Saturday, August 16, 2014

FUN-MAZA-MASTI में और मेरी प्यारी माँ--7

FUN-MAZA-MASTI


में और मेरी प्यारी माँ--7



फिर दोनों रुक गई शायद झड गई थी...थोड़ी देर इसे ही पड़ी रही फिर एक दुसरे का पेटीकोट से साफ़ किया..और नंगी ही साथ में सोगई ..चाची क्या राहुल..??
मांजी--नहीं...कुछ.. ध्यान नहीं दे रहा..
चाचीहाँ,मेने भी नोट किया...लेकिन..वो..
मांजीमुझे तो बुध्धू लगता है...दोनों हंसने लगी..
चाची- नहीं मांजी..एसा भी होसकता है...शायद उसे सेक्स के बारे में कुछ मालूम ही ना हो...कुछ सोचते है..
चाची- मांजी आपने कभी बेंगन,खीरा या केला ट्राय किया है..??
मांजीमें कुछ समजी नहीं..
चाचीक्या,आपने चूत में बेंगन या केला डाला है..?
मांजी- नहीं रे, डर लगता है कहीं हम जोश में जाऊ और वो अंदर टूट जाये तो...??? ना बाबा..डॉ.के पास जाना पड़े और बदनामी हो ..उपरसे लोग हंसेगे...
चाची- ऐसा नहीं होता मांजी बेगन,खीरा या केला जो भी लो थोड़ा ज्यादा लंडबा होना चाहिए... जो हमारे हाथों में ठीक से पकड़ा जाये और फिसलकर अंदर छुट जाए...दूसरीबात उसके ऊपर कोंडोम चढ़ा देना जरूरी है..ताकि चूत के अंदर आसानी से आता-जाता रहे...अगर तकलीफ होतो..कोंडोम के ऊपर थोडा तेल लगा देना चाहिए जिससे ..अंदर-बाहर करने में कोई तकलीफ नहीं होगी...(में सोच रहा था..अंदर चला जाऊ..और लंड दिखाकर बोल दू तो फिर इसे...किचन में मुसल की जगह रह दो मस्साला कूट ने में काम आयेगा..).चाची नए जमाने की थी..दादी को लेस्बो..का खेल सिखा दिया..अब साली इंस्ट्रूमेंट..सिखा देगी…..अच्छा है घरमे कुत्ता नहीं है वरना ये...एनिमल सेक्स भी करवा देती....अब मेरा माल यानी मांजी मेरे हाथ से निकालता नजर रहा था.... में डरने लगा...मेने सोचा कल तो दादी को लाईन दे देता हूँ.. वरना हाथ से जाएगी....फिर वो सोने लगे..मेभी अंदर गया और सोने ..लगा....लेकीन मेरी नींद उड़ गई थी..केसे..? रोकू इनको....अगर मांजी इससे आगे बढ़गई और किसी गैर मर्द से रिश्ता बना लिया तो..मेतो साइड हीरो ही बन जाउंगा...इन सब ख्यालो से मेरी नींद उड़ गई थी...इतने में माँ का ख्याल आया ...वो तो मेरे साथ ही रहेगी..में माँ को बहुत मिस कर रहा था...और जाने कब नींद गई..

सुबह उठा तो आज चाचाजी जल्दी निकाल गयेथे..में तैयार हुआ मेरे दिमाग में व्ही रातवाले विचार घुमारा रहे थे..मेने माँ को फोन किया..माँ ने कहा बड़े दिनों बाद माँ की याद आई..केसा है तू सब ठीक तो है ना..ले छोटा भी आया हुआ है उससे बात कर...मेने छोटे से बात की वो अभी सातवी कक्षा में पढता है वो हॉस्टल में रहता है..शायद छुट्टी लेकर आया था...फिर माँ से बात करने लगा.. मुझे रोना गया..में रो पड़ा...माँ ने पूछा क्या हुआ तू रो क्यों रहा है मेने ..माँ से कहा कुछनही तेरी याद गई.. माँ ने कहा तू माजी को फोन दे में बात करती हूँ..मेने कहा नहीं माँ मुझे किसीने कुछ नहीं कहा..तेरे साथ बात करते हुए यूँ ही रोना गया...और कुछ बातें की ..फोन रख दिया.

तभी दादी गई मुझे रोंता देख कर उन्होंने मुझे अपनी बाहोंमे भर लिया.. कहने लगी..क्या हुआ मेरे लाल...क्यों?..रो रहा है...?? किसीने कुछ कहा...क्या हुआ...में फिर जोर से रोने लगा...चाची भी वहां गई दादीने मुझे अपनी बाहों में भर रखा था..मेरे सिर को चूम रही थी..पूछ रही थी..क्या हुआ??..चाची भी... क्यों?..रो रहा है...??...क्या हुआ..तुझे.?? में दादी से लिपटा हुआ था..चाची मेरे पीछे आई दादी से कुछ इशारा किया..दादीने मुझे जोर से दबा दिया...रो मत मेरे बच्चे..अगर तुझे घर जाना है तो हम ..एक-दो दिन में चले जायेंगे...चाची पानी लेके आई..दादीने मुझे छोड़ दिया...में सोफे पर बेठ गया..चाचिने अपने हाथ से पानी पिलाया..दादी और चाची मेरे पास खड़ी थी.. में शांत हुआ तो चाची ने पूछा क्यों?..रो रहा था...??...क्या हुआ...तबियत तो ठीक है..ना..या कुछ हो रहा है...? में शांत रहा..दादी ने इशारा किया...चाची..सोफे पर बेठ गई..दादी..मेरे नजदीक बेठ गई..मेरे सिर में हाथ फेरने लगी..कुछ देर बाद कहा..क्या..हुआ..?..पेट में दर्द हो रहा.है..?? में-नहीं..तो?? मेंने लंड की और इशारा किया..यहाँ..दर्द हो रहा था..दादीने चाची की और देखा चाचीने पूछा..कहाँ दर्द हो..रहा है...-सु-सु..में..दिखा तो..मेंने कुछ नहीं किया..दादी की और देखता रहा...उनकी समझ  में भी कुछ नहीं रहा था..तो ऊहोने भी कहा..दिखा..तो..सही..मेने चाचीकी और देखा..तो दादीने कहा..बहु तूजे किचन में काम था....चाची समझ  गई..हा,,.में तो भूल गई..उठकर चली गई..मेने पेंट खोला...अंडरवियर..भी घुटनों तक उतार दिया..मेरा खड़ा लंड मांजी के सामने था..चाची भी दरवाजे से देख रही थी...
दादी --क्या हो रहा है..तेरे सु-सु..मे...
में -पता नहीं ये फुल गया है..और भारी लगता है .
चाची...दरवाजे से ही बोली..क्या , उसमे दर्द हो रहा है..??
मेने उनकी तरफ देखे बगैर कहा ना...दर्द नहीं हो रहा..
चाची- कोई बात नहीं बेटे इसमें पानी भर गया होगा..इसलिए..
में- लेकिन पेशाब रेग्युलर तो हो रहा है..
चाची- कोई बात नहीं बेटे...अभी में तेल लाती हूँ..मांजी तेरे सूसू..की मालिस कर देगी..तो पानी नीकल जाएगा..और अच्छा भी लगेगा...चाची किचन में चली गई ...और आवाज दी..मांजी आइये तो...दादी झट से खड़ी हुई..चली गई..
चाचीमांजी.. कितत..ना बड़ा..है..आपकी तो लाटरी लग गई...
दादी--तू..क्या?? कह रही है..में समजी नहीं..
चाची-राहुल का लंड देखा नहीं क्या??..घोड़े जेसा है..आपकी चूत के लिए ऐसा हु कद्दावर लोडा..चाहिए..
दादी-तू भी....उसको दर्द हो रहा है..और तुझे..मज़ाक दिखती है..
चाचीमज़ाक नहीं मांजी,आपकी चुदाई दिखती है..मुझे..अब जाइए ..में तेल लेके आती हूँ...आप उसके लोडे की एसी मालिस करना....की माल...निकाल जाए... दादी कमरे में आई.. मेरी और देखने लगी..में मुस्कुराया और आँख मार दी......वो समझ  गई...ये... सारा नाटक है... चाची आई तेल मांजी को दिया और कहा आप इसकी अच्छी मालिस कर दे...राहुल का...पानी निकाल जाएगा..और अच्छा लगेगा...दादी मालिस करने लगी...चाची लंड को देख रही थी...मांजी कमालकी मुठ मार रही थी..उपर सुपाडे से ले कर लंड की जड़ तक हाथ उपर निचे कर रही थी...कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया ....मेने कहा..मुझे गुदगुदी...हो रही है...आह्ह..कुछ हो रहा.है...आह्ह..ओह्ह्ह...और लंड ने पिचकारी मार दी माल दादी के मुह पर गिरा...चाची मुस्कुराने लगी...में अनजान बनकर देखता रहा.. दादी हाथ धोने चली गई...
चाची- अब केसा लगा..??
में- चाची मांजी मालिस करती थी ..तब तो मुझे मजा आरहा था...और जब पानी निकाल रहा..था.....तब तो कुछ अजीब सा मजा आया...जेसे...??
चाची-जेसे, आसमान में उड़ रहा हो......
में- हाँ..चाची ऐसा ही लग रहाथा.. चाची तो ठीक है..अब जब भी तेरी सूसू ..भारी हो जाए तो मांजी को बता देना..अब पेंट पहन.. ले...में तेरे लिए दूध बनाती हूँ.....दादी आई मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई...अब तुझे अच्छा लगा...हाँ..बहुत अच्छा लगा..मांजी..चाची दूध ले कर आई मुझे दिया..में पीने लगा..दोनों एक दुसरे की और देखकर हंस रही थी...
टीवी चालु कर दिया..सब टीवी देखरहे थे....दोपहर हो गई थी...में ने फिर अपना लंड खड़ा किया..और...पेंट की उपर से दबाने लगा...चाची की नजर मेरी और थी..दादी को इशारा किया..
चाची - क्या..हुआ..फिर से फुल गई.क्या..??..में- हाँ..
चाची- दिखा तो..मेने पेंट निकाल दी..चाची- हाँ..मांजी ये फिर से तैयार है...और चाची सहलाने लगी..वाह क्या स्पर्श था...??पतली-पतली उंगुलिया..के बीच लंड..मजे ले रहा था..चाची-माजी..आप जरा कमरेमें आइये..चाची उठी..बेडरूम में दोनों गये..चाची- अब में आपको चुदवा देती हूँ...जेसा में कहू वेसा ही करते रहना...आप लेट जाइए...
चाची- राहुल,आजा बेटा...में अंदर गया..दादी बेड पर लेटी थी..चुत्तड़ो के निचे दो तकिये लगाए थे... .अब पेंट उतार दे...मेने पेंट उतार दी ...
चाची-अब तुझे कुछ दिखाती हूँ....और...चाची ने मांजी की साडी उठादी...में दंग रहगया..मांजी की चूत मेरे सामने थी...काली..फूली हुई...और निचे लगाये तकिये वजह से खुल भी गई थी..गुलाबी हिस्सा दिख रहाथा.. चूत के दो होंठ...खुले हुए थे...क्या..मस्त नजारा था...मेरा लंड सलामी दे रहाथा
..


 में-- चाची मांजी की सूसू..कितनी बड़ी है..आप मुझे ये क्यों दिखा रही है..??..
चाची-- हाँ ,बेटे...अब तेरे सूसू...का पानी हम .....कुछ अलग तरीके से निकाल देते है....केसे..??तू अपना टीशर्ट निकाल दे....और..मांजी के टांगो बीच बेठ जा....में पूरा नंगा हो गया...और मांजी के टांगो की बीच बुध्धू की तरह...बेठ गया....
चाची-- तुझे मालुम है मांजी की सूसू...को क्या कहते.है ?? मेने ना में मुंडी हिलाई..
चाचीइसे चूत कहते है....और भोस भी कहते है.... और तेरे सूसू...को क्या कहते मालुम है..?? में- ना..
चाचीइसे लंड कहते..है..तेरा.. सूसू.. भारी हो गया है...इसे..लंड का खड़ा होना कहते..है...
मेंचाची ये क्या गालियाँ बोल रही है आप...
चाची- नहीं बेटे.में गालियां नहीं बोल रही तुझे समजा रही हूँ... अब में जेसा कहती हु वेसा करते जा...मांजी चूत पर अपना लंड रख..और उसका आगे का गोल सुपाड़ा..चूत पर घीस...में घिसने लगा...चूत मेसे पानी निकाल रहा था...
मेने कहा..चाची चूत में से पानी निकाल रहाहै...
चाची –- शाबाश बेटे, वो तो तेरे लंड का स्वागत कर रही है...अब थोडा सा लंड को दबा....और लंड के उपर का जो लाल हिस्सा है वो सुपाड़ा अंदर जाने दे...
मेने कहा--क्या..ये अंदर घुसेगा...?? चाची हाँ बेटे ये अंदर जाएगा..मेने हल्का सा दबाव डाला...लंड आधा घुस गया...मांजी आराम से लेटी रही..
चाची- बेटे अब पूरा घुसा दे...मेने पूरा घुसा दिया....चाची –- अब मांजी सीने पर के बुब्ब्स..को धीरे-धीरे से हल्के-हल्के से दबा...में दबा ने लगा..चाचीने मांजी का ब्लाउज खोल दिया..बोलीअब ये उपर के बड़े-बड़े अंगूर के दानों को मुहमें भर ले और चूस...में- क्या,इसमें दुदू होगा..
चाचीनहीं,पर तुझे मजा आयेगा.. और मांजी को भी अच्छा लगेगा.. में अंगूर को मुह में लेकर चूसने लगा..चाची कुछ काम से रुम से बाहर गई ...मांजी मेरे कान में फुसफुसाई क्यों तडपा रहाहै?? चोददे माँ के लोडे..मेंने कुछ नहीं किया..ऐसे ही पड़ा रहा और बुब्ब्स को चूसता रहा..मांजी का बुरा हाल था..लंड चुत्मे था पर चुदाई नहीं हो रही थी...चूत पानी छोड़ रही थी..
वो चिल्लाई -- बहु....???
आई मांजी.. चाची गई..क्या?हुआ मांजी ..?
मांजीये तो ऐसे ही पड़ा रहा है..तू कुछ कर...
चाचीराहुल बेटे,, अपने लंड को आधा चूत से निकाल ..मेने कहा केसे..?? चाची ने मेरे चुत्तड़ो को उपर खिंचा बोली ऐसे...मैने आधा लंड बाहर निकाल दिया...
चाचीअब,इसे फिर से अंदर जाने दे..मेने ऐसा किया..फिर से अपने चुत्तड़ो को उचा कर बाहर निकाल और अंदर जाने दे... मेने फिरसे ऐसा किया चाचीबस,ऐसे ही अंदर-बाहर करते रहना..इसे क्या कहते है मालुम है..?? मेने कहा नहीं तो..
चाचीऐसे लंड को चूत में डाल कर उंदर-बाहर करने को चुदाई करना कहते है....
में- तो क्या ? में मांजी की चुदाई कर रहा हु..?
मांजीहाँ,मेरे लाल,तू मुझे चोद रहा है...जल्दी-जल्दी चोद मेरे बच्चे..
मेंनहीं..और अपना लंड बाहर निकाल दिया..दोनों चोंक गई....मेरी और देखने लगी...
मांजीक्या? हुआ अच्छी-खासी चुदाई कर रहा था..लोडा बाहर क्यू निकाल दिया..?
मेंनहीं में आपकी चुदाई नहीं करूँगा..चाची क्यों..? मजा नहीं आरहा तुझे..?
मेंमजा तो बहुत आरहा है..पर मांजी को बच्चा हो गया तो...?? चाची हंसने लगी बोलीनहीं होगा..जो होनेथे वो बच्चे होगये..तू बस मजे से चुदाई कर..
मेंलेकिन सब कहते है की चुदाई करने से बच्चे पैदा होते है..चाचीने मेरे चुत्तड़ो को धक्का दिया...बोली..वो बाद में बतौंगी अभी तू मांजी को चोद..और तेरा पानी नीकाल ...में चोदने लगा..मांजी अपने हाथो से बड़े-बड़े बुब्ब्स को दबाने लगी..चाचीने देखा वो..बिस्तर पर बेठ गई और मांजी के बुब्ब्स को मसलने लगी..मांजी आह्ह...अह्ह्ह..करने लगी में रुक गया..क्या हुआ..मांजी को..? चाची की और देखने लगा..चाची..जल्दी कर राहुल..मांजी को मजा आरहा है..में जोर-जोर से चोदने लगा..मांजी भी चुत्तड उछाल-उछाल कर चुदवा रही थी..चाची बुब्ब्स के साथ खेल रही थी..मांजी आह्ह..आह्ह..सस्स्स्सस..आह्ह्ह...ओह्ह..कर रहीथी..मैभी सस्स्स्स...आह्ह्ह..करने लगा...चाचिने मेरी और देखा..कहा..शाबाश राहुल,मेरे बच्चे..चोद..जोर लगा..के चोद..सारा पानी डाल दे चूत में..में भी और जोर लगा के चोद ने लगा..मेरी और मांजी की आवाजे गूंजने लगी...आह्ह्ह...आह्ह्ह..ओह्ह...ओह्ह्ह..ओह्ह.....दोनों एक साथ झड गये..हम दोनों हांफ है थे..चाचीने कहा..अब अपना लंड निकाल दे और मांजी के पास लेट जा..में लेट गया ..वो हम दोनों को देखने लगी..और अपनी चूत को गाउन के उपर से दबा ने लगी..वहां से जाने लगी बोली मांजी आप दोनों कपडे पहन लो में चाय बनाती हूँ..हमने कपडे पहने और ड्रॉइंग रूम में आगये..अखबार देखने लगे..


.चाची चाय ले कर आई ...हम चाय पिने लगे..और बाते करने लगे..चाची--राहुल तुझे पता है तेरे लंड से जो पानी निकालता है उसे क्या कहते है..?? मेंनहीं..चाची क्या कहते है उसे..?चाचीउसे वीर्य कहते है..उसमे बच्चे पैदा करने के बीज होते है..मेंतो,में सच कहता था ..की चुदाई से बच्चा हो जायेगा..चाचीहाँ,पर तुझे मालुम है ओरत के शरीर में भी बीज बनता है ये दोनों चुदाई करते समय एक दुसरे के सम्पर्क में आते है तभी बच्चा होता है..पर मांजी के शारीर में अब बीज बनना बंध हो गया है तो उनको जितना भी चोदो बच्चा नहीं होगा..ठीक है..मेंक्या..उनकी चूत की बार-बार चुदाई करने पर भी बच्चा नहीं होगा..? चाचीनहीं मेरे बच्चे..अब तेरा लंड जब भी खड़ा हो जाये मांजी की चूत में पेल देना..मेंक्या.. मांजी ऐसा करने देगी..?? चाचीहाँ, पर वहां..घर पर किसीको भी शक नहीं होना चाहिए..समझ  गया ..मेरी बात को.. अगर किसी को पता चल गया तो तेरी और मांजी की बहुत बदनामी होगी.मेंनहीं चाची में किसीको शक नहीं होने दूंगा...मेरा लंड कितना भी खड़ा हो जाये जब मांजी कहैगी तभी चुदाई करूंगा...चाचीऔर मांजी आप भी राहुल को मना मत करना..मोका मिलते ही चुदाई करवा लेना.. मांजी- जरुर चुदवाउंगी...मेरा बेटा कितना बड़ा लंड रखता है ..उसे निराश नहीं करुँगी...चाचीराहुल अभी और भी बहुत कुछ बातें है जो में और मांजी तुझे सिखा देंगे....में-- और क्या-क्या? करना होता है...चाची-- तू मेरे पास बेठ में तुझे कुछ दिखाती हु..

और चाची ने अपने मोबाइल में से एक क्लिप दिखाया....जीसमे एक कपल 69 पोज में चुसाई कर रहे थे... मेंछी,ये कितना गन्दा कर रहे है...चाचीबेटे कुछ गन्दा नही होता..इसमें भी बहुत मजा आता है..माजीक्या? गन्दा-गन्दा सिखा रही हो मेरे बच्चे को..चाचीमांजी में उसे एक दुसरे की चुसाई के बारे में सिखा रही हु.. मांजीऐसा दिखा कर नहीं इसे अनुभव करा तभी उसे मजा आएगा..आजा राहुल बाथरूममें....में तेरा साफ कर देती हु...चाचीनहीं मांजी साफ करने की जरूरत नहीं है..उसपे आप दोना का माल ही तो लगा है..मांजी ने हँसते हुए कहा..हाँ,पर में नहीं कुछ करने वाली..तू ही सिखा उसे..चाचीकोई बात नहीं पर सिर्फ ओरल ही..मेंहाँ,चाची मुझे भी आपकी चूत देखनी है.. अपनी चूत दिखाईये ना..चाची मांजी की और देखने लगी..मांजी हाँ,बहु दिखा तो सही..चाचीने अपना गाउन उपर उठाया..और लाल पेंटी दिखाई..मांजी-- बहु,क्या बच्चे की जान लेगी..निकाल पेंटी..और चूत दिखा...चाचिने पेंटी निकाल दी..अब संतरे भी दिखा दे...चाची मुस्कुराई..और गाउन उतार दिया..ब्रा नहीं पहनी थी..उनको नंगा देख मेरा लंड टाईट होने लगा..मांजी ने लंड की और इशारा किया..चाची नहीं मांजी में चुदवाउंगी नहीं.. सिर्फ ओरल ही..कोई बात नहीं बहु,मेरे बच्चे को थोडा..चूत का स्वाद तो चटा दे..... चाची—..ठीक है.. राहुल आजा..और वो बिस्तर पर चली गई. चलते वक्त क्या कमाल लग रही थी उनकी छोटी-छोटी चुचिया उछल रही थी...और गांड को ऐसे मटकाती थी..की बुढ्ढे का भी लोडा खड़ा हो जाये..जी करता था ..अभी साली को चोद दू..और सेक्स के सारे दांव अज्मालू...पर में शांत रहा..मेरे पीछे-पीछे मांजी भी बेडरूम में गई..मुझे कपड़े निकाल ने को कहा..और बेड पर लिटा दिया...चाची...को मांजी ने कहा बहु तू उसे प्यार कर...चाची बेड पर गई...मेरे उपर चढ़ गई..मेरा लंड उनकी चूत से टकराने लगा..वो बोली राहुल इसे अंदर मत घुसने देना..वो मेरे चेहरे पर किस करने लगी फिर मेरे सिने को चूमने लगी.






हजारों कहानियाँ हैं फन मज़ा मस्ती पर !
Tags = Tags = Future | Money | Finance | Loans | Banking | Stocks | Bullion | Gold | HiTech | Style | Fashion | WebHosting | Video | Movie | Reviews | Jokes | Bollywood | Tollywood | Kollywood | Health | Insurance | India | Games | College | News | Book | Career | Gossip | Camera | Baby | Politics | History | Music | Recipes | Colors | Yoga | Medical | Doctor | Software | Digital | Electronics | Mobile | Parenting | Pregnancy | Radio | Forex | Cinema | Science | Physics | Chemistry | HelpDesk | Tunes| Actress | Books | Glamour | Live | Cricket | Tennis | Sports | Campus | Mumbai | Pune | Kolkata | Chennai | Hyderabad | New Delhi | पेलने लगा | उत्तेजक | कहानी | कामुक कथा | सुपाड़ा |उत्तेजना मराठी जोक्स | कथा | गान्ड | ट्रैनिंग | हिन्दी कहानियाँ | मराठी | .blogspot.com | जोक्स | चुटकले | kali | rani ki | kali | boor | हिन्दी कहानी | पेलता | कहानियाँ | सच | स्टोरी | bhikaran ki | sexi haveli | haveli ka such | हवेली का सच | मराठी स्टोरी | हिंदी | bhut | gandi | कहानियाँ | की कहानियाँ | मराठी कथा | बकरी की | kahaniya | bhikaran ko choda | छातियाँ | kutiya | आँटी की | एक कहानी | मस्त राम | chehre ki dekhbhal | | pehli bar merane ke khaniya hindi mein | चुटकले | चुटकले व्‍यस्‍कों के लिए | pajami kese banate hain | मारो | मराठी रसभरी कथा | | ढीली पड़ गयी | चुची | स्टोरीज | गंदी कहानी | शायरी | lagwana hai | payal ne apni | haweli | ritu ki hindhi me | संभोग कहानियाँ | haveli ki gand | apni chuchiyon ka size batao | kamuk | vasna | raj sharma | www. भिगा बदन | अडल्ट | story | अनोखी कहानियाँ | कामरस कहानी | मराठी | मादक | कथा | नाईट | chachi | chachiyan | bhabhi | bhabhiyan | bahu | mami | mamiyan | tai | bua | bahan | maa | bhabhi ki chachi ki | mami ki | bahan ki | bharat | india | japan |यौन, यौन-शोषण, यौनजीवन, यौन-शिक्षा, यौनाचार, यौनाकर्षण, यौनशिक्षा, यौनांग, यौनरोगों, यौनरोग, यौनिक, यौनोत्तेजना, aunty,stories,bhabhi, nangi,stories,desi,aunty,bhabhi,erotic stories, hindi stories,urdu stories,bhabi,desi stories,desi aunty,bhabhi ki,bhabhi maa ,desi bhabhi,desi ,hindi bhabhi,aunty ki,aunty story, kahaniyan,aunty ,bahan ,behan ,bhabhi ko,hindi story sali ,urdu , ladki, हिंदी कहानिया,ज़िप खोल,यौनोत्तेजना,मा बेटा,नगी,यौवन की प्या,एक फूल दो कलियां,घुसेड,ज़ोर ज़ोर,घुसाने की कोशिश,मौसी उसकी माँ,मस्ती कोठे की,पूनम कि रात,सहलाने लगे,लंबा और मोटा,भाई और बहन,अंकल की प्यास,अदला बदली काम,फाड़ देगा,कुवारी,देवर दीवाना,कमसीन,बहनों की अदला बदली,कोठे की मस्ती,raj sharma stories ,पेलने लगा ,चाचियाँ ,असली मजा ,तेल लगाया ,सहलाते हुए कहा ,पेन्टी ,तेरी बहन ,गन्दी कहानी,छोटी सी भूल,राज शर्मा ,चचेरी बहन ,आण्टी , kahaniya ,सिसकने लगी ,कामासूत्र ,नहा रही थी , ,raj-sharma-stories कामवाली ,लोवे स्टोरी याद आ रही है ,फूलने लगी ,रात की बाँहों ,बहू की कहानियों ,छोटी बहू ,बहनों की अदला ,चिकनी करवा दूँगा ,बाली उमर की प्यास ,काम वाली ,चूमा फिर,पेलता ,प्यास बुझाई ,झड़ गयी ,सहला रही थी ,mastani bhabhi,कसमसा रही थी ,सहलाने लग ,गन्दी गालियाँ ,कुंवारा बदन ,एक रात अचानक ,ममेरी बहन ,मराठी जोक्स ,ज़ोर लगाया ,मेरी प्यारी दीदी निशा ,पी गयी ,फाड़ दे ,मोटी थी ,मुठ मारने ,टाँगों के बीच ,कस के पकड़ ,भीगा बदन , ,लड़कियां आपस ,raj sharma blog ,हूक खोल ,कहानियाँ हिन्दी , ,जीजू , ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,भोसडा ,मुठ मार ,sambhog ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी ,چوت , . bhatt_ank, xossip, exbii, कामुक कहानिया हिंदी कहानियाँ रेप कहानिया ,सेक्सी कहानिया , कलयुग की कहानियाँ , मराठी स्टोरीज , ,स्कूल में मस्ती ,रसीले होठों ,लंड ,पेलो ,नंदोई ,पेटिकोट ,मालिश करवा ,रंडियों ,पापा को हरा दो ,लस्त हो गयी ,हचक कर ,ब्लाऊज ,होट होट प्यार हो गया ,पिशाब ,चूमा चाटी ,पेलने ,दबाना शुरु किया ,छातियाँ ,गदराई ,पति के तीन दोस्तों के नीचे लेटी,मैं और मेरी बुआ ,पुसी ,ननद ,बड़ा लंबा ,ब्लूफिल्म, सलहज ,बीवियों के शौहर ,लौडा ,मैं हूँ हसीना गजब की, कामासूत्र video ,ब्लाउज ,கூதி ,गरमा गयी ,बेड पर लेटे ,கசக்கிக் கொண்டு ,तड़प उठी ,फट गयी ,फूली हुई थी ,ब्रा पहनी

No comments:

Raj-Sharma-Stories.com

Raj-Sharma-Stories.com

erotic_art_and_fentency Headline Animator