल दी.
उन्होंने मेरा सिर पकड़ लिया और गाल पर किस की. फिर मैंने भी उनके लिप्स पर किस किया और हम दोनों ने अपनी-अपनी जीभ एक दुसरे के मुह में डाली और बहुत देर तक किस करते रहे.
फिर उन्होंने मेरा कच्छा उतारा और मेरा लंड चूसने लगी. थोड़ी देर बाद, मैंने उनके बूब्स दबाये और उनके निप्पल मुह में लेकर चूसने लगा. उन्होंने मेरे लंड पर कंडोम लगाया और बेड पर लेट गयी और मुझसे बोली – आओ चोदो मुझे. मैं उनके पास गया और अपने लंड को उनकी चूत के मुह पर रखा और अपना लंड थोड़ा सा उनकी चूत में घुसाया. एकबार तो वो जोर से चिल्लाई और फिर शांत हो गयी. मैं अपना लंड धीरे से आगे-पीछे करने लगा और फिर एकदम जोर-जोर से चोदने लगा. उन्हें दर्द हो रहा था, पर वो मज़े भी ले रही थी. मैं उनसे चिपक गया और उनके बूब्स दबाते हुए उनको किस करने लगा. हम लोगो ने अलग-अलग पोजीशन में सेक्स किया. वो मेरे ऊपर बैठकर बार-बार ऊपर-नीचे हो रही थी. उन्होंने अपना मुह मेरी चेस्ट पर रखा और बोली तुम्हारे जैसे यंग और हार्ड लंड से चुद्वाकर मज़ा आया. वो जोर से चिल्ला रही थी, पर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. हम रुके नहीं और हम सेक्स करते ही रहे, जब तक मैंने कम नहीं किया और वो मेरा लंड चूसने लगी और बहुत देर तक चूसते रही.
मैंने भी उनकी चूत चुसी और बहुत देर तक मैंने अपने मुह को उनकी चूत में ही रखा. बड़ा मज़ा आया. हम दोनों साड़ी रात एक दुसरे से चिपके रहे. मैं अपना मुह उनके बूब्स के बीच में डालकर सो गया. सुबह देखा, कि चाची भी मेरे साथ ही थी. वो भी उठ गयी और बोली –
चाची – मज़ा आया?
मैं – बहुत मज़ा आया.
चाची – कोई बात नहीं. अब तो ये मज़ा मैं तुम्हे देती रहूंगी.
मैं – क्या मतलब?
चाची – अब तुम जब चाहो, जहाँ चाहो टच कर सकते हो. और मुझे चोद भी सकते हो.
मैं – पर कंडोम के बिना तो आप प्रेग्नेंट हो जाओगे?
चाची – कोई बात नहीं, तुम मेरी गांड चोदना.
उस दिन के बाद से, मै चाची के बहुत क्लोज रहने लगा. और जब भी मौका मिलता, हम दोनों सेक्स जरुर करते है. अब मैं किचन में भी चुपके से उनके बूब्स दबाता ही रहता हु और किसी को बिना बताये, किसी ना किसी बहाने से उनके रूम में जाकर सेक्स करता हु.
अब हमारा रिलेशन सेक्स रिलेशन है. इससे उन्हें भी अच्छा लगता है और मुझे भी. जब वो नहाती है, तो मैं बाथरूम में घुसकर उनके बूब्स दबा देता हु और उनकी गांड चोदता हु, ताकि वो प्रेग्नेंट ना हो. उनकी गांड बहुत बड़ी और चिकनी है और मेरा लंड आसानी से उनकी गांड में घुस जाता है. सच में, उनको चोदकर ऐसा लगता है, कि मैं जन्नत में पहुच गया हु और उनको चोदना मेरी लाइफ का सबसे अच्छा टाइम होता है.

Wednesday, April 22, 2015

FUN-MAZA-MASTI सिस्टर की फ्रेंड

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सिस्टर की फ्रेंड 

ये स्टोरी मेरी और मेरी सो कॉल्ड गर्ल फ्रेंड की है. जिसका नाम पायल (बदला हुआ नाम), जो की मेरी बड़ी दीदी की क्लोज फ्रेंड है. एक महीने पहले दिसम्बर की बात है. उसका हमेशा मेरे घर आना-जाना रहता है. वो मुझसे से बड़ी है, इसलिए मैं उसे हमेशा ही दीदी कहता हु. एकदम माल, रंग गोरा, हेयर लॉन्ग और ब्लैक, हाइट ५.६”, फिगर तो देखते ही मुह में पानी आ जाए ऐसा … अहहाह .. ३६डी-२८-३४. अब मैं स्टोरी पर आता हु.
पायल ज्यादातर पुरे दिन हमारे घर पर ही रहती है. वो और मेरी सिस एक कमरे में रहते है और मैं उसके साइड वाले कमरे में. हम दोनों की सिर्फ हाई- हेलो- बाई तक ही बात होती थी. एक दिन वो आई. मेरी सिस को पापा के कामसे पापा के ऑफिस जा के पैसे लाने थे. मेरे माँ-डैड दोनों बिज़नस करते है. सो, ज्यादातर घर पर मैं और मेरी सिस, हम दोनों ही होते है. उसने अपने जाने की बात पायल दीदी को शायद बताई नहीं और वो घर से चली गयी. थोड़ी देर बाद, उसकी दोस्त पायल घर आई और उसके बारे में पूछने लगी. जब मैंने उसे उसके जाने के बारे में बताया और उसको कहा – अगर तुम चाहो, तो उसका वेट कर सकती हो. वैसे मैं भी अकेले बोर हो रहा हो. शी सेड – ओके
मैं अपने कमरे में चले गया. उसने मुझे आवाज़ दी और मैं बाहर आ गया.
शी – कुछ पियोगे?
मैं – दीदी आएगी, तो चाय बना देगी. आप क्यों तकलीफ करती हो.
शी – मतलब, चाय पीनी है? (नॉटी स्माइल के साथ)
मैं – एक्चुअली
उसें पूछा – दूध कहाँ है? और बाकि सामान कहाँ है?
मैं (मन में) – दूध तो तुम्हारा ३६ वाला इसमें भर-भर के है. उसी को निचोड़ लो. शुगर की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.
शी – हेलो?
मैं – हाँ, वो गैस के साइड में है.
फिर हमने साथ में लिविंग रूम में चाय पी टीवी देखते हुए. रोमेंटिक सोंग चल रहे थे. ठंडी के दिन और ऊपर से गरम चाय. वो भी गरम है देखने में. पहली बार उसे इतनी देर तक इतने पास से देखा.
शी – क्या देख रहे हो? टीवी देखो ना …
मैं – हाँ .. सॉरी
शी – अच्छा, तुम्हारी गर्लफ्रेंड क्या कह रही है? उसी से चैट कर रहे हो ना?
मैं – नहीं दी. ऐसे ही WAPपे ग्रुप पर मेसेज पढ़ रहा था.
शी – तो, क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?
मैं – नहीं, अभी तक कोई नहीं मिली.
शी – अच्छा मिल जाएगी. मुझे तो लगता है कि तुम जिसको प्रोपोज करोगे, वो मना नहीं कर पायेगी.
मैं – अच्छा, पक्का. ऐसा भी क्या?
शी – हाँ
मैं – तो आपका बॉयफ्रेंड तो होगा ही ना?
शी – नहीं रे. किसी पे ध्यान ही नहीं दिया.
मैं – तो अब देके देखो.
शी – सोच रही हु.
मैंने – क्या मतलब?
शी – कुछ नहीं.
फिर, मैं उनके साथ कुछ फ्लिर्टी बातें करने लगा. सोचा कि अगर तीर निशाने पर लगा, तो मस्त माल चोदने को मिलेगा.
मैं – पायल?
शी – ओह .. मिस्टर … फ़्लर्ट करते-करते दी से डायरेक्ट पायल.
मैं – अगर प्रॉब्लम है, तो बोल दो..
शी – नहीं. बोलो .. क्या चाहते हो, तुम?
मैं – तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो .. सच में. बहुत दिनों से सोच रहा हु कि आप को बोल दू. पर डरता था, कि कहीं आप ना ना कर दो.
शी – ओह .. तो ये बात है… इसलिए इतना फ्रेंडली बिहेव हो रहा है आज…
मैं – जी
शी – मुझे सोचना पड़ेगा. तुम छोटे हो. बस ये ही फरक है. वैसे तुम लड़के अच्छे हो.
मैं – देखो पायल. प्लीज … अभी बता दो. मुझे चिंता लगी रहेगी.
शी – देखो, मैं अपनी बेस्ट फ्रेंड के साथ धोखा नहीं कर सकती बट तुम्हारे जैसे लड़के को मना भी नहीं कर सकती.
मैं उठा और उसके पास जाकर बैठ गया. उसके हाथ पकडे और बोल दिया – आई लव यू.
उसके हार्टबीट बढ़ गये और उसकी गरम सांसे मेरे हाथो पर महसूस हो रही थी.
मैं – प्लीज बोलो ना.
शी – ऊऊक्के.. आई लव यू टू … रोहन.
मैं – आई वांट ऐ हग .. ऐ टाइट हग.
शी – तो आजा मेरा बच्चा.
इ ह्गेदहर टाइट. अपना हाथ उसकी पीठ के ऊपर से घुमाते हुए.. उसकी नैक तक ले आया. अपने दाए हाथ से उसका टॉप शोल्डर से सरकाया. इतना गोरा बदन देखके तो मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था. मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था. क्या करू और क्या नहीं?
शी – हेलो, हग कर रहे हो, या कुछ और? इरादा क्या है?
मैं – जी भर के प्यार करने का.
शी – तुम्हारी सिस आ जाएगी. अभी मैं कल आउंगी. तब जो चाहो, जितना चाहो .. उतना कर लेना. खा जाना मुझे पूरा. मैं भी तुम्हारे प्यार के लिए तड़प रही हु.
मैं – ठीक है एंड आई किस ओन हर लिप्स.
उसने भी पूरा साथ दिया, टंग से खेल रही थी मेरी वो.
थोड़ी देर बाद, मेरी सिस आ गयी. कुछ देर बाद, पायल अपने घर वापस चली गयी.
रात को उसका मेसेज आया.
शी – हाई हॉट. व्हाट आर यू डूइंग?
मैं – नथिंग. मिस्सिंग यू हनी.
शी – अच्छा बेबी. आई ऍम कमिंग टुमारो ना.. जस्ट वेट.
शी – अच्छा बताओ ना. क्या पहनू तुम्हारे लिए?
मैं – वैसे तो कार से आओगी. तो मैं तुम्हे वन पिस में देखना चाहता हु.
शी – अच्छा, मेरे बेबी. अभी से पोस्सेस्सिव.
मैं – नहीं ऐसा कुछ नहीं है. बस इच्छा है देखने की.
शी – अच्छा, ठीक है और अन्दर?
मेरा तो फिर से खड़ा हो गया. मैंने कण्ट्रोल किया और फिर रिप्लाई किया.
मैं – ब्लैक ब्रा एंड पेंटी विथ ट्रांसपेरेंसी.
शी – ओके बेबी. नाउ स्लीप वेल एंड गुड नाईट. हेव ऐ सेक्सी ड्रीम विथ मी.
मैं – आ जाओ, मेरे कम्बल में.
शी – देखो. लो मैं आ गयी
इमाज़िन करते-करते सो गया.
दुसरे दिन, वो आई. सिस को दुसरे फ्रेंड के घर पर बुलाया था और खुद इधर आ गयी थी.
मैं – वोवो, पायल लूकिंग कयूट इन ब्लैक. इट्स सूट यू.
शी – मेरे बेबी के लिए, इतना तो कर ही सकती हु ना.
मैं – अब ज्यादा बातें नहीं. चलो बेडरूम तुम्हारा वेट कर रहा है.
शी – रुको मेरी जान.
मैं – नहीं.
और उसे उठाया और ऊपर बेडरूम में लेके गया. और फेंक दिया बेड पर.
वो सीधी लेटी थी. उसके गोरे-गोरे चिकने पैर दिखने लगे थे मुझे. मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मैं उनपर टूट पड़ा.
पहले उसके पैरो से शुरू किया. उनको चाटा और उनको किस करते हु और उसकी ड्रेस से उसके बदन को किस करते हुए उसकी चेस्ट पर आ गया और किस करने लगा. फिर, मैंने उसके गले को किस कर रहा था और चाट रहा था.
वो जोर से मोअन कर रही थी.
शी – ओहोहोहोह जन्न्न्नूऊऊ. यू अरे सूऊऊ हॉटटट.. कबसे तुम्हे लाइक करती थी. फाइनली, जान आई लव यू सो मच. उसके इतना बोलते ही, मैंने अपने लिप्स उसके लिप्स से जोड़ दिए और उनको चूसने लगा. मैं उसके लिप्स को हॉर्स सक कर रहा था.
शी – धीरे, खा जाओगे क्या, इन्हें? तुम्हारी ही हु बाबा..आराम से करो.
फिर मैंने उसे बिठाया और उसके वन पिस की चैन खोलनी शुरू कर दी. साथ ही उसके शोल्डर को चाटना भी शुरू किया. वो जोर-जोर से मोअन कर रही थी. उसका वन पिस निकालने के बाद, मैं उसे देखता ही रह गया. ब्लैक ट्रांसपेरेंट ब्रा और पेंटी में वो इतनी माल दिख रही थी, क्या बताऊ. उसे लिटाया और फिर उसके पेट पर अपनी टंग घुमाना चालू किया. उसके गुद्गुद्दी होने लगी और उसके मुह से सिस्कारिया निकल रही थी अहह्ह्ह्हह्ह्ह्ह म्म्मम्म्म्मम्म. फिर, मैंने उसकी थाई को चाटना शुरू किया. वो उठी और मुझे धक्का देके बेड पर लिटाया. अब वो मेरे कपडे उतारने लगी. धीरे-धीरे किस करते-करते जब वो नीचे आई तो बोली.
शी – वो, हनी इतना बड़ा. इसे लेने में मजा आएगा. दोगे ना?मेरा
लंड ७ इंच लम्बा और ३ इंच मोटा है.
मैं – हाँ स्वीटहार्ट.
फिर उसने चुसना शुरू किया. मुझे तो जैसे जन्नत मिल गयी हो.
मैं – अहहहः आआआआ म्मम्मम हनी. कितना प्यारा चुस्ती हो? तुम काश हमेशा ऐसे ही रहो. मुझे भी तुम्हारी चूत को चाटना है. प्लीज दो नाआआआ.
शी – ले लो नाआआआअ, ये बस तुम्हारी ही है.
फिर हम दोनों ६९ में आ गये. फिर मैंने एक ऊँगली डालकर उसकी चूत के होल को चुसना शुरू किया. वो ऐसे ही मोअन करने लगी, कि निग्रा फॉल आ जायेगा, मेरे मुह में.
मैं – मैं छुटने वाला हु. रुको मैं तुम्हारी चूत में छुटना चाहता हु और मुझे तुम्हारा रस पीना है.
शी सेड ओके और फिर जोर-जोर से चुसना शुरू कर दिया और वो जोर से कहराने लगी.
शी – फ़ास्ट जानू… फ़ास्ट प्लीज. डोंट स्टॉप प्लीज. उसने अपने हाथ से मेरा सिर पकड़कर अन्दर घुसाना शुरू कर दिया. फ़ास्ट .. फ़ास्ट .. और भी ज्यादा फ़ास्ट… जानू .. एस एस … आई ऍम कमिंग.. प्लीज डोंट स्टॉप.
थोड़ी देर में उसने मेरे मुह में अपना पूरा पानी निकाल दिया और मैं उसे पूरा चाट गया.
जो थोड़ा बहुत लगा था मुहपे, वो उसने अपनी टंग से चाटकर साफ़ कर दिया.
मैं – अब नहीं रहा जाता. प्लीज. आई वांट टू फक यू.
शी – तो आ जाओ राजाआआआआआ. करलो फक.
थोड़ी देर उसने फिरसे मुहमे मेरे लंड को चुसना शुरू किया. फिर मैं बोला, मुझे तुम्हारी गांड देखते हुए चोदना है. डौगी स्टाइल में आ जाओ.
शी – ओके, मेरी जान.
फिर मेने अपना लंड आधा डाला, तो उसकी चीख निकल गयी और बोली – नहीं करना. प्लीज इसे बाहर निकालो. कभी और बाद में देखेंगे.
मैंने कहा – नहीं अभी करना है. प्यार करती थी मुझसे बेचारी. मान गयी.
मैंने दूसरा झटका मारा थोडा जोर से. मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. उसकी चूत से खून बाहर आने लगा. उसकी आँखों में आसू आ गये. मैं चाहता तो नहीं था, फिर भी पूछने के लिए कहा – जान, तकलीफ ज्यादा हो रही है? नहीं करता हु. छोड़ देता हो. अगर तुम चाहो. मुझे तुम्हे ऐसे देखकर बड़ा दुख हो रहा है.
शी – अरे जान, माय बेबी. इतना केयर करते हो. प्लीज डोंट वोर्री. अपनी जान के लिए इतना दर्द तो सह ही सकती हु.
बस फिर मैंने शॉट मारना शुरू किया और बादमे उसे भी मज़ा आने लगा.
शी – अहहहहः म्म्मम्म्म्मम्म ऊऊऊऊ जानन्न्न्नन्न्न्नन्न और जोर से करो नाआआआअ. मज़ा आ रहा है. ऊऊऊऊओ म्म्मम्म्म्मम्म. जान, मैं आने वाली हु. आई ऍम अबाउट टू कम. अहहाह ,,,ऊऊओ. प्लीज डोंट स्टॉप. अहहाह……..ह्म्हम्हम्ह्म … प्लीज डोंट स्टॉप. हहहहः.
और वो छुट गयी. उसका ओर्गेसम इतना हो गया, कि वो वाइब्रेट होने लगी.
मैं – जान, मैं भी छुटने वाला हु. अहहहहहः .. एस एस एस … ऊऊओहोहोहोहो… हग मी टाइट. हाहाहा एस एस एस एस …म्म्म्मम्म्म्मम्म
और १५-२० मिनट के बाद, मैं भी छुट गया, उसकी चूत में. फिर हम साथ में नहाये. वो मेरा पहला फक था, जिसमे हम दोनों मस्त मज़ा आया.

FUN-MAZA-MASTI डेंटल क्लिनिक की रिसेप्शनिस्ट

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डेंटल क्लिनिक की रिसेप्शनिस्ट  

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम तुषार है और मैं पुणे में रहता हु. और इस वेबसाइट पर मैं अपनी पहली कहानी आप लोगो के लिए लिख रहा हु. अगर कुछ गलती होती है, तो मुझे माफ़ कर दीजियेगा. सारे लड़के अपने लंड को अपने हाथो में रखकर बैठे और लडकिया अपनी चूत में ऊँगली डाल ले, क्युकि मेरी कहानी पढ़ कर आप दोनों लोगो को ही मज़ा आयेगा.
मैं पुणे में, एक डेंटल क्लिनिक में काम के सिलसिले में गया था. उधर एक २१ साल की लड़की रिसेप्शन काउंटर पर बैठी थी. उसका नाम हेमा था. वो देखने में सांवली थी पर दिखने में मस्त आइटम थी. उसके बूब्स छोटे है और कमर पतली है. उधर जाने के बाद, मैं डॉक्टर से मिला. उसका क्लिनिक कोई भीड़ वाले इलाके में नहीं था और नया भी था. तो उधर कोई आता-जाता भी नहीं था. डॉक्टर से मिलने के बाद, मैंने उनसे कहा, कि मैं आपका काम दो दिन में करता हु. उस दिन के बाद, मैं दो-तीन बार क्लिनिक में गया. उस लड़की को में देखता और वो भी मुस्कुरा देती थी. पर मेरी हिम्मत नहीं होती थी, उसको कुछ भी बोलने की. एकदिन, मैं क्लिनिक से बाहर निकल रहा था. तो उसने मुझे ऊपर से ही बाय किया. मैं चौक गया, भला ऐसे कैसे हो सकता है. दुसरे दिन डॉक्टर ने मुझे कहा, कि मैं आज सुबह नहीं हु, आप शाम ६ बजे आओ. तो मैंने क्लिनिक के नंबर पर फ़ोन किया तो फ़ोन उस लड़की ने पिक किया.
मैं : हेलो
हेमा : हेलो
मैं : डॉक्टर है?
हेमा : नहीं, काम है क्या?
मैं : हां, डॉक्टर से भी और तुमसे भी
हेमा : मेरे से क्या काम.
मैं : है, थोडा.
हेमा : तो आ जाओ, अभी.
उसके बाद, मैं क्लिनिक गया. वो बोली – क्या काम है. मैने कहा – आई लव यू. यकीन मानो दोस्तों, ये मेरी सच्ची स्टोरी है. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है, कि आगे कैसे लिखू. जब मैंने उसे आई लव यू. तो उसने कहा – जब तुम पहली बार क्लिनिक आये थे, मुझे तब से मालूम है. मेरे दिल की धड़कन तेज होने लगी थी. मुझे उससे इतनी उम्मीद नहीं थी और मुझे नहीं मालूम था, कि वो की चालू लड़की निकलेगी. उसके बाद, मैं उसके करीब आ गया और उसको किस करने लगा. करीब ५ मिनट किसिंग के बाद, उसने कहा तुम कल आ जाना और मैं उधर से निकल गया. मैं अगले दिन दोपहर को जब डॉक्टर नहीं होता था, तब गया. साथ में कंडोम भी ले गया. उधर जाने के बाद, हम दोनों लोग सोफे पर बैठ गये. उसने जीन्स पहन रखी थी. मैंने उसके कंधे पर हाथ रखे हुए थे और उसके गले से पीछे आकर उसके बूब्स प्रेस कर रहा था. वो भी कुछ नहीं बोल रही थी. मैंने मेरा मोबाइल निकाला और ब्लू फिल्म चालू कर दी. मुझा पता चला, कि वो लड़की बहुत चालू है. वो ब्लू फिल्म देखकर गरम होने लगी. यकीन मानो, मैं उसको कहीं भी टच कर रहा था और वो कोई विरोध नहीं कर रही थी और मुझे कुछ भी नहीं बोल रही थी.
मैं फुल गरम हो गया था और अभी भी हमारी किसिंग चालू थी. वो मेरी किस का फुल रेस्पोंस दे रही थी. मैं किसिंग के साथ उसके टॉप के ऊपर से ही उसके बूब्स को प्रेस कर रहा था. उसे बहुत मज़ा आ रहा था. मैंने उसे उसकी जीन्स निकालने को कहा. तो उसने पहले मुझे मेरे कपड़े उतारने को बोला. मैंने पहले अपनी जीन्स निकाल दी और फिर उसके कपडे उतार दिए. उसकी सवाली चूत देखकर, मैं तो पागल हो गया. मैंने अपना अंडरवियर निकाला और उसे मेरा लंड हिलाने को कहा. वो मेरे लंड को देखते ही, मेरे लंड पर टूट पड़ी और नीचे झुककर मेरे लंड को किस करने लगी. हम दोनों ही पुरे जोश में थे और २ मिनट बाद, मैंने उसे ऊपर उठाया और उसकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी. वो उछल पड़ी. मैंने चूत में ऊँगली फिरानी चालू कर दी. उसे बहुत मज़ा आ रहा था और वो बोल रही थी – तुषार और जोर हिलाओ. अहहहः …ऊऊऊऊऊओ … बहुत मज़ा आ रहा है. अजजजाज म्मम्मम्मम्म… तुषार हिलाओ ना… वो मेरे से चिपक गयी और बोली तुषार मेरा पानी आ रहा है…. पचाक … पचाक की आवाज़ के साथ उसका पानी पी गया. अब मेरी बारी थी.
फिर मैंने उसको सोफे पर बिठाया और अपना लंड उसकी चूत पर रखा और उसको चूत पर रगड़ने लगा. वो बोली – जल्दी करो, इतना टाइम नहीं है हमारे पास. मुझसे भी अब नहीं रुका जा रहा था. तो मैने मेरा ७ इंच का लंड उसकी चूत पर रखा और एक जोर का धक्का मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत को फाड़ कर अन्दर घुस गया. मेरा लंड आसानी से उसकी चूत में चला गया, तो मैने उसको पूछा – क्या उसकी पहले भी चुदाई हुई है? तो उसने बताया, कि उसने एक साथ २ लडको से चुदवाया है. उसे ग्रुप में चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है. उसकी चुदासी प्यास को देखकर मुझे जोश आ गया और मैंने बोला – ले साली, मेरा लंड ले और मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया. मैं अपनी गांड को तेजी से चला रहा था और अपने लंड को आगे-पीछे करके उसकी मस्त चुदाई कर रहा था. वो बोल रही थी – चोदो मुझे तुषार…और जोर से चोदो, बहुत मज़ा आ रहा है. येस्सस्सस्स …अहहाह .. और मैं भी उसको बोल रहा था. अहहः…. ले साली …. अओअओअओअ. रांड … ले मेरा मोटा लंड .. छिनाल की औलाद …. ले ले और मैं उसको बड़ी स्पीड में चोद रहा था. वो मराठी में बोल रही थी – आई घाले मज़ा लंड, तुज्या पुच्चित. कामी पडतोय का अजें बोलू कोणाला. टी महानत होती, जाव तुषार जाव माला फद्कुं तक माजी पुच्छी, ले खाज आहे मजाये पुच्चिला हा. झा . अहहः …तुषार जाव पथापथा कलि कर माला. मुजू कलि करो तुषार .. और जोर से चोदो … मेरी चूत को आज फाड़ दो. हहहः आआअम म्मम्मम तुषार ,,,,चोदो … चोदो …. जाव जाव तुषार.
मैं भी जोश में आ रहा था और हपक रहा था. और करीब १० मिनट के बाद, मैं झड़ गया. वो भी अब तक २ बार झड़ चुकी थी. उसके बाद हमने कपडे पहने और ठीक-ठाक होकर मैं उधर से चले गया. उसके मैं, हफ्ते में २-३ बार उसे चोदता हु और वो भी मज़े लेती है.

FUN-MAZA-MASTI मेरी गर्लफ्रेंड काजल

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 मेरी गर्लफ्रेंड काजल


हेलो लेडीज, डिस इस जय, चंडीगढ़ से हु और दिखने में हेंडसम विथ ग्रीन आईज और गोल्डन हेयर है. मेरी बहुत गर्लफ्रेंड हुआ करती थी जब मैं अपने कॉलेज में था. मैं हरियाणा के एक छोटे से शहर में था, लेकिन अब यहाँ आने के बाद बिलकुल अकेले हो गया हु. आज मैं आपको अपने जीवन की सच्ची घटना बता रहा हु. ये कोई ८ साल पहले की बात है, जब मैं २४ साल का था. मेरी हाइट ५.६ फीट है. आई हेव वेल बिल्ट मस्कुलर बॉडी, तो बात मेरी गर्लफ्रेंड के बर्थडे वाले दिन की है. मैंने उसे रात को १२ बजे विश किया और बर्थडे वाले दिन मिलने का प्रोग्राम फिक्स किया. अगले दिन वो सुबह मेरे फ्रेंड के होटल में आ गयी. हम नीचे रेस्टुरेंट में मिले, तो तभी मैंने उसे बर्थडे विश किया और हग किया. वो मेरे पास आ गयी और हम लोगो के बीच बातें शुरू हो गयी. बातें करते-करते किस शुरू हो गयी, जो काफी देर तक चली. किस करते हुए, जब मैं उसकी गर्दन पर किस कर रहा था. तो मुझे उसकी बूब्स के बीच की लकीर दिखाई दी. कितने बड़े और कसे बूब्स थे उसके.
अचानक से मेरे हाथ उसके बूब से टच हुआ, तो मैंने उसको सॉरी बोला. वो मुस्कुराकर बोली – इट्स ओके. फिर हमने कुछ खाने का आर्डर दिया फिर हमने खाना खाया. मैंने उसे एक कुर्ती गिफ्ट की, जो उसे काफी पसंद आई. उसने मुझे किस किया और थैंक्स बोला. तब उसने मुझे एक रिटर्न गिफ्ट दिया. वो एक शर्ट थी, जो बहुत ही अच्छी थी. उसने बोला – मुझे डाल कर दिखाओ. मैंने उसे बोला – कि पहले तुम डालो. फिर हमने ऊपर के रूम में जाने का प्रोग्राम बनाया. हमने एक रूम बुक किया और रूम में जाकर उसने मुझे शर्ट पहनाया. तब मैंने भी जिद की, कि वो भी मेरे सामने ही चेंज करे. पहले तो वो गुस्सा हुई और फिर थोड़ी देर बाद मान गयी. फिर उसने मेरा मुह दूसरी तरफ कर दिया और चेंज करने लगी. वो एक रेड कलर की कुर्ती थी और वो उसमे बहुत स्मार्ट लग रही थी. मैं उसे किस करने लगा और उसने उसके बाद, मुझे टाइट हग किया. मैंने भी उसकी अपनी बाहों में जकड लिया. हम दोनों के लिप्स आपस में मिल गये और हम दोनों एक दुसरे को वाइल्ड किस कर रहे थे. उसके बाद मैंने किस करते-करते अपना ब्लेज़र उतार दिया.
हम दोनों बहुत जोर से किस कर रहे थे और अब मैं उसको उठाकर बेड पर ले गया. उसकी बॉडी से अलग सी खुशबु आ रही थी. मैं उसके गले पर किस कर रहा था और वो मेरे बालो में हाथ फेर रही थी. फिर उसने मेरी अपनी शर्ट रिमूव की और मैं उसकी कुर्ती भी उतारने लगा. पहले वो मना कर रही थी, पर मैंने झटके में उसकी कुर्ती और लेगिंग उतार दी. अब मेरे सामने सिर्फ ब्लैक ब्रा और पेंटी में थी. क्या क़यामत थी..बहुत ही गरम और सेक्सी थी. जैसे ही मैने उसके बूब्स को अपने हाथो में लिया, उसके मुह से मोअन की आवाज़ आई आहाहहः ऊऊऊऊ और मैंने उसकी ब्रा निकाल दी. क्या मस्त और मोटे-मोटे बूब्स थे उसके और उनपर पिंक निप्पल तो गजब ढा रहे थे. अब मैंने उसके बूब्स को मुह में लेकर चूस रहा था. उसके निप्पल बहुत हार्ड और इरेक्ट लग रहे थे और वो भी मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ने की कोशिश कर रही थी. मैंने अपनी जीन्स और अंडरवियर एक साथ उतार दिया. मेरा लंड किसी आयरन रोड की तरह खड़ा था और उसने मेरे लंड को अपने हाथो में कस लिया.
मैं उसके बूब्स को मस्ती में चूस रहा था और उसके बूब्स को चूसते-चूसते मैं उसकी नेवल पर आ गया और वहां से नीचे जाते हुए उसकी पेंटी के पास आ गया. उसकी पेंटी बिलकुल गीली थी. और जैसे ही, मैंने उसकी पेंटी के ऊपर अपना मुह रखा, तो उसके मुह से बहुत तेज अहहहहः की आवाज़ निकली और उसके बाद मैंने उसकी पेंटी निकालकर फेंक दी. उसकी चूत पूरी क्लीन शेव थी और मैं उसकी चूत चाटने लगा. उसके बाद हम ६९ पोजीशन में आ गये और उसने मेरा लंड अपने मुह में ले लिया और उसको अच्छे से चूस रही थी. मैं उसका पूरा पानी पी गया और जब मैं डिस्चार्ज होने वाला था, तो मैंने उसको बोला. उसने कहा – पूरा पानी मेरे मुह में ही छोड़ दो. तो मैंने अपना पूरा पानी उसके मुह में छोड़ दिया और डिस्चार्ज हो गया. फिर एक जोरदार लिप किस किया और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. उसके बाद मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा. उसकी चूत बहुत टाइट थी और मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत में अपने लंड को घुसाना शुरू किया.
उसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे. मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और फिर एक शॉट में अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. उसके मुह से हलकी सी चीख निकली और फिर वो गांड उठा-उठाकर चुद रही थी. उसे बहुत दर्द हो रहा था पर साथ में मज़ा भी आ रहा था. वो मदहोश होकर अहहहाह आआआआआआआ ऊऊऊऊऊऊओ की आवाज़े निकाल रही थी. १० मिनट बाद, मैंने उसको डौगी स्टाइल में किया और मैं उसके पीछे आ गया और एक ही बार में, अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया. वो चीख पड़ी और बोली – थोडा धीरे. पर फिर उसको मज़ा आने लगा और वो अहहहहः अहहहः ऊऊऊ म्मम्मम्मम्म बस्सस्सस्स बस्सस्सस्स करने लगी. वो ३ बार डिस्चार्ज हो चुकी थी. मैं भी डिस्चार्ज हो गया और हम दोनों ने एक दूसरे को चाटकर साफ़ किया.




FUN-MAZA-MASTI चाची ने लाल-लाल होठो से

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 चाची ने लाल-लाल होठो से


दोस्तों, मैं दिल्ली में अपनी चाची और उनके दो बच्चो के साथ रहता हु. मेरे चाचा का बहुत बड़ा बिज़नेस है. तो वो साल में, कुछ ही बार इंडिया आते है और चाची को जयादा अकेला महसूस ना हो, इसलिए मैं उनके साथ पिछले ६ महीने से रहने लगा था. लेकिन, दोस्तों मैंने अपनी जिन्दगी में चाची से ज्यादा खुबसूरत कोई भी नहीं देखी. उनकी उम्र मुझसे थोड़ी सी ही ज्यादा है, पर उनका गोरा बदन ये बतलाता है, कि उनकी उम्र अभी २५-२६ की है और उनके काले बाल, उनका हसमुख चेहरा, उनकी नीली आँखे, लाल होठ उनकी सुन्दरता को और भी निखार देते है. सुंदर तो वो है, पर वो चंचल भी है. मुझे सबसे ज्यादा उनके बूब्स पसंद है. सिर्फ उनकी चुचियो के साइज़ से ही आप कह सकते होंगे, कि वो कोई लड़की नहीं और उनकी गांड के तो क्या कहने और मेरी चाची घर में ज्यादातार सलवार कुरता या साड़ी पहनती है.
उनके बूब्स और गांड दोनों ही इन्तिहाँ बड़े नज़र आते है और मेरी चाची वैसे तो बहुत प्यारी है, पर बहुत चंचल भी है. वो हमेशा मेरे साथ हंसी-मजाक करती है और कभी-कभी तो हम लोग एक दुसरे के साथ फ्रेंडली कुश्ती भी लड़ते है. जब मैं आया हूँ, तो चाची मेरा बहुत ख्याल भी रखती है. अगर, मेरी कोई बाद उन्हें बुरी भी लगती है और मुझसे नाराज़ होती है. तो वो मुझे प्यार से समझा भी देती है. पर दोस्तों, मैं हमेशा उनके बड़े चुचे देखकर ही खुश होता रहता था. बस तो मन में एक ही ख्वाइश थी, उनको चोदना. एक रात को मेरी ठरक बहुत बढ़ गयी और मैं उनके कमरे में चले गया. उनके बच्चे दुसरे कमरे में सोते है, इसलिए कमरे में चची अकेली थी और दिन भर की थकी हुई थी और बेहाल बिस्तर पर पड़ी हुई थी. मैं उनके बदन को निहार रहा था. मैंने हिम्मत करके अपने हाथ उनके बूब्स पर रख दिए और उनको दबाने लगा. दोस्तों, मैं आप लोगो को बता नहीं सकता, कि उनके बूब्स इतने गरम और मोटे थे कि उनके स्पर्श से ही मेरी ठरक दुगनी हो गयी. फिर, मैंने उनकी गांड को भी दबाया. वो उम्म्मम्म की आवाज़ निकाल कर, थोडा सा हिली. मेरा लंड तो पहले ही तना हुआ था. पर उससे आगे कुछ करने की हिम्मत नहीं हुई, तो मैं वापस चले आया.
उस दिन से मैं जबरदस्ती उनके शरीर को छुने की कोशिश करता रहा पर उन्होंने मुझे कभी कुछ करने से मना नहीं किया और ना ही डाटा. एक मैंने मजाक-मजाक में उनके बूब्स पर हाथ फेर दिया. पर तब भी उन्होंने कुछ भी नहीं कहा. अब मेरी हिम्मत बड़ने लगी और मेरी ठरक दुगनी हो गयी. एक दिन बच्चे स्कूल गये हुए थे. चाची मुझसे कुछ बातें कर रही थी. उन्होंने हरे रंग का कुरता और सलवार पहना हुआ था, जिसमे से उनके निप्पल साफ़-साफ़ दिख रहे थे और उनकी गले के नीचे उनके बूब्स के उभार भी साफ़ दिख रहे थे. मैंने तभी उनसे ना जाने क्यों कहा, कि मैं आपके सिर की मालिश कर देता हु. उन्होंने भी हामी भर दी. मैं तेल लेकर सोफे पर बैठ गया और वो मेरे नीचे बैठ गयी और मैंने धीरे-धीरे उनके बालो की मालिश की और मेरी धीमी मालिश से उनको बहुत मज़ा आया और वो बोली – तुम्हारे हाथो में तो जादू है. दोस्तों, मेरा लंड तो ये बात सुनते खड़ा होने लगा. अब मैंने थोड़ा आगे की ओर झुककर उनके कुरते के अन्दर देखने लगा और मुझे उनकी गोलाई दिखने लगी.
मैंने उनको गर्दन नीचे करने को कहा, तो उन्होंने कर दी और मैंने जब उन्हें जब और जिधर हिलाने को कहा. वो मेरी सारी बातें मान रही थी. मुझे लगा, कि उन्हें मेरी मालिश अच्छी लग रही है. मैंने उनकी आँखों को हलके से बंद कर दिया और उनके बालो से अपने हाथो को बाहर निकाल कर अब मैंने उनकी गर्दन और कंधे को भी दबाने लगा. मेरा लंड एकदम तन्न चूका था और जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ, तो मैंने अपने लंड को अपने पयजामे से बाहर निकाल लिया. चाची जी भी अब मालिश का आनंद लेने लगी थी. मैंने धीरे-धीरे उनकी उपरी छाती को सहलाना शुरू किया, तो उन्होंने कुछ नहीं बोला. अब मेरे साँसे बहुत बढ़ गयी थी, तो मैंने धीरे से उनके दोनों बूब्स को दबा दिया. उन्होंने उम्म्मम्म की आवाज़ निकाली. मेरी हिम्मत और भी बढ़ गयी और अब मैंने उनके बूब्स और भी कसकर दबा दिए. उनके मोटे बूब्स अब मेरे हाथो से मसले जा रहे थे और वो उम्म्म्म – उम्म्म्म की आवाज़े निकालने लगी. पर जब उनकी अगली आवाज़ निकली, तो उसने मेरी जिन्दगी ही बदल दी. उन्होंने कहा – क्या, मैं अपना कुरता और सलवार उतार दू? ताकि तुम मेरी अच्छे से मालिश कर सको.
मैं अब पुरे जोश में था और मेरा लंड भी तना था. मैंने कह ही दिया – अब उतार ही दो चाची. वो मेरे सामने पीठ करके खड़ी थी और उन्होंने अपना कुरता उतार दिया और अब उनकी सलवार में छुपी गांड मेरे चेहरे के बिलकुल करीब थी और मैंने उसकी गोलाई को देखा और अपने हाथो से एक रेखा खिची और धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ते हुए, उनकी नंगी पीठ को चूमा. खड़ा होने पर मैं हाथ आगे ले गया और उनके बूब्स और चूत को सहलाने लगा. उनकी उम्म्मम्म – उम्म्म्मम्म की आवाज़ रुक ही नहीं रही थी. मेरा लंड उनकी सलवार में गुसा, तो उन्होंने उम्म्म्मम्म करके हामी भर दी. फिर मैंने उनके सलवार को भी उतार दिया और सच मानिये दोस्तों, ना तो उनकी नीली ब्रा में उनके बड़े चुचे समां रहे थे और ना ही उनकी काली पेंटी में उनकी गोल-गोल गांड मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने उनकी ब्रा के नीचे जाके बूब्स को दबाया और दुसरे से उनकी गांड को दबोचा.
फिर धीरे से एक ऊँगली चूत के दोनों हाथो के बीच में रगड़ दी वो वो चिल्ला उठी. इर उन्होंने अपने हाथो से मेरा सिर पकड़ लिया और थोडा सहलाने पर वो और भी खुश हो गयी और मुझे आज ही कुछ करना था. मैंने तुरंत उन्हें उठाकर सोफे पर पीठ के बल बैठा दिया और बोला की – आज सिर्फ मालिश होगी. मैंने उनकी पेंटी भी उतार दी और ब्रा भी खोल दी और धीरे-धीरे उनके बूब्स को दबाने लगा. उनकी चूत को मलने लगा और उनके निप्पल तो गहरे भूरे थे और उनके गोरे बदन से बिलकुल अलग थे. मैंने उन्हें मुह में रखकर चूसा और दूसरा हाथ उनके हाथो में डाल दिया और उनके बूब्स में से दूध तो ना निकला, पर एक अजीब सा मीठापन जरुर था. धीरे-धीरे उनकी भी कामवासना बढ़ने लगी थी, तो उन्होंने कहा – जल्दी कुछ करो ना. तो मैंने उनको जवाब दिया – रुको, अभी १ मिनट. मैंने फिर उनको उल्टा कर दिया और अब उनकी गोल गांड और बीच में झुकी हुई पीठ और उनका मदमस्त आधा चेहरा ही दिख रहा था.
तो मैंने अब उनकी गांड को धीरे-धीरे मसला और एकदम से एक ऊँगली उनकी चूत में डाल दी और वो कहराने लगी. अब मैंने दो उँगलियाँ डाल दी और थोडा तेजी से उनकी चूत में ऊँगली करने लगा. साथ ही मैंने उनके बूब्स के निचे हाथ डाल कर दबाना शुरू कर दिया. उनकी चीखे भी बढती चली गयी और थोड़ी देर बाद उनका रस निकल गया और वो तैयार थी. अब मैंने उनको उठने को बोला और उनके रसीले होठो में अपना लंड डाल दिया. तो उन्होंने जोर से उसे चुसना शुरू कर दिया और मैंने उनके बालो से उनका सर पकड़ा और अपने लंड की तरफ धकेला. कभी धीरे-धीरे और कभी तेज-तेज और थोड़ी ही देर में वो बहुत मोटा हो गया. अब मैंने उन्हें दोबारा वैसे ही लेट जाने के लिए कहा और मेरा तना लंड उनकी चूत में जाने के लिए भभक रहा था और अब मुझसे भी इंतज़ार ना हो रहा था और मैं उनके ऊपर चढ़ गया और उनके ऊपर बैठ उनको पीछे से जोर-जोर से चोदने लगा.
उनकी चीखे बढती गयी और मेरा लंड उनकी कसी चूत की गहराई नापने लगा. हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था. उनके बूब्स भी सोफे पर रगड़ रहे थे और ये देखकर मैं और जोर से उन्हें चोदने लगा. पर मैं थोड़ी देर बाद रुक गया. उन्होंने पूछा – क्या हुआ? क्यों रुक गये? तो मैंने उनकी गांड को सहलाया और खोला और उस चीज़ से वो ये समझ गयी, कि मैं क्या करने वाला हु. पर उन्होंने मुझे मना नहीं दिया, पर उन्होंने मुझे कहा – डालना, पर धीरे से. तो मैंने अब उनकी गांड पर तेल डालाऔर धीरे-धीरे उसे चोद चोद के खोलना शुरू किया और उन्हें दर्द तो हुआ, पर वो चुदती रही और मजे में हम लोग खो गये. अब मैं तेजी से उनकी गांड को धकेलने लगा और कुछ देर बाद, फिर से मैंने उनकी चूत में लंड डाल दिया और वो इस बात से बिलकुल भी अनजान थी और ऐसा होते ही उन्हें मज़ा ही आ गया. फिर मैंने धक्का लगाना शुरू कर दिया और उनकी आवाज़ से पूरा कमरा गूंजने लगा. पर दोस्तों, हर अच्छी चीज़ का अंत तो होता ही है.
और इस तरह मेरे लंड का भी मुठ को रोकने का प्रबंध बंद कर दिया. मैंने तुरंत उनकी चूत से लंड हटा लिया. तो चाची समझ गयी और उन्होंने उठके वो लंड लंड अपने मुह में ले लिया और मुझे आज भी याद है. अपने लाल-लाल होठो से कैसे उन्होंने सारा रस पी लिया. उनकी ख़ुशी कितनी झलक रही थी. उन्होंने पीने के बाद, फिर मेरा लंड चूसा और मेरा लंड कुछ देर बाद फिर से तन्न गया. हम लोगो ने फिर से चुदाई की और चुदाई कर करके पूरा घर भर दिया और उसदिन के बाद, जब भी चाची मेरे साथ अकेली होती है. कुछ ना कुछ तो जरुर होता है.






FUN-MAZA-MASTI पंजाबी लड़की को भा गया

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पंजाबी लड़की को भा गया

हेलो फ्रेंड, इ ऍम अमित फ्रॉम जयपुर. मैं आप लोगो के साथ फिर अपनी एक न्यू स्टोरी शेयर करने जा रहा हु. आई होप आपको ये अच्छी लगेगी और आपके मेल्स आयेंगे. फ्रेंड, आपको तो पता ही है, कि मैं अपनी स्टोरी में किसी काम नाम नहीं लिखता. तो आज भी मैं किसी का नाम नहीं लिखूंगा; पर मेरी कोशिश रहेगी, कि आपको कहानी पढ़कर मज़ा आये. पहले तो फ्रेंड्स, मैं आप को अपने बारे में बता दू. मेरे लंड का साइज़ ६.५ इंच है और मेरी हाइट ५’८” है और मेरी बॉडी जिम फिट बॉडी है. आज मैं आपको अपने कामसूत्र की कहानी अपनी एक फेन के साथ हुई बता रहा हु. मेरी पुरानी कहानी पढने के बाद, मुझे एक लड़की का मेल आया. उसने बताया, कि वो जयपुर में एक हॉस्टल में रहती है. ३ दिन तक हम लोगो मेल्स के थ्रू बातें की और फिर हम दोनों फेसबुक पर भी फ्रेंड बन गये और वहां पर हम लोगो ने चैटिंग शुरू कर दी. कुछ दिनों बाद, उसने मेरा नंबर माँगा और मैने उसे अपना नंबर दे दिया. उसने मुझे अपना नंबर भी दिया. अब हम लोगो की बातें फ़ोन पर भी होने लगी थी. एकदिन हम लोगो ने मिलने का प्रोग्राम बनाया और हम फ्रेंड्स की तरह मिले. हम लोगो ने साथ में मूवी देखी. माफ़ कीजिये दोस्तों, मैं आपको उसके बारे में बताना भूल गया.
वो एक पंजाबी लड़की थी और आप लोगो को तो पता ही होगा, की पंजाबन की बॉडी फिटिंग कैसी होती है. उसके बूब्स का साइज़ ३४ था और दिखने में एकदम मस्त गोरी चिट्टी थी. वहां पर मैने एक पीछे की सीट ली और मूवी थोड़ी निकलने के बाद एक सेक्सी सीन आया, तो मैने उसके पैर अपना हाथ फिरना शुरू कर दिया. वो तो पहले ही बहुत गरम थी और उसने मेरी तरफ बहुत ही प्यारी और प्यासी नजरो से देखा. मैने बड़ी से बैचेनी से उसको पकड़ लिया और अपने पास खीच लिया और उसको किस करने लगा. मैं उसके होठो को बड़ी जोर से चूस रहा था और मेरे चुम्बन से उसके होठ लाल हो गये थे. फिर मै अपने एक हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा. वो एकदम से गरम हो गयी और उसने मेरा लंड पकड़ लिया और पेंट के ऊपर से ही हिलाने लगी. मेरा लंड पेंट फाड़कर बाहर निकलने को बेताब हो रहा था. मैने अपना एक हाथ उसकी जीन्स में डाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा. वो इतनी गरम हो गयी, कि हॉल में ही सिस्कारिया लेने लगी.
तो पहले मैने अपने आपको कण्ट्रोल किया और पूछा, कि करने का मूड है क्या? वो कुछ नहीं बोली, बस मेरी तरफ देखती रही और फिर मैं समझ गया. हम लोगो आधी मूवी बीच में ही छोड़कर हॉल से बाहर निकल गये. मैंने अपनी बाइक निकाली. उसको अपनी बाइक पर बैठ्या और अपने रूम में चले गया. मेरा रूम सेपरेट है तो वहां मकानमालिक की कोई टेंशन नहीं है. हम वहां गये और मैंने बाइक अन्दर की और अन्दर आ गया. अन्दर आते ही, वो मुझसे लिपट और किस करने लगी. मैं भी उसे किस कर रहा था. मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और किस करने के साथ-साथ उसके बूब्स दबाने लगा. अब मैं भी आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो चूका था. मैंने उसका टॉप उतार दिया और अब वो मेरे सामने ब्रा में थी. उसने रेड कलर की वाइट डॉट वाली ब्रा पहन रखी थी. जिस में वो एकदम मस्त लग रही थी. अब मुझसे भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा था और मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी और उसके मुलायम बूब्स चूस ने लगा.
वो बुरी तरह से सिस्कारिया ले रही थी अहहहहहः अहहहः ऊह्ह्ह्हह्ह प्लीज फक में. अब मैंने ज्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुए, उसकी जीन्स के बटन खोलकर उसकी जीन्स भी उतार दी. अब वो मेरे सामने सिर्फ पेंटी में थी. उसकी चूत पानी छोड़ रही थी. उसकी पेंटी पूरी तरह से गीली हो गयी थी. मैंने अब उसकी पेंटी भी उतार दी और उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया. फिर उसकी चूत को सहलाते हुए, मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में डाल दी. ऊँगली डालते ही, मुझे पता लग गया, कि वो एक कसी हुई क्वारी चूत है, एकदम सील पैक. उसने पहले कभी सेक्स नहीं किया था. मेरी एक ऊँगली भी उसकी चूत में नहीं जा रही थी. मैंने मेरा लंड उसे अपने मुह में लेने को कहा. पहले तो उसने मना किया और फिर मान गयी. वो मेरे लंड को ऐसे चूसने लगी, जैसे की कोई बच्चा लोलीपोप चूसता है. मुझे बहुत जबरदस्त मज़ा आ रहा था और मुझे लग रहा था, कि मैं जन्नत में पहुच गया हु. वो मेरा लंड चूस रहा थी और मैं उसको ६९ पोजीशन में आ गया. वो मेरे लंड को चूस रही थी और मैं उसकी चूत को चाट रहा था.
उसके मुह में मेरा लंड था और हमने कम से कम २० मिनट तक एक दुसरे के चूत और लंड को चूसते रहे. अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए, उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया, जिससे उसकी चूत मेरे सामने आ गयी. फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और हल्का सा शॉट मारा. मेरे लंड की टोपी उसकी चूत के अन्दर चली गयी. उसकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट थी. वो मुझसे कहने लगी, प्लीज इसे बाहर निकालो. मुझे दर्द हो रहा है. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसको किस करने लगा. साथ-साथ मैं उसके बूब्स भी दबा रहा था. कुछ देर बाद, जब वो नार्मल हुई. मैंने उसको किस करते-करते एक जोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ उसकी चूत में समां गया. वो बेहोश हो गयी. मैंने कुछ देर, अपने लंड को उसकी चूत में ऐसे ही पड़े रहने दिया. करीब १५ मिनट बाद वो फिर से नार्मल महसूस करने लगी, तो फिर से मैंने अपनी गांड को हलके से हिलाते हुए, उसकी चुदाई आरम्भ कर दी. उसको दर्द हो रहा था, पर कुछ देर के बाद उसका दर्द कम हुआ, तो वो चुदाई का मज़ा लेने लगी.
अब वो अपनी गांड को उठाकर मेरा साथ दे रही थी और जोर-जोर से मोअन कर रही थी. अहहहहः अहहहहः ऊऊऊऊऊऊऊ हहहः ufffffffffffff फक मी. फक मी हार्ड. फक में फ़ास्ट. कम ओन. मेरी चूत को फाड़ दो. हमने करीब ३० मिनट तक चुदाई की और इस दौरान वो ३ बार झड़ी और अब मेरी झड़ने की बारी थी. मेरा तेजी से आने वाला था, तो मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर खीच लिया और अपना सारा माल उसके पेट पर छोड़ दिया. हम दोनों काफी देर तक ऐसे ही नंगे एक दुसरे की बाहों में पड़े रहे. फिर हम उठे, तो देखा चादर पर खून फैल गया था और उस दिन मैंने उसे १ ही बार चोदा, क्युकी उसे बहुत दर्द हो रहा था. लेकिन, उसके बाद हमने कई बार सेक्स किया. मैंने उसकी बहन और फ्रेंड को चोदा. वो स्टोरी आपको अपनी अगली स्टोरी में बताऊंगा. मुझे बताना, कि आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी!






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