Tuesday, October 18, 2016

FUN-MAZA-MASTI ठरकी की लाइफ में ..65

FUN-MAZA-MASTI

 ठरकी की लाइफ में ..65


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अब आगे
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अजय ने उसकी गांड को हवा में उठा लिया...
रिया ने भी अपना सिर नीचे की तरफ झुकाकर अपनी गांड को और उपर लहरा दिया, जैसे कोई मोरनी सावन में नाच करने को तैयार होती है, ठीक वैसे ही.

और उस उभरी हुई गांड वाली मोरनी को अजय अपने लंड से खड़ा होकर भेद रहा था....
ये एक ऐसा एंगल था, जिसमे वो उपर से नीचे की तरफ अपने लंड से उसकी गांड को ड्रिल कर रहा था.



पूजा ये सब देखकर उत्तेजित हुए जा रही थी .

अजय ने कुछ देर तक उसकी गांड मारी, और फिर उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया...

जैसी चुदाई उसकी होटेल में हो रही थी, ठीक वैसी ही इस वक़्त चालू थी....

लंड कभी उसकी गांड में जाता और कभी उसकी चूत में ..

और हर झटके को वो महसूस करके सिसकारियाँ मार रही थी...

''ओह जीजू...... मेरे प्यारे जीजू...... यू आर द बेस्ट..... आप जैसा कोई फकिंग कर ही नही सकता...... ओह गॉड ....... मैं तो हमेशा के लिए आपकी हो गयी रे..... हमेशा के लिए....... आई विल ऑल्वेज़ गिव यू माय कंट.... एंड एस्सस ....... फक्क मी जीजू..... फक्क मी....''

उसकी बात का समर्थन पूजा ने भी सिर हिला कर किया....
और पीछे जाकर वो भी उन दोनो के मिलन स्थान पर अपनी जीभ रगड़ने लगी....

अजय ने उसे एक बार फिर से उसकी चटाई का फल दे दिया....

रिया की चूत से निकला गीला लंड उसने पूजा के मुँह में डाल दिया...
जिसे वो किसी पालतू कुतिया की तरह चूस गयी.



और इसी तरहा ये खेल करीब 5 मिनट तक और चला..

और अंत में जाकर पूजा की तरह ही रिया भी झड़ गयी.

''आआआआआआआआआअहह जीजू........ आई एम कमिंग..........''

और उसकी चूत से निकले रस को पूजा ने ठीक उसी तरह से सॉफ किया, जैसे रिया ने उसका किया था...

उनका ताकतवर जीजू अभी तक अपना लंड लेकर मैदान में डटा खड़ा था...

दोनो को पता था की अजय को क्या पसंद है..



वो एक बार फिर से उसके सामने पालती मारकर बैठ गयी..

और अजय के लंड को अपने मुँह में लेकर जोरों से चूसने लगी....

और उनकी मेहनत जल्द ही रंग लाई...
और अजय के लंड से फुव्वारे की तरह सफेद जेल्ली बाहर निकलने लगी....



जिसे दोनों बहनों ने पूरी ईमानदारी से बराबर बाँट कर खाया.

ना एक बूँद कम,ना एक बूँद ज़्यादा.

और फिर दोनो एक गहरी स्मूच में डूबकर एक दूसरे के होंठों से वो जेल्ली शेयर करके खाने लगी..



बहनों का ऐसा प्यार देखकर अजय की आँखे झपकने और उसका लंड बैठने का नाम ही नही ले रहे थे...

अजय के लंड को अच्छी तहर से सॉफ करने के बाद वो उठी और टावल से सब कुछ सॉफ किया.

फिर दोनो ने मिलकर अजय के लिए डिन्नर तैयार किया....नंगे ही.

और बाद में मिलकर उसे खिलाया भी....
अभी तो पूरी रात पड़ी थी...
अजय से बहुत काम था उन दोनों को.


दूसरी तरफ हॉस्पिटल में अपनी बेटी के पास रुकी रजनी की चूत भी कुलबुला रही थी..
वो अच्छी तरह से जानती थी की इस वक़्त घर में क्या हो रहा होगा...
इसलिए अजय के लंड को अंदर लेने की तड़प उसे बेचैन किए जा रही थी...
आख़िरकार इतने दिनों बाद जो वो वापिस आया था...
अगर आज प्राची की डिलीवरी ना हुई होती तो घर पर वो उससे चुदवा रही होती.

पर चुदवा तो वो अभी भी सकती है.

प्राची तो डॉक्टर्स और नर्स की निगरानी में दूसरे रूम में थी...
उसके दिमाग़ में एक आइडिया आया...उसने तुरंत अपने पति को फोन करके बुला लिया... ये बहाना बनाकर की उसे हॉस्पिटल के माहौल में नींद नही आ रही और अजय या अपनी बेटियो को वो परेशान नही करना चाहती...इसलिए आप आ जाओ...उसके पति ने अपनी स्कूटी उठाई और झट्ट से वहां पहुँच गया... रजनी ने ऑटो लिया और वापिस पहुँच गयी.

चूत की खुजली क्या-2 काम करवा देती है इंसान से.

उपर जाकर जब उसने बेल बजाई तो अंदर अपने बेडरूम में जा रहे अजय का माथा ठनक गया...
भला इतनी रात को कौन हो सकता है...
उसने कपड़े पहनकर दरवाजा खोला... तब तक उसकी दोनो नंगी सालियां भागकर बेडरूम में छिप गयी.

सामने अपनी सासू माँ को देखकर वो हैरान रह गया...
प्राची को हॉस्पिटल में अकेला छोड़कर वो भला यहाँ क्या कर रही है...
पर अंदर आकर जब उसने सब डीटेल में बताया तो उसे चैन पड़ा..
इसी बीच अपनी माँ की आवाज़ सुनकर दोनो चिड़ियाँ भी घोसले से बाहर निकल आई....
और आकर अपनी माँ से लिपट गयी.....
आज पता नही क्यो उन्हे कुछ अलग ही तरह की खुशी हो रही थी...
एक तो नये मेहमान के आने की और अब उपर से ये सोचकर की अब सब एक साथ चुदाई करवाएँगे...उसकी भी.

अजय उन्हे एक दूसरे से लिपट कर प्यार करता देखकर हैरान था...
भला कहां मिलेगा ऐसा परिवार जो मिल जुलकर चुदाई करवाने में विश्वास रखता हो...
पर कहीँ ना कहीँ अजय का बहुत बड़ा योगदान था उनकी इस मानसिकता में जिसकी वजह से उनमे ये सब करने की हिम्मत आई थी...

अजय को ऐसे अचम्बित होकर देखते हुए देखकर अजय की सासु माँ बोली : "ऐसे क्या देख रहे हो दामाद जी... आपने ही तो कहा था की एक दिन आप हम सबके साथ करना चाहते हो...आज वो दिन आ गया है... और वैसे भी आज जो खुशी हम सबको दी है, उसका ऋण भी तो उतारना है... आज हम आपको दिखाएँगे की दामाद की सेवा कैसे की जाती है....''

अजय तो वैसे भी ये सोच-सोचकर उत्तेजित हुए जा रहा था की किस-2 तरीके से इनकी चुदाई करेगा...
उसकी सासू माँ की इस बात ने तो उसकी उत्तेजना को शिखर पर ही पहुँचा दिया.

अजय की सासू माँ ने आँखो का इशारा करके अपनी बेटियों को कुछ समझाया...
और फिर वो तीनो एक साथ नीचे बैठ गयी और अजय की शॉर्ट्स को खींचकर उसे नीचे गिराते हुए उसके लंड को अपने होंठों से दबोच लिया..

''आआआआआआआआआआआआआआअहह एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स''



अजय के मुँह से सिर्फ़ यही निकल पाया...
आज से पहले उसके लंड को कई बार प्राची चूस चुकी थी....
और उसके बाद इन सबने एक-2 करके कई बार उसे मुँह में लिया था...
नेहा की माँ नीलम ने भी इसकी अच्छे से चुसाई की थी...
उसके दोस्त अनिल की पत्नी अंजलि भाभी ने तो इसका चूस-चूस्कर बुरा हाल कर दिया था...
पूजा की कॉलेज वाली फ्रेंड सोनी ने भी नये तरीके से चूस्कर अजय की उत्तेजना को नयी उँचाई पर पहुँचाया था...
और ऑफीस मे रचना ने तो अजय के लंड को अपनी पर्सनल आइस्क्रीम ही समझ लिया था...आज तक जितनी बार भी उसने चुदाई करवाई थी,हर बार लंड चूसने में उसे चुदाई से ज़्यादा मज़ा आया था.

पर आज जो चुसाई अजय के लंड की हो रही थी...उसका कोई मुकाबला ही नही था.


आख़िरकार एक इंसान की लाइफ में ये पल आता ही कब है, जब उसकी 2 कमसिन सालियाँ और सैक्सी सास इस तरह से उसके लंड को चूस रही हो....
अपने लंड पर एक साथ 3 जोड़ी होंठों की पकड़ का एहसास इस दुनिया के हर सुख से परे था...उपर था....अलग था.

और वो एहसास इस वक़्त अजय को पूरी तरह से मिल रहा था.
अजय किसी सेठ की भाँति सोफे पर बैठा था और उसकी तीनो दासियाँ अपनी मोरनी जैसी गांड मटकाते हुए उसके लंड को दोह रही थी.



अजय की सास कुछ ज़्यादा ही एक्साइटिड थी.

वो अपने दामाद के औजार को अच्छी तरह से मुँह में लेकर सॉफ कर रही थी...
उसे अपनी बेटियों के मुँह में डाल रही थी... उनसे चुस्वा रही थी... और फिर उस गीले लंड को अपने चेहरे पर मल कर उसकी सुगंध को अपने अंदर ले रही थी.



लंड को चेहरे पर रगड़ने के बाद वो उसे अपने मोटे स्तनों पर भी घिस्स रही थी...

अपने लंड पर महसूस हो रहे सासू माँ के निप्पल्स की चुभन अजय को अपनी गांड उठाने पर विवश कर रही थी.


वो उन तीनो के सिर पकड़ कर बारी-2 से अपने लंड पर दबा रहा था...
और जिसका सिर दबाता वो उसके लंड को अंदर ले लेती...
ऐसी आज्ञाकारी फॅमिली कहाँ देखने को मिलती है.

अजय की सासू माँ का एक हाथ अपनी चूत पर भी था..



वो उसे जोरों से रग़ड रही थी...
जैसे रग़ड - 2 कर उसमे से जिन्न निकालना चाहती हो.

उसकी उत्तेजना को देखकर अजय समझ गया की सासू माँ की चूत मारने का समय आ गया है.

पूजा और रिया तो पहले ही मरवा चुकी थी, इसलिए वो अभी के लिए थोड़ा इंतजार कर सकती थी...
पर उससे पहले वो उन तीनो के साथ वो करना चाहता था जो उसने ना जाने कब से सोच रखा था..

उन तीनो को उसने टेबल पर चढ़ा कर घोड़ी बना दिया...

और फिर बारी-2 से सबकी चूत वो अपनी जीभ और होंठों से चूसने लगा.



उन तीनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ रखा था...
और जिसकी चूत पर अजय का मुँह लगता उसका पूरा शरीर सुन्न सा पड़ जाता... और वो अपने हाथ की पकड़ दूसरे पर और ज़्यादा मजबूत कर देती...

अजय अपनी सास की रसीली चूत चूसते हुए अपने दोनो हाथों से पूजा और रिया की चूत को रगड़ भी रहा था...
अपने मल्टी टेलेंटेड दामाद की इस कला को देखकर रजनी मुस्कुराए बिना नही रह सकी...

और बोल भी पड़ी

''ओह दामाद जी....... उम्म्म्ममममममममममम.... क्या चूसते हो आप...... आअहह..... इसी वजह से तो ..... अहह हम सभी......... ऐसे लेटे है..... आपके सामने....... अहह चूसो..... ज़ोर से...... चाटो ........''

अजय को ऐसे मौकों पर अपनी तारीफ हमेशा पसंद आती थी....
जो उसकी पेरफॉर्मंस बड़ाने का काम भी करती थी.

अजय ने उनकी गांड पर थपकी मारकर कहा "चलो....अंदर चलते है... बेड पर.... अब नही रहा जाता...''

अजय की बात सुनकर सभी के चेहरे की खुशी 4 गुना हो गयी...
और सबसे ज़्यादा रजनी का चेहरा खिला...

वो अपनी भरंवा गांड मटकाते हुए बेडरूम की तरफ चल दी.



और अंदर जाकर वो बेड पर बिछ गयी....

उसके साथ-2 रिया और पूजा भी अपनी माँ के पास जाकर लेट गयी..

अजय का पहला शिकार अपनी सासू माँ थी...

उसने अपनी सासू माँ को घोड़ी बनाया और उसकी चूत में अपना फौलादी लंड पेल दिया..


 लंड अंदर जाते ही वो घोड़ी की तरह हिनहिनाने लगी...
और अपनी गांड उछाल -2 कर अपने दामाद का लंड अंदर पिलवाने लगी..



घोड़ी बनकर चुदाई करवाने में जो मज़ा है, वो किसी और आसन में नही है....
रजनी अपने एक्सपीरियन्स का आज पूरा लाभ उठा रही थी.

हर झटके से उसके मोटे मोम्मे पेड़ से लटकी मटकी की तरह आपस में खनक जाते.

अजय भी उसके भरे हुए कुल्हो के बीच अद्रिश्य हो रहे अपने लंड को देखकर मस्ती में भर चुका था...

उसने घुमा कर अपनी सास को नीचे लिटा दिया.... ताकि वो उसके हिलते हुए मुममे देख सके..

उसकी चूत में एक बार फिर से लंड पेलकर जब उसने धक्के मारे तो अपनी माँ की चीखों को दबाने के लिए पूजा को उनके मुँह पर आकर बैठना पड़ा...

ये पहला मौका था जब रजनी अपनी खुद की बेटी की चूत को चाट रही थी....
उसकी चूत से ठीक वैसी ही महक आ रही थी, जैसी उसकी खुद की चूत में से आती थी...
इसलिए उसे वो काफ़ी स्वाद लगी...
वो चपर -2 करके उसकी शहद उड़ेलती चूत में से मिठास निकाल कर चाटने लगी..

नीचे से अजय ने उसकी चूत में धक्के दे-देकर उसे रेलगाड़ी बना रखा था...
हर झटके से उसके मोटे मुममे उपर तक उछल जाते.. और उसकी रेलगाड़ी अगले स्टेशन पर पहुँच जाती



अजय का बस चलता तो अभी के अभी उनकी चूत में झड़कर काम तमाम कर देता..

पर वो जानता था की हर एक को हर तरह के एंगल से चोदने के लिए उसे अपना माल अंत तक बचाकर रखना होगा...

इसलिए वो हर 2 मिनट में आसन चेंज कर रहा था...
और ऐसा करते हुए उसके लंड के सिरे तक आए रस को भी वापिस जाने का समय मिल जाता था..


उसने फिर से लंड बाहर निकाला और अपनी प्यारी सासू माँ को अपने उपर लाकर बिठा दिया.

अपनी दोनो बेटियों की मदद से वो अजय के घोड़े पर सवार होकर उसकी सवारी करने लगी...
झटके लेते हुए, अपनी चूत की मालिश करवाने लगी...



अजय तो काफ़ी कंट्रोल करके और एंगल चेंज कर-करके उसकी चूत मार रहा था....
पर रजनी से इस बार अपने ऊपर कंट्रोल नही हुआ...
और वो दामाद जी के लंड पर , अपनी चूत से निकले देसी घी का अभिषेक करते हुए, झड़ने लगी..

''आआआआआआआआअहह उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़....... आआआआआआआआआ ..... मैं तो गई......''

अपनी माँ के अकड़ रहे शरीर को दोनो बेटियों ने बड़े प्यार से संभाला ...
और उन्हे अजय के घोड़े से उतार कर नीचे लिटा दिया...

रजनी अभी भी आँखे मूंदे , अपने ऑर्गॅज़म से उभरने की कोशिश कर रही थी.

और वो दोनों अपने प्यारे जीजू के लंड से चुदने की तैयारी 


 अपनी को बंद आँखे करे अपनी ही दुनिया में मग्न रजनी अपनी रस से भीगी चूत को रगड़ रही थी...
उन्हे ऐसा करते देखकर पूजा का प्यार अपनी माँ के लिए उमड़ पड़ा....
पूजा ने अपनी माँ की रिस रही चूत पर मुँह लगाया और उसे चूसने लगी.



और तब तक चूसती रही ,जब तक वो एकदम सूख नही गयी...
अपनी बेटी के इस काम की रजनी ने दिल खोलकर तारीफ की और फिर उसे धक्का देके अपने दामाद की तरफ भेजा...
अब वो आराम से बैठकर अपनी बेटी और भांजी की चुदाई का खेल देखना चाहती थी.

अजय के उपर तो पहले से रिया चढ़ी हुई थी....
उसके नर्म मुलायम होंठों को बुरी तरह से चूस रहे अजय को एकदम से एहसास हुआ की उसके लंड को पूजा ने अपने मुँह में ले लिया है.

जिस रस की महक पूजा ने अपनी माँ की चूत चाटकर ली थी,लगभग वही महक अजय के लंड से भी आ रही थी...
वो उसे उपर से नीचे तक चूसने लगी....
रिया तो अपनी ही मस्ती में अपने जीजू के उपर सवार होकर उनके होंठों को चूस रही थी.



सोफे पर बैठी उसकी माँ ये देखकर आनंद से भर गयी की जिस बेटी को उन्होने इतने लाड प्यार से पाल पोसकर बड़ा किया था,वही आज कितनी मस्ती में भरकर अपने जीजू का लंड चूस रही थी....
बिल्कुल उसपर गयी थी वो....
उसके चूसने का तरीका, सैक्स के लिए मचलने का जुनून ठीक वैसा ही था, जैसा उसके अंदर था.
जैसी माँ, वैसी बेटी.

ये सब सोचकते-2 वो मंद-2 मुस्कुरा रही थी....

और ये भी सोच रही थी की उसे कितना अच्छा दामाद मिला है....
उसकी बड़ी बेटी से शादी करी...
उसके लंड में कितनी जान है, अपनी सासू माँ, उसकी दोनो बेटियों और रिया को भी चोद डाला उसने...
भगवान ऐसा दामाद हर घर में दे.

वैसे वो दुआ तो यही माँग रही थी की ऐसा दामाद हर घर में दे, पर वो ये नही जानती थी की दामाद तो होते ही ऐसे है... वो तो उन्हे कोई मौका नही मिलता, वरना अपने ससुराल की हर चूत को वो बजा डाले...
फिर चाहे वो साली हो , सास हो, या साले की घरवाली....

पर इस वक़्त जो जीजा साली के बीच चुदाई का खेल शुरू हो चुका था, उसके बीच अपनी इस सोच को रजनी ने ब्रेक लगा दी, क्योंकि सामने का नज़ारा था ही इतना उत्तेजक की ना चाहते हुए भी उसके हाथ अपनी ताज़ा चुदी चूत पर फिर से थिरकने लगे..


अजय ने एक झटके में रिया को नीचे लिटा दिया और पूजा को उसके उपर घोड़ी बना कर उसकी चूत में पीछे से अपना लंड पेल दिया...




वो गुनगुना उठी .... और नीचे झुकते हुए उसने अपनी बहन रिया के होंठों पर चोंच मारी... और फिर उसे चूसने लगी.

अजय के हरयाणवी झटके इतने तेज थे की उन्हे आपस में चूमने का टाइम ही नही मिल पा रहा था...
वो एक दूसरे के होंठों को मुँह में लेते पर पीछे से आ रहे झटके से वो फिर से निकल जाते...
ऐसा काई बार हुआ तो उन्होने कोशिश करनी ही छोड़ दी..

पर बदले में नीचे लेटी रिया ने अपनी बहन के स्तनों को मुँह में भर लिया..

और जब उसके निप्पल्स को मुँह में लेकर चूसा तो पूजा की चीखों में चार चाँद लग गये...
एक तो वैसे ही उसकी चूत में पड़ने वाले झटके पहले से तेज हो चुके थे, उपर से रिया के पैने दांतो ने उसके निप्पल्स की परतों को काट कर लाल कर डाला था....
एक साथ अपने दोनो सेंसेटिव पायंट्स पर हमला होता देखकर वो बेचारी चिल्लाने के सिवा कुछ कर ही नही सकती थी..

''आआआआआआआआआआआआअहह ओह फककक ऑश फककक..... माय गुडनेस .... वॉट ए फीलिंग..... जीजू.... उम्म्म्मममम एसस्स.... ज़ोर से.... अहह चोदो मुझे...... अहह जीजू..... उम्म्म्मममम क्या लंड है आपका..... अहह..... रिया...... साली कुतिया..... धीरे काट ना..... अहह एसस्स...... ऐसे ही .... चूस इसे..... साली ...... भेंन चोद ...... अहह वाहह उम्म्म्मममम''



भले ही चुद इस वक़्त पूजा रही थी, पर अजय के लंड को इस वक़्त रजनी भी महसूस कर रही थी....
कैसा रिश्ता बन गया था उसका अपने दामाद के साथ....
बिना लंड डाले भी वो उसे अपनी चूत में महसूस कर पा रही थी.

पूजा के नीचे लेटी हुई रिया की चूत भी कब से कुलबुला रही थी....
उसने जब अजय के लंड पर हाथ रखकर उसे माँगा तो अजय ने अपना लंड निकाल कर उसकी चूत में डाल दिया...

अपनी चूत से लंड के निकलने से जो ख़ालीपन पूजा को महसूस हुआ, उसे दूर करने के लिए वो पलटकर रिया के मुँह पर जा बैठी....
भले ही रिया सबसे छोटी थी, पर इस वक़्त वो अपनी बड़ी बहन को मुँह पर बिठाकर बड़े मज़े से उसकी चूत चाट भी रही थी और अपने जीजू के लंड को अंदर लेकर अपनी चूत मरवा भी रही थी.

अजय ने उसकी दोनो टाँगो को पकड़कर उसकी स्मूथ सी चूत में लंड पेलना चालू रखा.


 उपर से पूजा के नर्म हाथ उसके मुम्मो को भी मसल रहे थे....
जो मज़ा वो चूत चूस्वाकर ले रही थी, वो सूद समेत रिया को वापिस भी कर रही थी...

अचानक रिया ने अपनी बहन की चूत चाटते-2 कुछ ऐसा किया की पूजा बिल्ली की तरह हवा में उछल गयी....

उसने पूजा की गांड के छेद में जीभ डाल दी...
ये एक ऐसा पॉइंट था जिसपर जीभ मात्र लगने से पूजा को एक ऑर्गॅज़म का एहसास हो गया....
सिर्फ़ जीभ लगने से ही वो सिहर कर रह गयी तो जब उसके अंदर लंड जाएगा तो कैसा लगेगा उसे.

रिया की चूत मार रहे अजय ने जब पूजा के चेहरे के एक्शप्रेशन देखे तो वो समझ गया की उसके साथ क्या हुआ है...

उसने रिया को बोला : "रिया.... मेरी जान..... लगता है तुम्हारी दीदी की गांड मारने का टाइम आ गया है.... ज़रा तैयार तो करो उसकी गांड को.... मेरे लंड के लिए...''

बस फिर क्या था, अपने जीजू की आज्ञा का पालन करते हुए रिया ने उसकी गांड को थूक से भर दिया....
जीभ को कड़ा करके अंदर भी डाल दिया, और ये सब महसूस करके और आने वाली गांड मरवाई की कल्पना करके पूजा अपनी उत्तेजना के शिखर पर पहुँच गयी और उसने आवेश में आकर रिया के स्तनों को और ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया...जिसके परिणामस्वरूप वो एक जोरदार झटके से झड़ने लगी...

चूत में जीजे का लंड और मुम्मो पर बहन के हाथ...
इतना बहुत थे उसके ऑर्गॅज़म को लाने के लिए.


''आआआआआआआआआआआआअहह जीजू..................आई एम कमिंग......''

पर उसने पूजा की गांड चूसनी नही छोड़ी....

जल्द ही अजय ने अपना लंड उसकी गीली चूत से बाहर निकाल लिया...

जिसे देखकर उसकी सासू माँ मुस्कुराइ और बोली : "टू डाउन.... वन मोर टू गो....''

उसका इशारा अपनी बेटी की तरफ था....
जो अभी तक झड़ी नही थी...
पर झड़ने से पहले वो अपनी गांड मरवाने की तैयारी कर रही थी..

आज वो किसी भी कीमत पर ये काम कर लेना चाहती थी.

अजय ने आज दूसरा तरीका निकाला उसकी गांड मारने का...

उसे बेड पर साइड पोज़ में लिटा दिया और उसकी भारी और गीली गांड में उसने अपना मोटा लंड जाकर फँसा दिया....



एक तो पहली बार गांड मरवाने की लालसा और उपर से उत्तेजना अपनी चरम सीमा पर थी, इसलिए पूजा को ज़्यादा पता नही चला...
बाकी का काम रिया ने आसान कर दिया...
वो अपने सूपरविसन में अजय के लंड को धीरे-2 पूजा की गांड में धकेलने लगी..

धीरे-2 करके पूरा का पूरा लंड उसकी कसी हुई गांड में समा गया.

ऐसा लगा जैसे साहिल को मंज़िल मिल गयी...
पूजा को दर्द तो काफ़ी हुआ पर उसकी होसला अफजाही के लिए इस वक़्त उसकी माँ और बहन साथ थी, इसलिए उसने उस दर्द को नरंदाज करते हुए मौके के हिसाब से मस्ती लेनी शुरू कर दी...
शुरूवात के कुछ झटके अजय को धीरे-2 लगाने पड़े, बाद में तो पूजा खुद अपनी गांड में उसके लंड को लेने के लिए आगे-पीछे होने लगी...

और जल्द ही बड़े आराम से अजय का लंड उसकी गांड की टनल में सीटियाँ बजाता हुआ जा रहा था...
हर झटके से वो पूरी हिल जाती और उसकी बहन उसके हिलते हुए शरीर को धकेल कर फिर से जीजू के सपुर्द कर देती...

दोनो बहनो की मिलीभगत और कसी हुई गांड के छल्ले ने अपना कमाल दिखाया और आख़िरकार अजय के लंड ने पानी निकालना शुरू कर ही दिया..


 आख़िरी मौके पर उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया...
और उन तीनो के चेहरे एक के बाद एक रंगने शुरू कर दिए...

सबसे पहले उसके निशाने पर आई उसकी सबसे छोटी साली रिया....
क्योंकि उसे जीजू के लंड का पानी सबसे ज़्यादा पसंद था..



रिया के चेहरे पर एक के बाद एक कई रिकेट दाग दिए अजय ने....

फिर उसने अपनी गन को पूजा के चेहरे की तरफ किया....
तब तक अजय की सास भी पूजा के साथ आकर बैठ गयी...
अजय ने अपना बचा हुआ गाड़ा और सफेद रस उन दोनो माँ बेटियों के उपर खाली कर दिया..

तीनो के चेहरे पर हल्की बर्फ सी जम गयी थी....
चेहरे पर सफेद पानी की परत ने उनके चेहरों को और भी सेक्सी बना दिया था.

रिया के चेहरे की चमक देखते ही बनती थी.



पूजा की आँखो में अपनी चूत के साथ-2 गांड मरवाने की खुशी भी सॉफ झलक रही थी...
चेहरे से फिसलती गाड़े रस की बूंदे उस बात की गवाही दे रही थी..



और अजय की सासू माँ के तो क्या कहने...
वो तो अपनी आँखे मूंदे उन बूँदों को चेहरे पर रखकर ऐसा फील कर रही थी जैसे सीप को मोती मिल गये हो....
उन मोतियों के गर्म और नर्म एहसास को वो पूरी जिंदगी भूलना नही चाहती थी...



उसके बाद सब मिलजुलकर बाथरूम में गये और एकसाथ नहाए... बाद में पूरी रात वो खेल ऐसे ही चला.

2 दीनो के बाद प्राची की भी छुट्टी हो गयी....
अजय के घर वाले भी गाँव से आ गये थे...
अपनी बेटी के आगमन की खुशी में अजय ने एक छोटी सी पार्टी भी दी....


उसकी मेहनत की वजह से कंपनी को वो ऑर्डर तो मिल ही चुका था, इसलिए उसकी सैलेरी भी बढ़ गयी...
ये सब खुशियों को वो अपनी बेटी की किस्मत से जोड़कर देख रहा था.

अजय की लाइफ ऐसे ही चलती रही....
हालाँकि बेटी होने के बाद उसने अपने सभी रिश्तों पर थोड़ी बहुत लगाम लगा दी थी,पत्नी के वास्ते वो पहले से ज्यादा सिनसेयर हो गया था.
पर वो कहते है ना मर्द और बंदर कभी गुलाटी मारना छोड़ सकते...
इसलिए धीरे-२ उसकी लाइफ पहले जैसी रंगीन हो गयी, मजे की बात ये थी की आज तक प्राची को उसने भनक तक नहीं लगने दी थी अपनी रंगीन लाइफ की
जब भी उसे मौका मिलता, वो अपनी सालियों के साथ...
ऑफीस में रचना के साथ...
और अपने दोस्त की बीबी अंजलि के साथ भी खूब मजे करता.
और कभी-2 तो पूजा की कॉलेज वाली फ्रेंड सोनी भी उसे बुला ही लेती थी....

पर इन सबसे ज़्यादा उसने अपनी सासू माँ की चूत मारी....
और रजनी भी अपने दामाद के शक्तिशाली लंड से चुदने में कभी नही थकती थी...
आख़िरकार वो उसका प्यारा 'ठरकी दामाद' जो था.

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समाप्त
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